PTB News

Latest news
ब्रिटिश ओलिविया स्कूल, में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मनाया बाल गोपाल महोत्सव, सेंट सोल्जर ग्रुप की विभिन्न स्कूल शाखाओं में धूमधाम से मनाई गई श्री कृष्ण जन्माष्टमी, इनोसेंट हार्ट्स स्कूल में हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव से मनाया गया जन्माष्टमी उत्सव, रचनात्मकता एवं उल्लास के साथ नन्हे विद्यार्थियों ने मनाई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, एचएमवी, जालंधर् ने बढ़ाया राष्ट्रीय गौरव - प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ‘एजुप्रेन्योर ऑफ द ईयर 2026’ से... Pyramid E-Services में घुस कर मैनेजर से मारपीट, स्टाफ का पर्स चोरी करने वाले मां-बेटे सहित 20 पर दर्... US President Donald Trump को उस समय एक जोरदार झटका लगा एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने महिला के पास से बरामद किया 2.18 करोड़ का सोना 2 लाख अतिनिर्धन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली व महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपए जन्माष्टमी पर मुस्लिम आर्टिस्ट ने बनाईं भगवान कृष्ण की अद्भुत ऑयल पेंटिंग

मौ+त के मीठे जहर ने 11 मासूमों की ली जा+न, दो राज्यों में मचा हड़कंप,

madhya-pradesh-rajasthan-cough-syrup-linked-to-11-children-deaths-in-madhya-pradesh-kidney-failure-sad-news

PTB Sad न्यूज़ मध्य प्रदेश / राजस्थान : मध्य प्रदेश और राजस्थान में खांसी की एक आम दवा बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। दोनों राज्यों में अब तक 11 बच्चों की किडनी फेल होने से दर्दनाक मौत हो चुकी है। साधारण सर्दी-बुखार के बाद दिए गए कफ सिरप को इन मौतों का जिम्मेदार माना जा रहा है, जिसने स्वास्थ्य विभाग से लेकर माता-पिता तक को दहशत में डाल दिया है।

.

.

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हालात सबसे गंभीर हैं, जहां पिछले पंद्रह दिनों में नौ बच्चों ने दम तोड़ दिया है, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। छिंदवाड़ा में मरने वाले नौ बच्चों में से कम से कम पांच ने कोल्डरेफ (Coldref) और एक ने नेक्ट्रो (Nextro) सिरप लिया था। इन बच्चों की मौत किडनी फेल होने की वजह से हुई। परासिया के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट शुभम यादव ने नौ बच्चों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

.

madhya-pradesh-rajasthan-cough-syrup-linked-to-11-children-deaths-in-madhya-pradesh-kidney-failure-sad-news

.

स्वास्थ्य विभाग 1,420 बच्चों की सूची बनाकर उन पर कड़ी नजर रख रहा है, जिनमें सर्दी, बुखार या फ्लू जैसे लक्षण हैं। किसी भी बच्चे की तबीयत दो दिन से ज्यादा खराब होने पर उसे सीधे सिविल अस्पताल में भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सभी मौतों के केंद्र में डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड (Dextromethorphan hydrobromide) नामक कफ सिरप है। डॉक्टरों के अनुसार, यह एक खांसी कम करने वाली दवा है जो सूखी खांसी में दी जाती है।

.

.

यह मस्तिष्क में खांसी पैदा करने वाले संकेतों को रोककर काम करती है। हालांकि, डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यह दवा 2 साल से कम उम्र के बच्चों को बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए। 2 से 6 साल के बच्चों को भी इसकी सटीक खुराक देना बेहद जरूरी है। बिना डॉक्टरी सलाह के इसका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है, जिससे चक्कर आने से लेकर किडनी और लिवर पर गंभीर असर पड़ सकता है।

.

.

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश और राजस्थान, दोनों राज्यों की सरकारें हरकत में आ गई हैं। दवा की बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने दोनों राज्यों से पानी और दवाओं के सैंपल इकट्ठे किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, RMSCL ने सिरप के 19 बैचों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग ने माता-पिता और डॉक्टरों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है।