PTB Big न्यूज़ यूक्रेन : यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों के परिजन लगातार जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम में जानकारी दर्ज करवा रहे हैं, जबकि कई परिजन कंट्रोल रूम में अपने बच्चों के बारे में जानने के लिए बार-बार काॅल कर रहे हैं / ऐसे में आदमपुर से जिला प्रशासन की यूक्रेन हेल्पलाइन पर दो काॅल आईं / परिजनों ने बताया कि उनके बेटों को यूक्रेन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है /
जिला प्रशासन के पास बुधवार को पहली बार ऐसे दो मामले आए हैं, जिनमें यूक्रेन पुलिस द्वारा उनके बच्चों को गिरफ्तार कर लिया गया है / वहां की कोर्ट ने दोनों को दस दिन सजा सुनाई और कहा कि इन्हें वापस भारत भेज दिया जाए, लेकिन बच्चे फिलहाल पुलिस हिरासत में ही हैं / परिजनों ने बताया कि दोनों रोमानिया बाॅर्डर पार कर रहे थे, लेकिन वीजा खत्म होने के कारण गिरफ्तार कर लिए गए /
सरकारी बिल्डिंग्स पर हमले के बाद परिजनों की चिंता बढ़ी / इसके बाद कंट्रोल पर जिन परिजनों ने अपने बच्चों की जानकारी 2 से 3 दिन पहले दर्ज करवाई थी, वे अब दोबारा संपर्क करने लगे हैं / उनका सवाल यही है कि प्रशासन और सरकार उनके बच्चों के लिए क्या कर रहे हैं, जबकि डिप्टी कमिश्नर और अन्य अधिकारियों का बना व्हाट्सएप ग्रुप पूरी कनवरसेशन का संज्ञान ले रहे हैं /
प्रशासन द्वारा ग्रुप में यूक्रेन से लौटने वाले स्टूडेंट्स की जानकारी दी जा रही है और वहां के हेल्पलाइन नंबर भी शेयर कर रहे हैं / आदमपुर के रहने वाले हरमेश लाल ने बताया कि उनका बेटा रमनदीप 2021 में यूक्रेन गया था / उसके साथ पड़ोस में ही रहने वाला रजत सहोता पुत्र सुखपाल भी था / हरमेश और सुखपाल ने बताया कि उनके बेटे यूक्रेन के ओडेसा गए थे / वीजा 9 माह का था, जिसे रिन्यू करवाना चाहा तो कोविड के कारण हो नहीं पाया /
छह फरवरी को वह रोमानिया बॉर्डर से आगे जा रहे थे कि यूक्रेन पुलिस ने पकड़ लिया / तीन दिन पहले बच्चों से आखिरी बार बात हुई थी / तब वे पुलिस की गिरफ्त में थे / बेटों की लोकेशन जुराची कैंप की आ रही थी / उसके बाद न उनका फोन आया और न ही हम संपर्क कर पा रहे हैं / उनका फोन पुलिस के पास ही है / फोन-1- कंट्रोल रूम में सुबह 12 बजे एक युवक ने कॉल की कि वह यूक्रेन जाना चाहता है /
वहां जाकर रूस के साथ युद्ध लड़ेगा / कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारियों ने जब उसे ऐसी सहायता देने से मना किया तो बोला कि फिर मेरी बात एंबेसी के साथ करवाओ / काफी देर वह इसी बात पर अड़ा रहा / फोन-2- दोपहर 2 बजे काॅल आई तो एक अन्य युवक ने यूक्रेन जाने की प्रक्रिया पूछी / जब यूक्रेन जाने का मकसद पूछा तो बोला कि वह वहां फंसे भारतीयों की मदद करना चाहता है, उसे किसी भी तरह यूक्रेन जाने दिया जाए / अधिकारियों ने बताया कि उनके पास जानकारी नहीं है /
































