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पराली जलाने वाले किसानों को भेजो जेल, माननीय सुप्रीम कोर्ट का देखने को मिला सख्त रुख,

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PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : दिल्ली-NCR में हर साल गंभीर होने वाली वायु प्रदूषण की समस्या और पराली जलाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई ने कहा कि बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ किसानों को जेल भेजना चाहिए, ताकि एक मिसाल कायम हो और बाकी लोग सबक लें। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा,

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अगर कुछ लोग सलाखों के पीछे जाएंगे, तो इससे सही संदेश जाएगा। आप किसानों पर दंडात्मक कार्रवाई करने से कतरा क्यों रहे हैं? CJI जस्टिस बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले में न्यायमित्र अपराजिता सिंह ने बताया कि किसानों को सब्सिडी और उपकरण दिए जाने के बावजूद समस्या जस की तस है। उन्होंने एक चौंकाने वाली जानकारी देते हुए कहा, “पिछली बार, किसानों ने कहा था कि उन्हें ऐसे समय पराली जलाने के लिए कहा गया था,

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जब सैटेलाइट उस क्षेत्र से नहीं गुजर रहा था।” उन्होंने कहा कि 2018 से सुप्रीम कोर्ट के विस्तृत आदेशों के बावजूद, अधिकारी केवल लाचारी जताते हैं। इस पर CJI ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि अधिकारी इस मुद्दे को हल करने के लिए दंडात्मक प्रावधानों पर विचार क्यों नहीं कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, “किसान हमारे लिए खास हैं, और हम उनकी बदौलत ही भोजन कर रहे हैं… लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम पर्यावरण की रक्षा नहीं कर सकते।

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकारों को भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों में खाली पदों को लेकर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने सभी संबंधित विभागों और राज्य सरकारों को तीन महीने के भीतर सभी रिक्तियों को भरने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, कोर्ट ने CAQM को वायु प्रदूषण रोकने के उपायों पर तीन सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का भी आदेश दिया है।

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