आई जी सी एस ई की कोर्डिनेटड साईंस परीक्षा में प्राप्त किया कैम्ब्रिज आऊट स्टेंडिंग लर्नर अवार्ड,
PTB न्यूज़ शिक्षा : कैम्ब्रिज इंटरनैशनल स्कूल दसूहा के विद्यार्थियों ने हमेशा की तरह एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि अथक परिश्रम और लगन के बल पर कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। इसी बात को प्रमाणित करते हुए पुनीतपाल ने आई जी सी एस ई की कोर्डिनेटड साईंस 2020 की परीक्षा में उत्कृष्ठ प्रदर्शन द्वारा कैम्ब्रिज आऊट स्टेंडिंग लर्नर अवार्ड प्राप्त करके अपने अभिभावकों के साथ-साथ स्कूल को भी सम्मान प्रदान किया है।
कैम्ब्रिज इंटरनैशनल स्कूल दसूहा के होनहार छात्र पुनीत पाल की यह उपलब्धि अपने आप में प्रशंसनीय है कयोंकि यह अवार्ड विद्यार्थी को मिलता है जिसने पूरे देश में से किसी खास विषय में सबसे अधिकतम अंक प्राप्त किए हों। पुनीत ने यह अवार्ड कोर्डिनेटड साईंस में उत्कृष्ठ प्रदर्शन से प्राप्त किया है। पुनीत की यह उपलब्धि स्कूल के सब बच्चों के लिए प्रेरणा का माध्यम बन गई है।
पुनीत ने अपने बढिय़ा प्रदर्शन का श्रेय अपने माता-पिता तथा अपने अध्यापकों को दिया। पुनीत के अनुसार माता-पिता के संरक्षण तथा अध्यापकों के मार्गदर्शन के बिना व्यक्ति सफलता के विभिन्न सोपानों को पार नहीं कर सकता।आई जी सी एस ई की परीक्षा एक अंतर्राष्ट्रीय परीक्षा है,इसमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ही पेपर लिया जाता है और इसका मूल्यांकन भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ही किया जाता है।
कैम्ब्रिज इंटरनैशनल स्कूल दसूहा अपने बच्चों को हमेशा आगे बढऩे के लिए प्रेरित करता रहता है और उनके अंदर आगे बढऩे की जिज्ञासा और जुनून की भावना का भी विकास करता है। कैम्ब्रिज इंटरनैशनल स्कूल दसूहा बच्चों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता है । इस अवसर पर पुनीत के माता पिता ने अपने बच्चे की इस उपलब्धि पर स्कूल का भी तहे दिल से धन्यवाद किया तथा कहा कि उनके बच्चे को स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ उचित मार्गदर्शन भी मिला।
स्कूल के प्रिंसीपल श्री अनित अरोड़ा ने पुनीत तथा उसके माता पिता को बधाई दी तथा कहा कि इंसान को हमेशा पूरी मेहनत के साथ अपने लक्ष्य प्राप्ति की तरफ ध्यान देना चाहिए। कठिन परिश्रम ही मनुष्य को जीत तक लेकर जाती है। इस अवसर पर वासल ऐजूकेशनल ग्रुप के प्रधान के.के. वासल, स्कूल के चेयरमैन संजीव कुमार वासल , डायरेक्टर ईना वासल तथा सीईओ राघव वासल ने भी पुनीत को बढिय़ा प्रदर्शन पर शुभकामनाएँ दी तथा उसे भविष्य में भी इसी प्रकार परिश्रम करने के लिए प्रेरित किया।




























