PTB News

Latest news
2026 में एलपीयू के 56 फैकल्टी सदस्य दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल; 23 सदस्य रिसर्च के अलग-अ... सेंट सोल्जर कॉलेज की छात्रा अंशुल ने रोलर स्केटिंग में जीते चार स्वर्ण पदक, एचएमवी की छात्राओं ने बी.बी.ए. सेमेस्टर- II की यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में मेरिट स्थान हासिल किए एअर इंडिया ने लिया बड़ा फैसला, इन देशों के लिए सभी उड़ानें की रद्द, कहा-मिलेगा रिफंड झोटा हत्याकांड में केंद्र सरकार ने मारी एंट्री, अमित शाह ने दोहराया अपना संकल्प पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक ओर व्यक्ति का किया सरेआम क*त्ल, मचा हडकंप सुप्रीम कोर्ट ने असली पत्रकारों की पहचान और सुरक्षा को बताया बड़ी चुनौती, किस्से मांगा जवाब OSAP विवाद में आया बड़ा यू-टर्न! Gurinder Bhatti पर धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले ने मांगी माफी, वीडिय... पंजाब : परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में आज पंजाब बंद, हाईवे किए गए जाम, मानसा की SHO पर गिर... जीएनए यूनिवर्सिटी ने बहुविषयक अनुसंधान एवं सतत नवाचार पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया,

जालंधर, ED की बड़ी कारवाई, 30 पासपोर्ट-डिजिटल डिवाइस भी हुए बरामद,

punjab-jalandhar-dunki-route-case-jalandhar-ed-recovered-30-passport-digital-devices

हवाला से पैसों के लेनदेन का भी हुआ खुलासा, 11 जगह पर हुई एक साथ रेड,

PTB Big Breaking न्यूज़ जालंधर : जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों से जुड़े हाई-प्रोफाइल ‘डंकी रूट’ मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत पंजाब और हरियाणा के 11 ठिकानों पर छापेमारी की थी। बुधवार को शुरू हुई रेड गुरुवार को खत्म हुई। ये कार्रवाई अमृतसर, संगरूर, पटियाला, मोगा, अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल जिलों में की गई।

.

.

.

रेड के बाद ईडी ने एजेंटों के घर से 30 पासपोर्ट बरामद किए, जो लोगों को ‘डंकी रूट’ से भेजने में शामिल था। जांच में यह भी पता चला है कि एजेंटों ने करोड़ों रुपए का नकद और हवाला के जरिए लेन-देन किया। ईडी ने बताया कि इन छापों के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस बरामद की गईं और जब्त भी की गईं। ईडी ने यह कार्रवाई पंजाब और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू की। 

.

यह FIR भारतीय दंड संहिता (अब बीएनएस 2023) और इमिग्रेशन एक्ट 1983 के तहत दर्ज हुई थी। जांच में सामने आया कि अमेरिका जाने के इच्छुक लोगों को ट्रैवल एजेंट और दलालों ने यह झांसा दिया कि वे उन्हें कानूनी तरीके से अमेरिका भेजेंगे। लेकिन असल में इन्हें ‘डंकी रूट’ के जरिए खतरनाक रास्तों से अवैध रूप से कई देशों की सीमाएं पार कराई गईं। इस रूट पर मानव तस्करी माफिया और

.

.

डंकर (तस्करी के गिरोह) की मदद से लोगों को भेजा जाता था। इतना ही नहीं, माफिया और एजेंट रास्ते में ही डराने-धमकाने की स्थिति पैदा कर अतिरिक्त रकम वसूलते थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान कई और एजेंटों और इमिग्रेशन एजेंसियों के नाम भी सामने आए, जो बड़े पैमाने पर इस अवैध धंधे को चला रहे हैं। जल्द सारे मामले में ईडी बड़ा खुलासा कर सकती है, क्योंकि मामले में कुछ बड़े प्लेयर्स के भी नाम सामने आएं हैं।