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आईवी वर्ल्ड स्कूल कक्षा नौवीं की छात्रा हसरत पुरबा ने लिखी ‘रामायण भाग–1’, भारतीय संस्कृति मूल्यों से युवा मन को किया प्रेरित,

Ivy World School-Grade IX Student Author Hasrat Purba’s Ramayana Part 1, Inspiring Young Minds Through India’s Timeless Epic

PTB News “शिक्षा” : वासल एजुकेशन के तत्वावधान में आईवी वर्ल्ड स्कूल के लिए यह अत्यंत गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि कक्षा नौवीं की छात्रा हसरत पुरबा ने ‘रामायण भाग–1’ नामक पुस्तक लिखकर साहित्य के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस पुस्तक में रामायण की आरंभिक कथा से लेकर अरण्यकांड तक की घटनाओं को समाहित किया गया है। यह उपलब्धि हसरत की साहित्यिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत के प्रति उनकी गहरी रुचि को दर्शाती है।

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कहानी लेखन में विशेष रुचि और भारतीय पौराणिक कथाओं के प्रति लगाव रखने वाली हसरत ने भारत के महानतम महाकाव्यों में से एक रामायण को साहित्यिक रूप में प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया है। ‘रामायण भाग–1’ में भगवान श्रीराम के जीवन की प्रमुख घटनाओं को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक साहस, भक्ति, सत्यनिष्ठा, त्याग और दृढ़ संकल्प जैसे शाश्वत मूल्यों को उजागर करती है। इस रचना के माध्यम से हसरत पाठकों को रामायण की अमूल्य शिक्षाओं और जीवनोपयोगी संदेशों से जोड़ने का प्रयास करती हैं।

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एक प्राचीन महाकाव्य को पुस्तक के रूप में प्रस्तुत करने की यह यात्रा हसरत की रचनात्मकता, समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा में विशेष स्थान रखने वाली रामायण का पुनर्लेखन एक सराहनीय पहल है। यह प्रयास हमारी पारंपरिक कथाओं को संरक्षित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों में पढ़ने और लिखने की रुचि विकसित करने के महत्त्व को भी रेखांकित करता है। हसरत की यह उपलब्धि विद्यार्थियों को साहित्य, रचनात्मक अभिव्यक्ति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति अधिक जागरूक एवं प्रेरित करेगी। उनकी सफलता इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि जिज्ञासा, निरंतर प्रयास और उचित प्रोत्साहन से विद्यार्थी अपनी रुचियों को पहचानकर उन्हें सार्थक उपलब्धियों में बदल सकते हैं।

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इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर वासल एजुकेशन के चेयरमैन श्री संजीव कुमार वासल तथा सीईओ श्री राघव वासल ने हसरत को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने उनकी पहल, रचनात्मकता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर अपनी रुचियों और प्रतिभाओं को निखारने के अवसर प्रदान करने के महत्त्व को दर्शाती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि हसरत की यह साहित्यिक यात्रा अन्य विद्यार्थियों को भी लेखन के आनंद को समझने, भारत की समृद्ध साहित्यिक परंपराओं से जुड़ने तथा आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।

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वासल एजुकेशन और आईवी वर्ल्ड स्कूल ने हसरत पुरबा को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। साथ ही, उनके माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस साहित्यिक प्रयास में उनका सहयोग किया और उन्हें प्रोत्साहित किया। हसरत की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जब युवा प्रतिभाओं को खोजने, सृजन करने और निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया जाता है, तो वे ज्ञान, कल्पनाशीलता और सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

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