PTB Big Political चंडीगढ़ : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। चन्नी पर अवैध रेत खनन और अधिकारियों की ट्रांसफर व पोस्टिंग से करोड़ों रुपये की कमाई के मामले में शिकंजा कस गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चन्नी को पूछताछ के लिए समन जारी किया है।
इससे पहले पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 से पूर्व उनके भांजे भूपिंदर सिंह उर्फ हनी के ठिकानों से ईडी की टीम ने 10 करोड़ रुपये सहित कुछ अन्य सामान बरामद किया था और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था।
इसके बाद न्यायिक हिरासत में भेजे गए हनी ने अदालत में जमानत की याचिका लगा दी है। हनी पर आरोप है कि उसने चन्नी के इशारे पर अवैध रेत खनन करवा कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है और बदले में करोड़ों रुपये की कमाई की है। ईडी की टीम ने हनी के लुधियाना सहित अन्य ठिकानों पर छापामारी कर 10 करोड़ रुपये बरामद किए थे।
इसके अलावा हनी के पास से लाखों रुपये कीमत की घडि़यां और अन्य सामग्री बरामद की थी। इसकी पड़ताल के लिए ईडी ने हनी को गिरफ्तार किया था। हनी के ठिकानों से मिले दस्तावेजों की पड़ताल भी की और इस बात की जानकारी जुटाई कि हनी के पास आखिर 10 करोड़ रुपये कहां से आए। कहीं यह राशि उसने चन्नी की अवैध कमाई के हिस्से के रूप में तो नहीं रखी थी।
अब ED द्वारा चन्नी को समन जारी होने के बाद कांग्रेस की सियासत एक बार फिर गरमाएगी। बेशक चन्नी के नेतृत्व में पंजाब में कांग्रेस की बुरी हार हुई है लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू जैसे नेता उसके बाद भी हार के कारणों के रूप में इस मुद्दे को इशारों में उठा चुके हैं। कुछ दिन पहले ही कांग्रेस विधायकों की बैठक में भी यह मुद्दा गरमा गया था। अब चन्नी के ईडी की जांच के घेरे में आने के बाद उनकी परेशानी बढ़नी तय है।
ईडी ने इस बात की पुष्टि पहले ही कर दी थी कि हनी ने यह स्वीकार कर लिया है कि उसके ठिकानों से मिली राशि अवैध रेत खनन और अधिकारियों की ट्रांसफर व पो¨स्टग के बदले कमाई गई थी। इसके बाद से चन्नी ईडी के निशाने पर थे। क्योंकि ईडी को यह शकहै कि चन्नी की सहमति के बिना उनका भांजा यह काम नहीं कर सकता।
































