PTB News

Latest news
ਲਾਇਲਪੁਰ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਦੇ ਐਮ.ਏ. (ਭੂਗੋਲ) ਦੇ ਸਮੈਸਟਰ ਚੌਥਾ ਦੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਰਿਹਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ, पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर विमेन, जालंधर की B.P.E.S. I की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया, एलपीयू में पढ़ने वाले 58 भारतीय खिलाड़ी जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 15 खेलों में भारत क... रयात बाहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह एवं विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 का भव... पंजाब में कारोबारी ने फ्री iPhone के लिए 10 महिलाओं के नाम निकाला ड्रॉ, मिलेगा आईफोन-17 साबुन-शैम्पू-टूथपेस्ट वेज हो या नॉनवेज? केंद्र सरकार ने बदल दिए नियम, अब ऐसे होगा खुलासा GNA University ने “आभार 2026” – अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह का आयोजन कर शिक्षकों को किया सम्म... कुल्लू में हुआ बड़ा हादसा, 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, 4 लोगों की मौत, 1 की हालत नाजुक कनाडा में पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण बना RS Global CM ने किया बड़ा ऐलान, विधवाओं के बच्चों को 27 साल तक मिलेंगे 1000 रुपए प्रतिमाह

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सिख भाईचारे के लिए जारी कि बड़ी खबर, जाने

Civil Aviation Ministry released big news for Sikh brotherhood, know

PTB Big News नई दिल्ली : नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाई यात्रा में अब सिखों को कृपाण साथ ले जाने की अनुमति दे दी है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। इस आदेश के बाद अब सिख यात्री कृपाण के साथ हवाई जहाज में सफर कर सकेंगे। मंत्रालय की तरफ से जारी द‍िशा-न‍िर्देश में कहा गया है कि कृपाण के ब्लेड की लंबाई 15.24 सेमी से अधिक नहीं होनी चाह‍िए। इसके मुताबिक यात्री अपने साथ 22.86 सेमी तक की कृपाण ले जा सकेंगे। यह इजाजत घरेलू यात्री विमानों के दी गई है।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने भारत सरकार को चेताया है कि कोई भी आदेश जारी करने से पहले सिखों की धार्मिक आजादी का ध्यान रखा जाए। गौरतलब है कि उड्‌डयन मंत्रालय ने आदेश जारी कर भारतीय एयरपोर्ट्स पर सिख कर्मचारियों को धारण की गई कृपाण ना लेकर जाने के आदेश दे दिए थे। सिख धर्म में धारण किए जाने वाले पांच ‘क’ में कृपाण भी है। जिसके बाद SGPC के प्रधान एडवोकेट धामी ने उड्डयन मंत्रालय को खत लिखा था और ऐतराज जताया था कि ऐसा करके उड्‌डयन मंत्रालय सिखों की आजादी को छीनने का प्रयास कर रहा है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया को लिखे खत में प्रधान धामी ने कहा था कि भारत सरकार को भूलना नहीं चाहिए कि भारत की आजादी के लिए सिखों का सबसे अधिक योगदान रहा है। आज भी देश का जो सभ्याचार बचा है, वे सिखों के कारण ही है। इस खत के भेजे जाने के 5 दिनों के अंदर ही उड्‌डयन मंत्रालय ने अपने आदेशों को वापस ले लिया है। धामी ने कहा है कि यह आदेश लेना अच्छी बात है, लेकिन भारत सरकार को यह आदेश जारी करने से पहले ही सोचना चाहिए था। वह उम्मीद करते हैं कि भविष्य में सिखों और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक आजादी के खिलाफ ऐसा कोई आदेश सरकार की तरफ से जारी नहीं किया जाएगा।