.
DAV College provided the degree and special honor to a large group of its students
(पढ़ें और देखें पीटीबी न्यूज़ पर)
PTB न्यूज़ “शिक्षा” : डीएवी कॉलेज के ऑडिटोरियम में कॉलेज के वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यातिथि सरदार तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा मुख्य मेहमान उपस्थित हुए, जिनका हार्दिक अभिनदंन इस समारोह के गेस्ट ऑफ ऑनर एवम डायरेक्टर कोलजिस डीएवीसीएमसी डॉ. सतीश शर्मा एवम गेस्ट ऑफ ऑनर नरिंदर सिंह भारज (एम डी ऐक्टिव टूलस),
.
.
लोकल समिति के प्रेजिडेंट रिटायर्ड जस्टिस एन. के. सूद, पूर्व अध्यक्ष श्री कुंदन लाल अग्रवाल, एल ए सी के सचिव अरविंद घई, प्रिंसिपल डॉ. एस. के. अरोड़ा, वाईस प्रिंसिपल प्रो. विजय सरीन, वाइस प्रिंसिपल प्रो. अरुण मेहरा, रजिस्ट्रार प्रो. अजय अग्रवाल, डिप्टी रजिस्ट्रार प्रो. अनु गुप्ता, स्टाफ सेक्रेटरी प्रो. विपिन झांजी, जॉइंट स्टाफ सेक्रेटरी प्रो. दीपक वधावन, पब्लिक रिलेशंस अफसर प्रो मनीष खन्ना, एलएसी मेम्बर्स प्रो. कमलदीप सिंह, डा. मनु सूद, डीएवी कॉलेजिएट स्कूल डा. एस. के. खुराना और समूह स्टाफ मेंबर्स नें किया /

सरदार तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा का कॉलेज परिसर में हर्षोउल्लास और उत्साह के साथ ज़ोरदार आगमन हुआ, जिसके बाद श्री बाजवा ने कहा कि कॉलेज पहुंचकर उन्हें अच्छा लगा, उसके उपरांत श्री बाजवा का स्वागत प्रिंसिपल ऑफिस में हुआ / इसके बाद दीक्षांत समारोह के लिए श्री बाजवा कॉलेज ऑडिटोरियम में पहुंचे, जहाँ कॉलेज के टीचिंग स्टाफ के परिचय के बाद उनका खड़े होकर उत्साह पूर्ण स्वागत किया गया /
.
समारोह का शुभारंभ सरदार तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा, डायरेक्टर सीएमसी डॉ. सतीश कुमार, प्रिंसिपल डॉ. अरोड़ा, स्थानीय मैनेजिंग कमेटी के अध्यक्ष एवम मौजूद अन्य गणमान्यों द्वारा ज्योति प्रज्वलन से हुआ / इसके उपरांत कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना की गई / इस मौके पर प्रिंसिपल डॉ. एस. के. अरोड़ा ने आए हुए सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया / उन्होंने कहा कि सरदार तृप्त इंदर सिंह बाजवा का इस दीक्षांत समारोह का मुख्य मेहमान के रूप में पधारना हमारे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है /

उन्होंने सरदार तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा के बारे में बताते हुए कहा कि वह वर्तमान में पंजाब सरकार में ग्रामीण विकास, पंचायतों और आवास एवम शहरी विकास मंत्री हैं / उन्हें 1992, 2002, 2012 में पंजाब विधानसभा के लिए चुना गया और अब 2017 में फिर से फतेहगढ़ चूड़ियां से चुना गया / इससे पूर्व सरदार बाजवा जी उपराज्यमंत्री स्कूल शिक्षा, मुद्रण और स्टेशनरी और कृषि / वन, परिवहन, सामाजिक सुरक्षा और महिलाओं और बच्चों के विकास राज्य मंत्री; पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष, महासचिव, डीसीसी; सदस्य पीपीसीसी; अध्यक्ष नगर समिति और अध्यक्ष मार्केट कमेटी कादियान; निदेशक भूमि बंधक बैंक बटाला; पंजाब विधानसभा की विभिन्न समितियों के अध्यक्ष रह चुके हैं /
.
इस दौरान उन्होंने कहा कि डीएवी कॉलेज के बारे में बात करें तो नैक की और से इसे बेस्ट को-एजुकेशनल कॉलेज का दर्जा मिला है / यह तक़रीबन 7000 छात्रों छात्राओं और 500 शिक्षकों का एक परिवार है / डी ऐ वी कॉलेज शिक्षा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट स्थान रखता है / यूनिवर्सिटी की कोई मेरिट सूची हमारे कॉलेज के छात्रों बिना पूर्ण नही होती / यह कॉलेज देश को उत्कृष्ट खिलाडी प्रदान करने का सुनहरा इतिहास रखता है / आज तक इस कॉलेज से 18 ओलम्पिक, 8 अर्जुन पुरस्कार, 2 द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता देश को मिले हैं / स्वर्गीय श्री जगजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, दिलजान, नरिंदर पंडित, हंस राज हंस अनुकरणीय कलाकार इसी कॉलेज की देन हैं /

