PTB News

Latest news
2026 में एलपीयू के 56 फैकल्टी सदस्य दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल; 23 सदस्य रिसर्च के अलग-अ... सेंट सोल्जर कॉलेज की छात्रा अंशुल ने रोलर स्केटिंग में जीते चार स्वर्ण पदक, एचएमवी की छात्राओं ने बी.बी.ए. सेमेस्टर- II की यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में मेरिट स्थान हासिल किए एअर इंडिया ने लिया बड़ा फैसला, इन देशों के लिए सभी उड़ानें की रद्द, कहा-मिलेगा रिफंड झोटा हत्याकांड में केंद्र सरकार ने मारी एंट्री, अमित शाह ने दोहराया अपना संकल्प पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक ओर व्यक्ति का किया सरेआम क*त्ल, मचा हडकंप सुप्रीम कोर्ट ने असली पत्रकारों की पहचान और सुरक्षा को बताया बड़ी चुनौती, किस्से मांगा जवाब OSAP विवाद में आया बड़ा यू-टर्न! Gurinder Bhatti पर धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले ने मांगी माफी, वीडिय... पंजाब : परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में आज पंजाब बंद, हाईवे किए गए जाम, मानसा की SHO पर गिर... जीएनए यूनिवर्सिटी ने बहुविषयक अनुसंधान एवं सतत नवाचार पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया,

भक्तों की आस्था से खिलवाड़! मां वैष्णो देवी मंदिर के चढ़ावे में निकली 95% चांदी नकली,

vaishno devi silver offering fraud cadmium adulteration

PTB Shocking न्यूज़ जम्मू-कश्मीर : जम्मू-कश्मीर की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी का मंदिर करोड़ों लोगों की अटूट आस्था का केंद्र है। भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ वहां चांदी के सिक्के, छत्र और गहने चढ़ाते हैं। लेकिन हाल ही में जो सच सामने आया है, उसने न केवल श्रद्धालुओं का दिल तोड़ दिया है, बल्कि उनकी सेहत को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी टकसाल में हुई एक जांच ने बताया है कि जिसे भक्त चांदी समझकर चढ़ा रहे थे,

.

वह दरअसल एक जहरीली धातु का ढेर था। इस खुलासे के बाद से ही मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठने लगी हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने हाल ही में मंदिर में जमा हुए लगभग 20 टन चांदी के चढ़ावे को गलाने और सुरक्षित रखने के लिए सरकारी टकसाल भेजा था। अधिकारियों को उम्मीद थी कि इस मात्रा से मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से लगभग 500 से 550 करोड़ रुपये की चांदी प्राप्त होगी।

.

.

लेकिन जब इसकी शुद्धता की जांच शुरू हुई, तो सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। टकसाल के एक्सपर्ट्स ने पाया कि पूरे भंडार की असल कीमत केवल 30 करोड़ रुपये के आसपास ही है। इसका मतलब यह हुआ कि चांदी की जगह जो धातु भक्तों ने चढ़ाई थी, उसकी असलियत कुछ और ही थी और इसमें बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया था। जांच के दौरान जो आंकड़े सामने आए, वे बेहद डराने वाले हैं। परीक्षण में पता चला कि इन वस्तुओं में शुद्ध चांदी की मात्रा केवल 5 से 6 प्रतिशत ही थी।

.

बाकी 95 प्रतिशत हिस्सा कैडमियम, लोहा, तांबा और जस्ता जैसी सस्ती धातुओं का मिश्रण पाया गया है। चांदी की कीमत जहां लाखों में है, वहीं कैडमियम मात्र 400 से 500 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बाजार में उपलब्ध है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कैडमियम एक अत्यंत जहरीली और खतरनाक धातु है, जिसका इस्तेमाल उपभोक्ता वस्तुओं में पूरी तरह प्रतिबंधित है। देखने में चांदी जैसा ही दिखने के कारण आम लोग इसे पहचान नहीं पाते और ठगी का शिकार हो जाते हैं।

.

यह भी पढ़ें : जालंधर : कार और एक्टिवा की हुई भीषण टक्कर, स्कूल जा रहे बच्ची हुई घायल, आरोपी गिरफ्तार,

.

यह मामला सिर्फ पैसों की धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य संकट की ओर भी इशारा करता है। कैडमियम को जब गर्म किया जाता है, तो उससे निकलने वाला धुआं कैंसरकारी होता है। टकसाल के विशेषज्ञों ने बताया कि इस मिलावटी सामग्री को पिघलाने में बहुत जोखिम था क्योंकि इसके धुएं से फेफड़ों और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। श्रद्धालुओं ने चांदी समझकर जो छत्र या सिक्के खरीदे और माता के चरणों में अर्पित किए,

.

यह भी पढ़ें : गर्लफ्रेंड ने उतरवाए बॉयफ्रेंड के कपड़े, आंखों पर बांधी पट्टी और जलाया जिंदा, जाने पूरा मामला,

वे वास्तव में उनकी सेहत के लिए भी घातक साबित हो सकते थे। यह सीधे तौर पर लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट का उल्लंघन है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, टकसाल द्वारा बार-बार आगाह किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस खुलासे ने उन दुकानदारों की पोल खोल दी है जो माता को चढ़ाने के नाम पर चांदी का सामान बेचते हैं। श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ इन सामानों को खरीदते हैं,

.

यह सोचकर कि वे अपनी कमाई का एक हिस्सा देवी को अर्पित कर रहे हैं। लेकिन यह पता चलना कि एक सैंपल बैच के 70 किलो सामान में केवल 3 किलो ही चांदी निकली, यह बताता है कि यह खेल कितने बड़े स्तर पर चल रहा था। सरकारी टकसाल ने एक साल पहले ही जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्राइन बोर्ड को इस गड़बड़ी की जानकारी दे दी थी, मगर अभी तक दोषियों को पकड़ने के लिए कोई बड़ी मुहिम नहीं छेड़ी गई है।