PTB News “शिक्षा” : वासल एजुकेशन के तत्वावधान में आईवी वर्ल्ड स्कूल, जालंधर में दशहरा उत्सव बड़े उत्साह, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को दशहरे के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व से परिचित कराना तथा उन्हें बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय के शाश्वत संदेश से प्रेरित करना था।
. .कार्यक्रम का शुभारंभ पवित्र श्लोकों के सस्वर पाठ से हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने ‘मेरे घर राम आए हैं’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने भगवान श्रीराम के आगमन की पावन अनुभूति को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रामायण पर आधारित नाटिका रही, जिसमें विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम और रावण की कथा को प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को धर्म, सत्य, मर्यादा और सदाचार के महत्व से अवगत कराया। वहीं, ‘हे राम’ गीत की मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक रंगों से सराबोर कर दिया।
.इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने दशहरे के महत्व पर अपने प्रेरणादायक विचार के माध्यम से सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इन मनमोहक प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, समृद्ध परंपराओं और नैतिक मूल्यों को समझने का सार्थक अवसर भी प्रदान किया। संगीत, नृत्य, नाटक और विचारों की अभिव्यक्ति के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। साथ ही, उन्होंने यह सीख ग्रहण की कि सच्ची विजय केवल दूसरों पर नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों, अहंकार और नकारात्मक विचारों पर विजय प्राप्त करने में निहित है।
.इस अवसर पर वासल एजुकेशन के चेयरमैन श्री संजीव कुमार वासल जी एवं सीईओ श्री राघव वासल जी ने विद्यार्थियों के उत्साह, आत्मविश्वास और सराहनीय प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों, सकारात्मक सोच और जीवन के प्रति सही दृष्टिकोण का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
.विद्यालय प्रबंधन ने भी विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और समर्पण की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को उनके सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम का समापन उल्लासपूर्ण एवं आनंदमय वातावरण में हुआ। दशहरा उत्सव ने विद्यार्थियों के मन में यह प्रेरणादायक संदेश अंकित किया कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, सत्य, धर्म और अच्छाई का मार्ग ही अंततः विजय की ओर ले जाता है। इस प्रकार, उत्सव ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के गौरव से परिचित कराने के साथ-साथ जीवन में सदाचार, साहस और विनम्रता अपनाने की प्रेरणा भी दी।
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