PTB News

Latest news
2026 में एलपीयू के 56 फैकल्टी सदस्य दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल; 23 सदस्य रिसर्च के अलग-अ... सेंट सोल्जर कॉलेज की छात्रा अंशुल ने रोलर स्केटिंग में जीते चार स्वर्ण पदक, एचएमवी की छात्राओं ने बी.बी.ए. सेमेस्टर- II की यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में मेरिट स्थान हासिल किए एअर इंडिया ने लिया बड़ा फैसला, इन देशों के लिए सभी उड़ानें की रद्द, कहा-मिलेगा रिफंड झोटा हत्याकांड में केंद्र सरकार ने मारी एंट्री, अमित शाह ने दोहराया अपना संकल्प पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक ओर व्यक्ति का किया सरेआम क*त्ल, मचा हडकंप सुप्रीम कोर्ट ने असली पत्रकारों की पहचान और सुरक्षा को बताया बड़ी चुनौती, किस्से मांगा जवाब OSAP विवाद में आया बड़ा यू-टर्न! Gurinder Bhatti पर धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले ने मांगी माफी, वीडिय... पंजाब : परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में आज पंजाब बंद, हाईवे किए गए जाम, मानसा की SHO पर गिर... जीएनए यूनिवर्सिटी ने बहुविषयक अनुसंधान एवं सतत नवाचार पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया,

बड़ी ख़बर, 17 साल बाद मुनाफे में आई BSNL, 262 करोड़ का मिला प्रॉफिट,

usiness-bsnl-turned-profitable-after-17-years-big-news

PTB Big न्यूज़ मुंबई : सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL को वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 262 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। 17 साल में यह पहला मौका है जब कंपनी मुनाफे में आई है। आखिरी बार 2007 में BSNL किसी तिमाही में प्रॉफिटेबल रही थी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार (14 फरवरी) को इसकी जानकारी दी। अक्टूबर-दिसंबर 2024 में कंपनी का मोबिलिटी सर्विस से होने वाले रेवेन्यू में 15% ,फाइबर-टू-द-होम (FTTH) रेवेन्यू में

.

18% लीज्ड लाइन सर्विस से रेवेन्यू में पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 14% की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पिछले चार साल में BSNL का EBITDA 1,100 करोड़ रुपए से दोगुना होकर लगभग 2,100 करोड़ रुपए हो गया। संचार मंत्री सिंधिया ने बताया, ‘कंपनी ने मौजूदा वित्त वर्ष (2024-25) अपनी फाइनेंस कॉस्ट और ओवरऑल एक्सपेंडिचर में कटौती की है, जिससे पिछले साल की तुलना में घाटे में 1,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई है।’

.

उन्होंने कहा कि कंपनी का कस्टमर बेस भी बढ़कर दिसंबर तिमाही में 9 करोड़ हो गया। जून में यह 8.4 करोड़ था। 4G कनेक्टिविटी पर सिंधिया ने बताया कि कंपनी अब देश भर में अपने सभी ग्राहकों को 4G सर्विस प्रोवाइड करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। टारगेट के कुल 100,000 टावरों में से लगभग 75,000 टावर लगाए जा चुके हैं, और लगभग 60,000 शुरू भी हो चुके हैं। हमें उम्मीद है कि इस साल जून तक सभी 100,000 टावर चालू हो जाएंगे।

.

सिंधिया ने बताया कि यह BSNL के लिए एक महत्वपूर्ण टर्निंग प्वाइंट है। BSNLने कई मामलों में सुधार दर्ज किया है। इसमें मोबिलिटी, FTTH और लीज्ड लाइन सर्विस ऑफरिंग तीनों का ग्रोथ शामिल है। कस्टमर एक्सपीरियंस को बढ़ाने के लिए BSNLने नेशनल वाईफाई रोमिंग, BiTV- सभी मोबाइल ग्राहकों के लिए फ्री एंटरटेनमेंट, सभी FTTH ग्राहकों के लिए IFTVऔर माइनिंग सेक्टर में पहली बार प्राइवेट 5G कनेक्टिविटी जैसी सर्विसेज पेश की है।

.

