PTB Big न्यूज़ लंदन : सिख युवक को यूके में उम्रकैद की सजा हुई है। 18 साल के विक्रम ने 18 साल के स्टूडेंट हेनरी नोवाक की श्री साहिब से हत्या कर दी थी। हत्या के मामले में उसकी मां को भी अरेस्ट किया गया है। उस पर हत्या के बाद श्री साहिब छिपाने के आरोप हैं। घटना के बाद यूके में श्री साहिब पहनने पर बैन की मांग उठी, लेकिन 3 जून को यूके की संसद ने इस मांग को खारिज कर कहा कि एक घटना से पूरे सिख समाज की धार्मिक आजादी पर रोक नहीं लगाई जा सकती।
.यूके के साउथहैम्प्टन में हुई इस घटना ने सिख समुदाय सहित पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। दिसंबर 2025 में यूनिवर्सिटी ऑफ साउथहैम्प्टन में फाइनेंस की पढ़ाई करने वाले हेनरी नोवाक की रात को हॉस्टल लौटते समय हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कोर्ट ने सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 23 साल के आरोपी विक्रम डिगवा ने आरोप लगाया था कि उस पर नस्लीय टिप्पणी की गई है, लेकिन पुलिस जांच में ये साबित नहीं हो पाया।
.पुलिस ने घटना के बाद सबूतों को मिटाने का भी केस दर्ज किया। 18 साल के विक्रम को कम से कम 21 साल जेल में बिताने होंगे। पुलिस के अनुसार विक्रम के पास 21 सेंटीमीटर की कृपाण (श्री साहिब) थी, जिससे उसने हेनरी की छाती, पीठ और पैरों में 5 बार वार किए। हेनरी ने खुद को बचाने के लिए भागने की कोशिश की और अपने फोन से वीडियो भी बनाई। UK के साउथहैम्प्टन की पुलिस ने कोर्ट में बताया कि इस मामले में सबसे हैरान करने वाला पहलू आरोपी का झूठ है।
.घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो विक्रम ने झूठी कहानी गढ़ते हुए दावा किया कि हेनरी ने उस पर नस्लीय टिप्पणी की थी और सिख होने के कारण गालियां दी थीं। इस झूठी गवाही के आधार पर पुलिस ने लहूलुहान और मरते हुए हेनरी को ही हथकड़ियां लगा दीं। पुलिस के अनुसार हेनरी दर्द से कराहते हुए लगातार कहता रहा कि उसे चाकू मारा गया है और वह सांस नहीं ले पा रहा है, लेकिन विक्रम की झूठी कहानी के चलते उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया।
.अस्पताल में हेनरी की मौत के बाद जब पूरी सच्चाई सामने आई, तो पुलिस को अपनी इस बड़ी गलती के लिए माफी मांगी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी की मां किरन कौर ने वारदात के बाद कृपाण को छिपाने में अपने बेटे की मदद की थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए जज विलियम ऑजली केसी ने विक्रम को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए कहा कि उसने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। अपने इस कारनामे से पूरे सिख समुदाय का नाम भी बदनाम किया।
.कोर्ट में हेनरी के पिता मार्क नोवाक और माता लूसी रोस ने भावुक और दर्दनाक बयान दिए। बेटे को खोने के गम में डूबे इस परिवार ने ब्रिटेन में चाकू से होने वाले अपराधों पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक आधार पर हथियारों को रखने की मिलने वाली छूट की समीक्षा करने की भी अपील की है, जिससे ब्रिटेन में सिखों के पवित्र ककार ‘कृपाण’ को लेकर नई बहस छिड़ गई।
.हेनरी नोवाक कत्ल मामले में ब्रिटिश पार्लियामेंट (संसद) में 3 जून को सिख ककार कृपाण को लेकर चर्चा हुई। सांसदों ने कृपाण के इस्तेमाल को लेकर अपने विचार रखे। पार्लियामेंट में कई सांसद कृपाण पर बैन लगाने के पक्ष में थे, लेकिन गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा कि एक व्यक्ति के मामले के कारण पूरी कौम को नहीं जोड़ा जा सकता। उन्होंने साफ किया कि कृपाण धारण करना सिखों का एक धार्मिक मामला है और
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दूसरी तरफ किसी का कत्ल करना एक अलग पहलू है। सिख सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी और गुरिंदर सिंह जोशन ने भी इस मामले में सिखों का पक्ष रखा और इसकी वकालत की। इस पुरे मामले को लेकर SGPC के महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल का एक वीडियो सामने आया है। गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि पूरे समुदाय को एक व्यक्ति के मामले से नहीं जोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा है कि
.पूरे समुदाय को एक व्यक्ति की गलती या घटना के आधार पर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। गुरचरण सिंह ग्रेवाल दशकों से अकाली दल और SGPC से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि बीते दिनों विदेश में सिख महिला के साथ रेप और बुजुर्ग सिख से मारपीट जैसी घटनाएं भी हुए हैं, उन्हें टारगेट किया जा रहा है। ये चीजें पिछले दिनों इंग्लैंड के भीतर देखने को मिली हैं। पार्लियामेंट में सिखों के ककार को जो सम्मान दिया गया है, हम उसका स्वागत करते हैं।








































