PTB News

Latest news
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री से की भेंट... सेंट सोल्जर डिवाइन पब्लिक स्कूल, अर्जुन नगर ने 'लाइफ ऑफ ए ड्रॉप' साइंस एक्टिविटी का आयोजन किया, एच.एम.वी. में कौशल विकास पर वर्कशाप का आयोजन, इनोसेंट हार्ट्स के विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित शतरंज टूर्नामेंटों में किया शानदार प्रदर्शन, BJP में 4 दिग्गज नेताओं की एंट्री, पूर्व सांसद-MLA, पूर्व अकाली नेता, व CM भगवंत मान के पूर्व OSD भी... ਲਾਇਲਪੁਰ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਦੇ ਅਧਿਆਪਕ ਡਾ. ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਨੇ ਡੀਨ ਸਪੋਰਟਸ ਵਜੋਂ ਸੰਭਾਲਿਆ ਅਹੁਦਾ एच.एम.वी. में नव सत्र के शुभारंभ में हवन यज्ञ का आयोजन, मुंबई में 9 साल बाद हो रहे 29 नगर निगमों पर चुनाव, मतदान केंद्रों पर लगी लाइनें, CM भगवंत मान श्री अकाल तख्त पर पहुंचे, 12 बजे जत्थेदार को देंगे स्पष्टीकरण, जालंधर में स्कूल बस ड्राइवर की संदिग्ध मौत के बाद परिवार ने लगाए पुलिस पर गंभीर आरोप,
Translate

मौ+त के मीठे जहर ने 11 मासूमों की ली जा+न, दो राज्यों में मचा हड़कंप,

madhya-pradesh-rajasthan-cough-syrup-linked-to-11-children-deaths-in-madhya-pradesh-kidney-failure-sad-news

PTB Sad न्यूज़ मध्य प्रदेश / राजस्थान : मध्य प्रदेश और राजस्थान में खांसी की एक आम दवा बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। दोनों राज्यों में अब तक 11 बच्चों की किडनी फेल होने से दर्दनाक मौत हो चुकी है। साधारण सर्दी-बुखार के बाद दिए गए कफ सिरप को इन मौतों का जिम्मेदार माना जा रहा है, जिसने स्वास्थ्य विभाग से लेकर माता-पिता तक को दहशत में डाल दिया है।

.

.

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हालात सबसे गंभीर हैं, जहां पिछले पंद्रह दिनों में नौ बच्चों ने दम तोड़ दिया है, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। छिंदवाड़ा में मरने वाले नौ बच्चों में से कम से कम पांच ने कोल्डरेफ (Coldref) और एक ने नेक्ट्रो (Nextro) सिरप लिया था। इन बच्चों की मौत किडनी फेल होने की वजह से हुई। परासिया के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट शुभम यादव ने नौ बच्चों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

.

madhya-pradesh-rajasthan-cough-syrup-linked-to-11-children-deaths-in-madhya-pradesh-kidney-failure-sad-news

.

स्वास्थ्य विभाग 1,420 बच्चों की सूची बनाकर उन पर कड़ी नजर रख रहा है, जिनमें सर्दी, बुखार या फ्लू जैसे लक्षण हैं। किसी भी बच्चे की तबीयत दो दिन से ज्यादा खराब होने पर उसे सीधे सिविल अस्पताल में भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सभी मौतों के केंद्र में डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड (Dextromethorphan hydrobromide) नामक कफ सिरप है। डॉक्टरों के अनुसार, यह एक खांसी कम करने वाली दवा है जो सूखी खांसी में दी जाती है।

.

.

यह मस्तिष्क में खांसी पैदा करने वाले संकेतों को रोककर काम करती है। हालांकि, डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यह दवा 2 साल से कम उम्र के बच्चों को बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए। 2 से 6 साल के बच्चों को भी इसकी सटीक खुराक देना बेहद जरूरी है। बिना डॉक्टरी सलाह के इसका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है, जिससे चक्कर आने से लेकर किडनी और लिवर पर गंभीर असर पड़ सकता है।

.

.

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश और राजस्थान, दोनों राज्यों की सरकारें हरकत में आ गई हैं। दवा की बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने दोनों राज्यों से पानी और दवाओं के सैंपल इकट्ठे किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, RMSCL ने सिरप के 19 बैचों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग ने माता-पिता और डॉक्टरों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है।

Latest News