PTB Big न्यूज़ धर्मशाला/कांगड़ा : हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के शाहपुर में धनोटू-ललेटा-बनुमहादेव मार्ग पर निर्माणाधीन एक पुल भारी बारिश के कारण ढह गया। 50 मीटर लंबा यह सिंगल लेन पुल, जिसका लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था, सोमवार रात खड्ड में पानी के ज्यादा में आ गया और उद्घाटन से पहले ही मलबे में तब्दील हो गया। इसी साल इसका उद्घाटन होना था। इस मामले में जहां भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं,
. .वहीं PWD इसे प्राकृतिक आपदा बता रहा है। स्थानीय नेता राकेश चौहान ने इस घटना को भ्रष्टाचार का सीधा प्रमाण बताया है। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नाबार्ड द्वारा स्वीकृत करोड़ों रुपये के बजट से बन रहा यह पुल 24 घंटे के भीतर ढह गया। चौहान के अनुसार, यह घटिया निर्माण सामग्री और निगरानी में लापरवाही का स्पष्ट संकेत है।
. .उन्होंने जिम्मेदार इंजीनियरों और पर्यवेक्षकों की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहपुर के विधायक एवं उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। विधायक पठानिया ने स्पष्ट किया कि पुल के तकनीकी डिजाइन से लेकर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तक, सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी।
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.इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह घटना प्राकृतिक आपदा थी या लापरवाही का परिणाम। हालांकि, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज जसवाल ने विभागीय बचाव करते हुए कहा कि निर्माण में कोई कमी नहीं थी और सभी तकनीकी टेस्ट सफल रहे थे। फिलहाल, नियमों के तहत अब ठेकेदार को अपने खर्च पर इस मलबे को फिर से पुल की शक्ल देनी होगी, लेकिन इस बीच कनेक्टिविटी की आस लगाए बैठे ग्रामीणों का इंतजार और लंबा हो गया है।
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