PTB News

Latest news
डंकी रूट' से विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, ED ने अटैच की करोड़ों की संपत्ति... एलन मस्क बने दुनिया के सबसे अमीर इंसान, कितने अरब डॉलर पार की संपत्ति, जानें? नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया और राहुल को लेकर माननीय अदालत ने दी बड़ी राहत, शराब, महिलाओं के सूट, हथियार और... पंजाब में एक कार से मच गया हड़कंप, AAP ने कांग्रेस पर बोला हमला पंजाब में प्रेमी ने की प्रेमिका की गला दबाकर हत्या, अस्पताल में कटा प्राइवेट पार्ट लेकर पहुंचा आरोपी... पंजाब, कबड्‌डी खिलाड़ी की गोलियां मारकर हत्या, 10 दिन पहले हुई थी शादी, बंबीहा गैंग ने क्या कहा? पेट्रोल पंप लूट मामले में जालंधर देहात पुलिस को मिली बड़ी सफलता, तीन लुटेरे किये गिरफ्तार, पंजाब के सभी स्कूलों में सर्दी की छुटि्टयों का हुआ ऐलान, जालंधर के जिलाधीश व पुलिस कमिश्नर ने की स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकियों से न घबराने की अपील Vodafone Idea को लेकर आई अच्छी ख़बर, सरकार से मिल सकती 83,000 Cr के बकाये को लेकर बड़ी राहत,
Translate

मोदी सरकार देने जा रही है जनता को बड़ा तौफा, टूथपेस्ट, कपड़े, जूते और बर्तन को लेकर आई बड़ी ख़बर,

gst-relief-for-middle-class-soon-cheaper-toothpaste-utensils-clothes-and-shoes

PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : टूथपेस्ट, बर्तन, कपड़े, जूते जैसे आम आदमी के इस्तेमाल में आने वाले आइटम्स जल्द ही सस्ते हो सकते हैं। इस साल की शुरुआत में इनकम टैक्स में कई रियायतें देने के बाद केंद्र सरकार अब मिडिल-क्लास और लोअर-इनकम फैमिली को गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी GST में कटौती कर राहत देने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार 12% GST स्लैब को पूरी तरह से खत्म करने या वर्तमान में 12% टैक्स वाले आइटम्स को 5% स्लैब में ला सकती है।

.

सूत्रों के अनुसार, इस रिस्ट्रक्चरिंग यानी बदलाव में मिडिल-क्लास और इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन के यूज में आने वाले आइटम्स शामिल होंगे। अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो इनमें से कई आइटम्स सस्ते हो जाएंगे। सरकार इजी-टु-कंप्लाय यानी आसान GST पर भी विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इस कदम से सरकार पर 40,000 करोड़ रुपए से 50,000 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा, लेकिन वह शुरुआती असर को झेलने के लिए तैयार है।

.

.

इससे खपत में बढ़ोतरी हो सकती है। केंद्र का मानना ​​है कि कम कीमतों से बिक्री बढ़ेगी, जिससे टैक्स-बेस बढ़ेगा और लॉन्ग टर्म GST कलेक्शन में ग्रोथ होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में एक इंटरव्यू में GST रेट्स में संभावित बदलावों का संकेत देते हुए कहा था कि सरकार जरूरी वस्तुओं पर मिडिल-क्लास को राहत देने पर विचार कर रही है। केंद्र के दबाव के बावजूद राज्यों के बीच आम सहमति नहीं बन पाई है।

GST के तहत दरों में बदलाव के लिए GST काउंसिल से रिकमेंडेशन की जरूरत होती है, जहां हर राज्य को मतदान का अधिकार है। वर्तमान में पंजाब, केरल, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से विरोध की खबरें आ रही हैं। आज तक GST काउंसिल के इतिहास में सिर्फ एक बार ही मतदान हुआ है। हर फैसला आम सहमति से लिया जाता है। इस मुद्दे पर 56वीं GST काउंसिल की मीटिंग में चर्चा होने की उम्मीद है,

.

.

जो इस महीने के आखिरी में बुलाई जा सकती है। नियम के अनुसार, काउंसिल को बुलाने के लिए कम से कम 15 दिन का नोटिस दिया जाता है। भारत में 12% GST स्लैब में आम तौर पर वे आइटम्स शामिल होते हैं, जो मिडिल-क्लास और लोअर-इनकम फैमिली के लिए आम यूज के होते हैं। हालांकि वे आइटम्स जो आम यूज में नहीं आते हैं, उन पर 0% या 5% टैक्स लगाया जाता है।

.

Latest News