PTB News

Latest news
ब्रिटिश ओलिविया स्कूल, में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मनाया बाल गोपाल महोत्सव, सेंट सोल्जर ग्रुप की विभिन्न स्कूल शाखाओं में धूमधाम से मनाई गई श्री कृष्ण जन्माष्टमी, इनोसेंट हार्ट्स स्कूल में हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव से मनाया गया जन्माष्टमी उत्सव, रचनात्मकता एवं उल्लास के साथ नन्हे विद्यार्थियों ने मनाई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, एचएमवी, जालंधर् ने बढ़ाया राष्ट्रीय गौरव - प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ‘एजुप्रेन्योर ऑफ द ईयर 2026’ से... Pyramid E-Services में घुस कर मैनेजर से मारपीट, स्टाफ का पर्स चोरी करने वाले मां-बेटे सहित 20 पर दर्... US President Donald Trump को उस समय एक जोरदार झटका लगा एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने महिला के पास से बरामद किया 2.18 करोड़ का सोना 2 लाख अतिनिर्धन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली व महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपए जन्माष्टमी पर मुस्लिम आर्टिस्ट ने बनाईं भगवान कृष्ण की अद्भुत ऑयल पेंटिंग

इनोसेंट हार्ट्स का प्रांगण हुआ भक्तिमय : गूँजे भक्ति के स्वर,

innocent-hearts-resonated-with-echoes-of-devotion-jalandhar

.

.

PTB News शिक्षा : इनोसेंट हार्ट्स स्कूल ग्रीन मॉडल टाऊन, लोहारां,कैंट जंडियाला रोड व कपूरथला रोड में ‘एक दिन उस रब के नाम’ का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने शबद-गायन कर पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया‌। इस कार्यक्रम में कक्षा पाँचवीं ‘अ’ के बच्चों ने ‘विन बोल्या सब किश जानदा’ शब्द-गायन कर ईश्वर के सर्वव्यापी व सर्वज्ञाता रूप की महिमा का बाख़ान किया है।

.

.

कक्षा पाँचवीं ‘बी’ के बच्चों ने ‘सूरज की गर्मी से’ भजन गायन कर यह संदेश दिया है कि ईश्वर की शरण में जाने से सब पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष का द्वार खुल जाता है। कक्षा पाँचवीं ‘सी’ के छात्रों ने ‘गुरु का दर्शन देख-देख जीवां’ शबद-गायन के माध्यम से बताया है कि जीवात्मा- परमात्मा के सामीप्य में रहकर ही अथाह सुख का अनुभव करती है। तथा कक्षा पाँचवीं ‘डी’ के छात्रों ने ‘तेरी है ज़मीं तेरा आसमां’ शबद-गायन किया।

.

.

इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में आध्यात्मिक मूल्यों का विकास करते हुए उन्हें धार्मिक प्रवृत्ति की ओर उन्मुख करना था। मंच का संचालन विद्यार्थियों द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। डिप्टी डायरेक्टर कल्चरल अफेयर्स श्रीमती शर्मिला नाकरा ने बच्चों को बताया कि हमें जाति-पाति से ऊपर उठकर परमात्मा की उस सर्वोच्च सत्ता को स्वीकार करना चाहिए क्योंकि परमात्मा तो एक ही है और सबकी साँसों में वही बिराजमान है, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारो।

.

.