PTB Shocking न्यूज़ भोपाल : भोजपुर में मिड डे मिल का भोजन करने से उत्क्रमित मध्य विद्यालय (हरिजन टोली) में 50 बच्चे बीमार हो गए। सभी बच्चों ने सोमवार को स्कूल में खाना खाया था। इसके बाद रात होते ही एक दो बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। मंगलवार की सुबह से ही एक के बाद 50 बच्चे बीमार पड़ गए । सभी को इलाज के लिए पीरो रेफरल अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है। मामला पीरो प्रखंड के हसन बाजार ओपी अंतर्गत हरनाम टोला गांव का है।
बच्चों ने मिड-डे-मिल खाने के पहले अल्वेंडाजोल नामक कीड़े की दवा खाई थी। इसके बाद सभी बच्चों ने स्कूल में ही मिड-डे-मील भोजन किया था। उन्हें पेट दर्द, उल्टी एवं चक्कर की शिकायत होने लगी। सभी बच्चों को इलाज के लिए पीरो रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है। घटना की सूचना पाकर पीरो प्रखंड के सभी सरकारी प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के एडीएम आपूर्ति की जांच की गई।
बीमार बच्चों में गुड़िया कुमारी (13 वर्ष), रौशन कुमार(7 वर्ष), विकास( 8 वर्ष), ममता कुमारी(7 वर्ष), रागिनी कुमारी(8 वर्ष), आशी रंजन(7 वर्ष), ऋतु कुमारी(9 वर्ष), पवन कुमार(6 वर्ष), शीतल कुमारी(8 वर्ष), मुनीब कुमार(10 वर्ष) समेत करीब एक दर्जन से अधिक बच्चों को लगातार उल्टी और चक्कर आने की शिकायत पर पीरो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनका इलाज किया जा रहा है।
वहीं पेट में दर्द, चक्कर आने जैसी शिकायत करने वाले अमीत कुमार, कुश कुमार, अंकुश कुमार, विशाल कुमार, ॠतुराज, टुन्ना, निरंजन, वकील,राजनंदनी, नीरज, धीरज, चंदन, रौशन, आशीष रंजन कुमारी, खुशी कुमारी, रागनी,शीतल, गायत्री,अंशु, ललीता, प्रीतम, सत्यदेव, पवन, खुशी, अंशु, प्रिन्स, प्रियांशु ,ज्योति, सोनु, रंजू, अनिता, संजु, अनिल ,वित, अनिशा समेत करीब 50 से अधिक बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पीरो एसडीओ अमरेंद्र कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी पीरो अस्प्ताल पहुंच गए और बीमार बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। वही बीमार बच्चों के परिजनों ने कहा की खराब भोजन उनके बच्चों को खिलाया गया। एनजीओ की ओर से दिया गया चावल पूरी तरह कच्चा था और उसकी गुणवत्ता भी खराब थी।
यही कारण है कि खाना खाने के करीब चार घंटे बाद भी जब बच्चे उल्टी कर रहे थे। इस दौरान पेट से खड़े चावल के दाने बाहर निकल रहे थे। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अब वे लोग एनजीओ के खाने का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे। लेकिन, पहले ही दिन गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिए जाने से कई बच्चे बीमार हो गए। हालांकि बच्चों की तबीयत किस कारण बिगड़ी है इसका कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है ।

































