PTB News “हेल्थ” : पंजाब सरकार द्वारा गरीब व मध्यम वर्ग के लिए शुरू की गई आयुष्मान योजना पंजाब में एक बार फिर से बंद होने जा रही है। पंजाब सरकार ने छह माह से प्रदेश के 700 से ज्यादा प्राइवेट अस्पतालों का 250 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया है। इससे परेशान होकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पंजाब (IMA) सोमवार यानि 9 मई से प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज बंद करने की घोषणा की है।
इस बात की जानकारी खुद IMA के उप-प्रधान डॉ. विकास छाबड़ा ने मीडिया को देते हुए बताया कि निजी अस्पताल सरकार के झूठे भरोसे पर नहीं रहेंगे। सोमवार से न तो योजना के तहत नए मरीजों का भर्ती किया जाएगा और न ही उनका इलाज किया जाएगा। पहले पूर्व कांग्रेस सरकार ने तीन महीने तक अस्पतालों का भुगतान लटकाए रखा था। अब आम आदमी पार्टी की सरकार उन्हें बकाया राशि देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
वहीं उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि, सेहत मंत्री डॉ. विजय सिंगला ने आइएमए के पदाधिकारियों से बैठक कर एक माह के भीतर सभी अस्पतालों का भुगतान करने का आश्वासन दिया था। डेढ़ माह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी कुछ नहीं हुआ है। अस्पतालों की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है। उनके पास अपने स्टाफ को वेतन देने तक के पैसे नहीं बचे हैं।
आपको यह भी बता दें कि सेहत विभाग ने आयुष्मान योजना से पहले वाली बीमा कंपनी बाहर कर दिया है। इसके बाद नई बीमा कंपनी को अब तक योजना में शामिल नहीं किया गया है। इसके चलते पुरानी कंपनी पहले स्पष्ट कर चुकी है कि वह 29 जनवरी के बाद आयुष्मान योजना के तहत होने वाले केसों के क्लेम को स्वीकार नहीं करेगी। ऐसे में सरकार व बीमा कंपनी के बीच चल रहे विवाद के कारण प्रदेश के 700 से ज्यादा निजी अस्पतालों का 250 करोड़ रुपये का बकाया फंसा हुआ है।
































