PTB News

Latest news
2026 में एलपीयू के 56 फैकल्टी सदस्य दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल; 23 सदस्य रिसर्च के अलग-अ... सेंट सोल्जर कॉलेज की छात्रा अंशुल ने रोलर स्केटिंग में जीते चार स्वर्ण पदक, एचएमवी की छात्राओं ने बी.बी.ए. सेमेस्टर- II की यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में मेरिट स्थान हासिल किए एअर इंडिया ने लिया बड़ा फैसला, इन देशों के लिए सभी उड़ानें की रद्द, कहा-मिलेगा रिफंड झोटा हत्याकांड में केंद्र सरकार ने मारी एंट्री, अमित शाह ने दोहराया अपना संकल्प पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक ओर व्यक्ति का किया सरेआम क*त्ल, मचा हडकंप सुप्रीम कोर्ट ने असली पत्रकारों की पहचान और सुरक्षा को बताया बड़ी चुनौती, किस्से मांगा जवाब OSAP विवाद में आया बड़ा यू-टर्न! Gurinder Bhatti पर धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले ने मांगी माफी, वीडिय... पंजाब : परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में आज पंजाब बंद, हाईवे किए गए जाम, मानसा की SHO पर गिर... जीएनए यूनिवर्सिटी ने बहुविषयक अनुसंधान एवं सतत नवाचार पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया,

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनाया जीवनसाथी को लेकर ऐतिहासिक फैसला, पति हकदार होगा तलाक लेने का,

punjab haryana high court made clear accusing spouse illicit relationship without any proof cruelty

PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि जीवनसाथी पर बिना किसी सुबूत अवैध संबंध का आरोप लगाना उसके और उसके परिवार के प्रति क्रूरता है। इसे आधार बनाते हुए दिया गया मोगा की फैमिली कोर्ट का फैसला बिलकुल सही है।

मोगा की फैमिली कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए पति ने बताया था कि उसका विवाह 2011 में हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही उसे पता चल गया कि उसकी पत्नी गुस्सैल है। वह बात-बात पर झगड़ा करने लगी और अलग रहने के लिए दबाव बनाने लगी। 2013 में वह ससुराल छोड़कर मायके चली गई। पंचायत के बाद वह घर लौटी लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से वह पुरानी हरकतें दोहराने लगी।

पत्नी का आरोप था कि पति के उसकी भाभी के साथ अवैध संबंध हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद फैमिली कोर्ट ने पति के हक में फैसला सुनाते हुए तलाक का आदेश दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने पाया कि पत्नी ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि उसने पति पर अवैध संबंध का आरोप लगाया था।

हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार का आरोप बिना किसी प्रमाण के लगाना जीवनसाथी के प्रति क्रूरता की श्रेणी में आता है। इसी क्रूरता के आधार पर तलाक का आदेश दिया गया था जो बिलकुल सही है। इन टिप्पणियों के साथ ही पत्नी द्वारा फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया।