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अनिल चोपड़ा — एक नाम, एक सोच और एक महान मार्गदर्शक

Article on Chairman Late Sh. Anil Chopra Jiguide

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PTB News “शिक्षा” : अनिल चोपड़ा — एक नाम, एक सोच और एक महान मार्गदर्शक — जो सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, सेंट सोल्जर एजुकेशनल सोसाइटी, पैराडाइस एजुकेशनल सोसाइटी, पीपीआर ग्रुप, होटल रामाडा जालंधर सिटी सेंटर, होटल डेज़ और डेज़ इन होटल के चेयरमैन रहे, 14 अप्रैल 2026 को इस नश्वर संसार को अलविदा कह गए।

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श्री अनिल चोपड़ा का जन्म 26 अप्रैल 1954 को जालंधर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय श्री आर.सी. चोपड़ा तथा माता श्रीमती शांता चोपड़ा थीं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय जालंधर और साई दास स्कूल से प्राप्त की तथा उच्च शिक्षा श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज, चंडीगढ़ से पूरी की। 11 मई 1979 को उनका विवाह श्रीमती संगीता चोपड़ा के साथ हुआ। जिनके घर दो पुत्र राजन चोपड़ा और प्रिंस चोपड़ा का जन्म हुआ।

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श्री चोपड़ा के मन में बचपन से ही समाज और देश के लिए कुछ सार्थक करने की प्रबल इच्छा थी। उनका मानना था कि यदि देश को आगे बढ़ाना है तो युवा पीढ़ी को सही दिशा देना अत्यंत आवश्यक है। उस समय शिक्षा की पहुंच बहुत सीमित थी और उनके माता-पिता का सपना था कि शिक्षा सभी के लिए सुलभ हो। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने मार्च 1958 में शिशु मॉडल स्कूल की स्थापना की। अपने माता-पिता को समर्पण और निष्ठा से कार्य करते हुए देखकर, श्री चोपड़ा ने युवावस्था में ही उनके साथ कदम मिलाया।

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अपनी अथक मेहनत और प्रतिबद्धता से श्री चोपडा एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संगीता चोपडा ने मिलकर एक छोटे से स्कूल को सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के विशाल रूप में विकसित किया। आज यह समूह उत्तर भारत में — नई दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ सहित — 23 कॉलेजों और 36 स्कूलों के साथ लगभग 44,000 से अधिक विद्यार्थियों को हर वर्ष शिक्षा प्रदान कर रहा है। श्री अनिल चोपड़ा एक अत्यंत विनम्र, शांत, परिश्रमी, अनुशासित और दृढ़ निश्चयी व्यक्तित्व के धनी थे। वे सभी से समान व्यवहार करते थे और बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति का सम्मान करते थे।

वर्ष 1997 में उन्होंने पीपीआर ग्रुप की स्थापना की, जिसके माध्यम से उन्होंने जालंधर में फ्लैट संस्कृति की शुरुआत की और पंजाब की सबसे बड़ी कॉलोनी ‘जालंधर हाइट्स’ का विकास किया। इसके साथ ही उन्होंने रामाडा जालन्धर सिटी सेंटर, होटल डेज़ और डेज़ इन जैसे उत्कृष्ट होटलों की स्थापना भी की। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संगीता चोपड़ा ( वाईस चेयरपर्सन, सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स) और उनके पुत्र राजन चोपड़ा व प्रिंस चोपड़ा हमेशा उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे और हर कदम पर उनका सहयोग किया। श्री चोपड़ा अनेक राजनीतिक नेताओं, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शक भी रहे।

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सेंट सोल्जर ग्रुप के चेयरमैन होने के साथ-साथ उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी सेवाएं दीं, जिनमें कॉन्फेडरेशन ऑफ पंजाब अनएडेड इंस्टीट्यूशन्स (कॉलेज एसोसिएशन) के संरक्षक और सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शामिल है, यह उल्लेखनीय है कि श्री अनिल चोपड़ा को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए क्रेडाई पंजाब द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, विश्व सनातन धर्म सभा द्वारा सनातन रत्न अवार्ड तथा बालासोर यूनिवर्सिटी द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। एक महान शिक्षाविद् होने के साथ-साथ वे एक सफल व्यवसायी भी थे। वर्ष 1980 में उन्होंने रियल एस्टेट योजना में एक व्यवस्थित दृष्टिकोण की शुरुआत की, जो आगे चलकर इस क्षेत्र में एक आदर्श बन गया।

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उनका मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षा प्रदान करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और प्रत्येक व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना था। अपने माता-पिता से प्राप्त संस्कारों और मूल्यों को उन्होंने अपने जीवन का आधार बनाया और उसी परंपरा को अपने बच्चों तक भी पहुंचाया। परिणामस्वरूप उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संगीता चोपड़ा, उनके दोनों पुत्र भी समाज सेवा में सक्रिय हैं और महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। एक उत्कृष्ट मार्गदर्शक होने के साथ-साथ श्री अनिल चोपड़ा एक आदर्श पुत्र, पति, पिता, दादा और भाई भी सिद्ध हुए। स्वर्गीय श्री अनिल चोपड़ा जी की पावन स्मृति में भोग समारोह एवं अंतिम अरदास शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को दोपहर 01:00 बजे से 03:00 बजे तक विक्टोरिया गार्डन, प्रागपुर गांव, जालंधर–फगवाड़ा हाईवे, जी.टी. रोड, जालंधर में आयोजित की जाएगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

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