PTB Big Shocking News तरनतारन : देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत के साथ 8 दिसंबर को हेलिकॉप्टर क्रैश में तरनतारन के नायक सूबेदार गुरसेवक सिंह भी शहीद हुए हैं। गुरसेवक तरनतारन के कस्बा खालड़ा के गांव दोदे के रहने वाले थे। आर्मी की 9 पैरा स्पेशल फोर्स यूनिट में तैनात रहते हुए उन्हें CDS बिपिन रावत की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बुधवार शाम को उनकी यूनिट ने भाई गुरबख्श सिंह व जसविंदर सिंह को फोन करके जानकारी दी।
परिवार ने रात सूचना मिलने के बाद भी पत्नी जसप्रीत कौर और बुजुर्ग पिता काबल सिंह को गुरसेवक की शहादत की जानकारी नहीं दी थी। दोनों ठीक नहीं हैं और दोनों का इलाज पास के अस्पताल से चल रहा है। लेकिन सुबह गांव में सूचना फैलने के बाद घटना की जानकारी जसप्रीत को भी मिल गई। फिलहाल उसके घर पर मातम छाया हुआ है और पत्नी जसप्रीत का रो-रो कर बुरा हाल है।
गांव वालों ने जानकारी दी कि गुरसेवक ने अपनी स्कूलिंग पास के ही सरकारी स्कूल खालड़ा से की थी। स्कूलिंग के बाद ही गुरसेवक ने आर्मी जॉइन कर ली थी। जॉब के साथ वह हायर एजुकेशन भी ले रहा था, जैसे ही डिग्री पूरी हुई, उसकी प्रमोशन भी होती गई। गुरसेवक की दो बहने हैं और 5 भाई हैं। पूरा परिवार किसानी है और खेती पर ही निर्भर है।
गुरसेवक 14 नवंबर को ही छुट्टी काटकर वापस ड्यूटी पर गया था। जाने से पहले वह परिवार के साथ बाबा बुड्ढा साहिब भी गया और परिवार के लिए आशीर्वाद लिया। गुरसेवक की 2 बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी सिमरन 9 साल और छोटी बेटी गुरलीन 7 साल की है। उनका बेटा फतेह सिंह सिर्फ 3 साल का है्। उसे अपने बच्चों से बहुत ज्यादा प्यार था। ड्यूटी से जितना भी थका हो, लेकिन बच्चों से फोन पर रोज बात करता था।




