प्रिंसिपल डॉ. अरोड़ा ने आगे छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए यह सिर्फ एक डिग्री नहीं बल्कि भविष्य का एक वो सुनहरा टिकट जिससे आप सुनहरे स्वप्न देख सकते हैं / यह आपकी कॉलेज के दिनों की कुशलता एवम मेहनत का फल है / उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य एवम सपने देखने का मूल मंत्र देते हुए कहा कि आप सभी देश का भविष्य हो, आप ही के कंधों पर यह देश टिका है / इसलिए जब आप बड़े सपने देखेंगे तभी यह देश तरक्की करेगा /
इसके उपरांत मुख्यातिथि सरदार तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा ने स्टूडेंट्स से मुख़ातिब होते हुए कहा,” मैं तेह दिल से आप सभी को बधाई और शुभकामनाएं देने में ख़ुशी महसूस कर रहा हूँ आप सब अपनी कड़ी मेहनत से डिग्री को प्राप्त करने में सक्षम रहे / प्रिय मित्रों, आज का दिन आप और आपके शिक्षकों जिन्होंने ने आपकी शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख भूमिका निभाई है उन सब के लिए एक उत्सव का दिन है /
.
सरदार तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा ने कहा कि आज मैं अपने आप को बहुत खुशकिस्मत समझता हूँ कि आज मुझे 100 वर्ष पुराने कॉलेज में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ / आज मुझे उन विद्यार्थियों को सम्मानित करने का मौका मिल रहा है, जो शिक्षा के क्षेत्र में हमसे बहुत आगे बढ़ चुके हैं / इस संस्थान के जब प्रिंसिपलों एवम अध्यापकों के बारे सुनता हूँ तो उनका ज्ञान देखकर शीश अपने आप ही झुक जाता है /

उन्होंने विद्यार्थियों से रूबरू होते हुए कहा कि एक विद्यार्थी के जीवन में ज्ञान का होना बहुत आवश्यक है, लेकिन ज्ञान के साथ साथ एक व्यक्ति में जो सबसे अमूल्य गुण होना चाहिए वो है इंसानियत / तभी आप एक सफल इंसान बन सकते हैं / आपको मशीन नहीं बनना, बल्कि सेवा भावना के साथ साथ अहंकार का त्याग करना चाहिए / आप जिंदगी में किसी भी ऊंचाई, किसी भी पद पर पहुंच जाए पर आप को लोभ नहीं करना चाहिए / लोभ ही भ्रष्टाचार का कारण बनता है / आपको अच्छा बनना है और सदैव अच्छाई को ही बढ़ावा देना चाहिए, बुराई का नहीं /

उन्होंने स्वच्छता का संदेश देते हुए कहा कि आज स्वच्छ भारत का नारा चला है, परन्तु उसे हमें अपने जीवन पर लागू करना चाहिए / अगर हमारा मन, हमारा घर स्वच्छ होगा तो हमारा शहर भी स्वच्छ होगा और हमारा देश भी स्वच्छ होगा / बस जीवन का एक लक्ष्य रखो, जो भी करो ईमानदारी से करो / अंत मे एक बार फिर सभी छात्रों को अपनी डिग्री तथा पुरस्कार प्राप्त होने पर और अपनी मातृ संस्था को नई बुलंदियों को छूने की शुभकामनाएं दी” /
.
समारोह के गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. सतीश शर्मा ने कहा कि दीक्षांत समारोह सही अर्थ में शिक्षा के आरंभ का समारोह होना चाहिए / यह शिक्षा के अंत का समारोह नहीं है और यही दीक्षांत समारोह का सबसे बड़ा संदेश होता है कि हमें अगर जिन्दगी में सफलता पानी है, हमें अगर जिन्दगी में बदलते युग के साथ अपने आप को समकक्ष बनाए रखना है तो उसकी पहली शर्त होती है – हमारे भीतर का जो विद्यार्थी है वो कभी मुरझा नहीं जाना चाहिए, वो कभी मरना नहीं चाहिए / हमें सदैव एक विद्यार्थी की तरह सीखते रहना चाहिए तभी हम जीवन में नए आयाम पा सकते हैं /

