PTB Crime न्यूज़ कानपुर : कानपुर में बैंक खातों में करीब 3200 करोड़ के अवैध लेनदेन के मामले में फरार चल रहे महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। वह दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल में छिपता फिर रहा था। पुलिस ने शहर आते ही उसे दबोच लिया। उसने अपने गिरोह संग मिलकर 400 से अधिक कारोबारियों, टेनरी संचालकों और बड़ी फर्मों की वैध और अवैध रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कराई।
.फिर उसे कैश के रूप में निकाल लिया। यह कारोबारी दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गुजरात के हैं। इस खेल में बैंक के अधिकारियों व स्टाफ की भी संलिप्तता मिली है। श्यामनगर क्षेत्र में 16 फरवरी की रात क्षेत्र के मो. वासिद और अरशद से मारपीट कर लूट हुई थी। बाइक सवार बदमाश दोनों से करीब 25 लाख रुपये लेकर भाग निकले। युवकों ने पहले लूट की सूचना दी लेकिन फिर मुकर गए। पुलिस ने नजदीक लगे सीसीटीवी फुटेज देखे, तो लूट की पुष्टि हुई।
.आठ दिन बाद लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि मो. वासिद और अरशद ने जाजमऊ के अहफूज अली उर्फ पप्पू छुरी के बैंक खाते से 3.20 करोड़ रुपये निकाले थे। उसी में से 25 लाख रुपये लेकर महफूज को देने जा रहे थे। रास्ते में उनके साथ लूट हुई थी। पुलिस ने वारदात में शामिल बेकनगंज के मो. यासीन व मुजाहिद, मूलगंज के अब्दुल रहमान, चमनगंज के लारेब सिद्दीकी, बेकनगंज के सुभान खान व मो. जीशान को गिरफ्तार कर लूट का खुलासा कर दिया।
.वहीं, महफूज अली व उसके रिश्तेदारों के 12 बैंकों में 68 खाते मिले। इनमें लगभग ढाई साल में 1600 करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला। उसके गुर्गों की गिरफ्तारी के बाद महफूज अली फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम था। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि वह मोबाइल का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं कर रहा था। केवल व्हाट्सएप कॉलिंग कर रहा था। पुलिस ने तकनीक और सर्विलांस का सहारा लेकर उसको दबोचा।
.आयकर विभाग की जांच में उसके व रिश्तेदारों के खाते में 3200 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। यह रकम टेनरी व स्लॉटर हाउस संचालकों, स्क्रैप कारोबारियों की है। यह लेनदेन लगभग 400 कारोबारियों और फर्मों के खातों से दूसरे बैंक अकाउंट में हुआ है। महफूज को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी और उसके साथियों का नेटवर्क दिल्ली, पंजाब, गुजरात, हिमाचल प्रदेश समेत अन्य शहरों में फैला हुआ है।
.पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपियों के तार कई शहरों से जुड़े हुए हैं। महफूज मूलरूप से गाजीपुर का है। उसके पिता मकबूल अहमद चमड़ा फैक्टरी में कार्य करते थे। इस वजह से वह भी कानपुर आ गया। पहले उसने जाजमऊ में परचून की दुकान खोली। फिर मोबाइल की दुकान चलाई। इसके बाद कोलकाता चला गया। वहां शेविंग ब्लेड का कारोबार किया। इस वजह से उसका नाम पप्पू छुरी पड़ा।
.यह भी पढ़ें : जालंधर व अमृतसर में हुए धमाकों को लेकर पाकिस्तानी डॉन ने दिया बड़ा बयान
कोलकाता से आने के बाद टेनरी में कार्य करने लगा। यहां कार्य करते हुए फर्जी खाते खुलवाकर उसमें अवैध तरीके से रकम का लेनदेन करने लगा। उसके कुछ रिश्तेदार बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में रहते हैं। वहां घूमने के लिए पहले भी जाता रहा है। इस दौरान उसका संपर्क म्यूल अकाउंट खुलवाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने वालों से हुआ। महफूज के पश्चिम बंगाल में हुए चुनाव तक वहीं रहने की जानकारी हुई है।
.वह नादिया जिले में रुका था। वहां उसकी साली रहती है। पुलिस महफूज का नादिया जिले में नेटवर्क खंगाल रही है। उसके रिश्तेदारों के बारे में भी पता कराया जा रहा है। आखिर इतने दिनों तक वह क्या कर रहा था इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपियों का संपर्क हवाला कारोबारियों से होने का शक है। इतने अधिक रुपयों का लेनदेन इसी कारोबार में होता है। दो नंबर की रकम को एक नंबर में परिवर्तित किया जाता है।
.पंजाब, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की पुलिस से जल्द ही संपर्क किया जाएगा। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक महफूज अली ने लोन व सरकारी योजनाएं दिलाने के नाम पर कई लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य दस्तावेज लिए। उनके बैंक खाते खुलवाए गए। फर्जी सिम खरीदकर ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा कराई गई। कुछ बैंक खाता धारकों को कमीशन भी दिया गया। चार एफआईआर जाजमऊ और दो चकेरी थाने में दर्ज हैं।










