हमें उम्मीद है कि इस साल न केवल पूरे वित्त वर्ष के लिए चौथी तिमाही के अंत में रेवेन्यू बढ़ेगा, बल्कि खर्च को भी काबू में रखा जाएगा। पिछले साल के आंकड़ों से घाटे को भी कम करने की कोशिश रहेगी। EBITDA यानी अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन EBITDA किसी कंपनी की वह टोटल कमाई होती है, जिसमें ब्याज चुकाना, टैक्स देना, एसेट या मशीनों की वैल्यू में गिरावट को कंपनसेट करना और पुराने लोन या

.

कर्ज चुकाने में खर्च होने वाली लागत शामिल नहीं होती है। EBITDA किसी कंपनी या फर्म के ऑपरेशन या उसके संचालन की स्थिति बताता है। इसका उपयोग आमतौर पर कंपनियां अपने बिजनेस को इवैल्यूएट करने के लिए करती हैं। इसे कैलकुलेट करने में लागत या खर्चे को शामिल नहीं किया जाता है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 19 अक्टूबर 2002 को लखनऊ से BSNL मोबाइल सर्विस की शुरुआत की थी।

.

लॉन्च होने के मात्र 1-2 सालों में ये भारत की नंबर वन मोबाइल सर्विस बन चुकी थी। निजी ऑपरेटरों ने BSNL के लॉन्च के महीनों पहले मोबाइल सेवाएं शुरू कर दी थीं, लेकिन BSNL के ‘सेलवन’ ब्रांड की मांग काफी बढ़ गई थी। जब BSNL की सर्विसेज की शुरुआत हुई, उस वक्त प्राइवेट ऑपरेटर 16 रुपए प्रति मिनट कॉल के अलावा 8 रुपए प्रति मिनट इनकमिंग के भी पैसे चार्ज करते थे। BSNL ने इनकमिंग को फ्री किया और आउटगोइंग कॉल्स की कीमत डेढ़ रुपए तक हो गई।

.

2002-2005 का ये वक्त BSNL का सुनहरा दौर था। हर कोई BSNL का सिम चाहता था। इसके लिए 3-7 किलोमीटर लंबी लाइनें लगती थीं। साल 2000 में स्थापना के बाद BSNL के अधिकारी निजी ऑपरेटरों को चुनौती देने के लिए जल्द से जल्द मोबाइल सर्विस शुरू करना चाहते थे, लेकिन उन्हें जरूरी सरकारी सहमति नहीं मिली।
जल्द से जल्द सरकारी सहमति नहीं मिलने का दौर आगे भी जारी रहा। 2006-12 के बीच

जहां BSNL की क्षमता में मामूली इजाफा हुआ, वहीं प्राइवेट ऑपरेटर्स कहीं ज्यादा आगे निकल गए। लोगों ने नेटवर्क कंजेशन और अन्य समस्याओं के कारण BSNL छोड़ प्राइवेट कंपनियों की ओर रुख किया। साल 2010 में जब 3G स्पेक्ट्रम की नीलामी हुई तो सरकारी कंपनी होने के कारण BSNL ने हिस्सा नहीं लिया। बाद में BSNL को उसी दाम पर स्पेक्ट्रम मिले, जिस दाम पर निजी कंपनियों को मिले थे।

BSNL को वायमैक्स तकनीक पर आधारित ब्रॉडबैंड वायरलेस ऐक्सेस (BWA) स्पेक्ट्रम के लिए भी भारी रकम देनी पड़ी। इसका सीधा असर BSNL की आर्थिक स्थिति पर पड़ा। देश में मोबाइल क्रांति जोर पकड़ने के साथ ही लैंडलाइन कनेक्शन में तेजी से गिरावट हुई। 2006-07 में BSNL के 3.8 करोड़ लैंडलाइन ग्राहक थे, जो 2014-15 में घटकर 1.6 करोड़ रह गए। 4जी स्पेक्ट्रम की नीलामी हुई तब भी BSNL को बाहर रखा गया।

इस देरी के कारण जहां प्राइवेट कंपनियां देश में 5G रोलआउट कर चुकी हैं, वहीं BSNL 4G पर ही अटककर रह गई। सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने मंगलवार को सिम कियोस्क सहित 7 नई सर्विसेस लॉन्च की। टेलीकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ये सर्विसेस लॉन्च की है। टेलिकॉम कंपनी का नया लोगो भी अनवील किया गया है।