डॉ. शर्मा ने आगे कहा, एक शताब्दी में लाखों युवक यहां से निकले हैं / इन युवक-युवतियों ने करीब-करीब गत 100 वर्ष में दरमियान जीवन के किसी न किसी क्षेत्र में जा करके अपना योगदान दिया है / कोई डॉक्टर बने हुए होंगे, कोई इंजीनियर बने होंगे, कोई टीचर बने होंगे, कोई प्रोफेसर बने होंगे, कोई सिविल सर्विस में गये होंगे, कोई उद्योगकार बने हुए होंगे और भारत में शायद एक कालखंड ऐसा था कि कोई व्यक्ति कहीं पर भी पहुंचे, जीवन के किसी भी ऊंचाई पर पहुंचे जिस काम को करता है, उस काम के कारण कितनी ही प्रतिष्ठा प्राप्त क्यों न हो, लेकिन जब वो अपना परिचय करवाता था, तो सीना तानकर के कहता था कि मैं डीएवी का विद्यार्थी एक बार फिर सभी छात्रों को अपनी डिग्री तथा पुरस्कार प्राप्त होने पर और अपनी मातृ संस्था को नई बुलंदियों को छूने की शुभकामनाएं दी” /
.
कॉलेज के रजिस्ट्रार प्रो. अजय अग्रवाल ने प्रिंसिपल डॉ. एस. के. अरोड़ा को कॉन्वोकेशन की शुरुआत करने की प्रार्थना की / जिसके प्रिंसिपल डॉ. अरोड़ा के शब्दों “आई डिक्लेअर कॉन्वोकेशन इस ओपन” के साथ डिग्री बांटने का कार्यक्रम शुरू हुआ / मुख्य मेहमान सरदार तृप्त इंदर सिंह बाजवा, डॉ. सतीश शर्मा, प्रिंसिपल डॉ. अरोड़ा ने सभी विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटी / इस दौरान कॉलेज के 2 प्रोफेसर को भी पीएचडी एवम डीलिट् की डिग्री प्राप्त होने पर सम्मानित गया /
इस दौरान मंच का संचालन स्टाफ़ सचिव प्रो. विपिन झांजी द्वारा किया गया / एवम वोट ऑफ थैंक्स संयुक्त स्टाफ़ सेक्रेटेरी प्रो. दीपक वधावन द्वारा किया गया / अंत में राष्ट्र गान से समारोह का समापन हुआ /
.
आज “कॉन्वोकेशन-2019” में शिक्षण के नये प्रयोगों पर पी.एच.डी डिग्री पूरी करने वाली प्रफ़ेसर डॉ शरण जीत को किया जाएगा सम्मानित
1. नाम: शरणजीत संधु
विभाग: फ़िज़िक्स विभाग
थीसिस का नाम: टू सिंथेसाइज एंड करैक्टराइज्ड जीई2एसबी2टीई2 थिन फिल्म्स केमिकॉली मॉडिफाइड बाय अडीशन ऑफ एल्युमीनियम।
विश्वविद्यालय जिसने डिग्री प्रदान की : गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर
डॉ सुरेश खुराना को डीलिट की उपाधि मिलने पर भी किया जाएगा सम्मानित,
.
2. नाम: डॉ. सुरेश कुमार खुराना डॉक्टर ऑफ़ लिटरेचर (डी लिट) की डिग्री मिलने पर होंगे सम्मानित । नार्थ इंडिया में अर्थशास्त्र की अकेली डी लिट उपाधि प्राप्त हैं डॉ. खुराना
डी ए वी कॉलेज, जालंधर के अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार खुराना को यूनिवर्सिटी ऑफ़ डीआम द्वारा डॉक्टर ऑफ़ लिटरेचर (डी लिट) की डिग्री से नवाजा था| ये डिग्री उन्हें उनकी प्रतिभा, प्रतिभाशाली सामर्थ्य, समाज के प्रति वचनबंद व सहारनीय कार्यो के लिए दी गयी है /
WhatsApp और telegram पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे WhatsApp नंबर 9815505203 / 9592825203 और telegram नंबर 9592825203 को अपने Mobile में Save करके हमारे नंबर पर अपना नाम और शहर लिखकर भेजें /
फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए www.facebook.com/ptbnewsonline/
DAV College provided the degree and special honor to a large group of its students

































