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PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : भारत और न्यूजीलैंड के बीच कल (सोमवार, 27 अप्रैल) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन होगा। दिल्ली में भारत मंडपम में होने वाले इस कार्यक्रम में यूनियन मिनिस्टर ऑफ कॉमर्स पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मिनिस्टर ऑफ ट्रे़ड टॉड मैक्ले शामिल होंगे। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अगले पांच सालों में बायलेटरल ट्रेड को दोगुना कर 5 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।

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इस ऐतिहासिक समझौते के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 सालों में भारत के मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विस और इनोवेशन सेक्टर में 20 बिलियन डॉलर (करीब 1.8 लाख करोड़ रुपए) का निवेश करेगा। इससे भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजारों में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी, जिससे एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। सर्विस सेक्टर में भारत को बड़ी कामयाबी मिली है।

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न्यूजीलैंड अब हर साल 5,000 भारतीय प्रोफेशनल्स को अस्थायी रोजगार वीजा देगा। इसमें आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, एजुकेशन और कंस्ट्रक्शन जैसे हाई-डिमांड सेक्टर्स के साथ-साथ आयुष प्रैक्टिशनर्स, योग प्रशिक्षक, भारतीय शेफ और संगीत शिक्षकों को भी शामिल किया गया है। यह वीजा 3 साल की अवधि के लिए होगा। सरकार ने घरेलू किसानों और MSME के हितों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में कोई रियायत नहीं दी है।

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डेयरी सेक्टर (दूध, क्रीम, दही, पनीर), चीनी, प्याज, चने, मटर, मक्का, बादाम, मसाले और खाद्य तेल को इस समझौते से बाहर रखा गया है। इन पर पहले की तरह ही ड्यूटी लगती रहेगी ताकि स्थानीय उत्पादन प्रभावित न हो। समझौते के तहत न्यूजीलैंड के 95% एक्सपोर्ट आइटम्स पर टैरिफ कम या खत्म कर दिए जाएंगे। इसमें ऊन, कोयला, लकड़ी और भेड़ के मांस जैसे उत्पादों को ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा।

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वहीं कीवीफ्रूट, सेब, वाइन, चेरी, एवोकैडो और शहद जैसे उत्पादों के लिए कोटा आधारित टैरिफ कटौती की जाएगी। भारतीय फार्मा और मेडिकल डिवाइस कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड का बाजार अब आसान हो जाएगा। वहां की रेगुलेटरी अथॉरिटी अब भारत की GMP (गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) रिपोर्ट को स्वीकार करेगी। इससे उत्पादों की मंजूरी जल्द मिलेगी और

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अनुपालन लागत यानी कंप्लायंस कॉस्ट में कमी आएगी। भारत ने ‘फाइव आइज’ (FVEY) एलायंस के तीन सदस्यों- ऑस्ट्रेलिया, यूके और न्यूजीलैंड के साथ ट्रेड डील फाइनल कर ली है। इससे पहले भारत यूएई, मॉरीशस और ईएफटीए देशों के साथ भी समझौते कर चुका है। वर्तमान में भारत और न्यूजीलैंड के बीच कुल व्यापार लगभग 2.4 बिलियन डॉलर का है, जिसे जल्द ही 5 बिलियन डॉलर तक ले जाने का प्लान है।