PTB News

Latest news
LKC ਵੱਲੋਂ “ਪੇਜ ਟੂ ਸਟੇਜ: LKC ਬੁੱਕ ਰੀਡਿੰਗ ਐਂਡ ਰਿਵਿਊ ਕੰਪੀਟੀਸ਼ਨ 2026” (Page to Stage: LKC Book Reading a... आईवी वर्ल्ड स्कूल में दशहरा उत्सव की धूम, विद्यार्थियों ने दिया संस्कृति, संस्कार , सदाचार और अच्छाई... सेंट सोल्जर डिवाइन पब्लिक स्कूल में मदर्स हैप्पीनेस क्लब के तत्वावधान में दशहरा एवं नवरात्रि समारोह ... एच.एम.वी. की छात्रा ने संस्थान का मान बढ़ाया, इनोसेंट हार्ट्स स्कूल में नन्हे सितारों ने बिखेरी अपनी प्रतिभा की चमक : ‘स्पॉटलाइट’ बना आकर्षण का के... इनोसेंट हार्ट्स स्कूलों में नेकी और सच्चाई की जीत के संदेश के साथ मनाया गया दशहरा, डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी में विश्व खाद्य दिवस पर ‘संडे ऑन साइकिल’ का 95वां संस्करण, स्वस्थ जीवन का दिया ... Actor Tiger Shroff फायरिंग केस में बड़ा एक्शन, तीन को किया कोटा से गिरफ्तार Actor Tiger Shroff पर की गई फायरिंग के बाद सामने आई हमलावरों की तस्वीरें, बाइक हुई बरामद Big Breaking : Actor Tiger Shroff पर फायरिंग, कई लोग हुए घायल

सरकार का बड़ा एक्शन : ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को लेकर, नए नियम होने लागू

Government's big action New rules to be implemented for online gaming companies

PTB Big News नई दिल्ली : देश में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर पर अब सरकार ने लगाम कसने की तैयारी पूरी कर ली है। फर्जी ऐप्स, यूजर्स के पैसे फंसने, बच्चों में बढ़ती लत और विदेश से संचालित अनियंत्रित प्लेटफॉर्म्स को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन बिल के तहत नए नियमों को नोटिफाई कर दिया गया है, जो 1 मई से पूरे देश में लागू होंगे।

.

.

सरकार के इस फैसले के साथ ही ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री के लिए एक नई रेगुलेटरी व्यवस्था शुरू हो जाएगी। सबसे अहम पहलू यह है कि सेक्टर की निगरानी के लिए एक केंद्रीय अथॉरिटी का गठन किया गया है, जिसमें छह प्रमुख मंत्रालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें आईटी, वित्त, गृह, खेल, उपभोक्ता मामलों और कानून मंत्रालय की भागीदारी संभावित है। इस अथॉरिटी का काम नियमों का पालन सुनिश्चित करना, प्लेटफॉर्म्स की निगरानी करना और यूजर्स की शिकायतों का समाधान करना होगा।

.

.

नए नियमों के तहत सभी गेमिंग कंपनियों को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा। सरकार ने साफ किया है कि केवल उन्हीं प्लेटफॉर्म्स को रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जहां पैसे का लेन-देन होता है, जीत-हार में वित्तीय जोखिम होता है या जो प्रतिस्पर्धी ई-स्पोर्ट्स मॉडल पर आधारित हैं। सामान्य मनोरंजन वाले गेम्स को इससे राहत दी गई है। हालांकि, मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। ऐसे प्लेटफॉर्म जहां यूजर्स पैसे लगाकर खेलते हैं, उन्हें सख्त नियमों का पालन करना होगा।

.

इसके अलावा रिस्क आधारित गेम्स और ई-स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म्स भी इस दायरे में आएंगे। सरकार ने विदेशों से ऑपरेट होने वाली कंपनियों को भी इस कानून के तहत शामिल कर लिया है। यानी अगर कोई प्लेटफॉर्म भारत के यूजर्स को टारगेट करता है, तो उसे भारतीय नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा, भले ही उसका संचालन विदेश से हो रहा हो। इससे विदेशी गेमिंग ऐप्स पर भी कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी।

.

यह भी पढ़ें : गर्लफ्रेंड ने उतरवाए बॉयफ्रेंड के कपड़े, आंखों पर बांधी पट्टी और जलाया जिंदा, जाने पूरा मामला,

.

यूजर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए कंपनियों के लिए ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम बनाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी यूजर का पैसा फंसता है, अकाउंट ब्लॉक होता है या कोई गलत चार्ज लगता है, तो कंपनियों को तय समय में उसका समाधान करना होगा। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन नए नियमों से ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और यूजर्स का भरोसा मजबूत होगा।

जहां बड़ी और नियमों का पालन करने वाली कंपनियों को इसका फायदा मिलेगा, वहीं अनियमित प्लेटफॉर्म्स पर दबाव बढ़ेगा। कुल मिलाकर, सरकार ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन गेमिंग अब बिना नियंत्रण के नहीं चल सकेगा। 1 मई से लागू हो रही यह नई व्यवस्था जवाबदेही, पारदर्शिता और यूजर सुरक्षा को केंद्र में रखकर बनाई गई है।