नाम नहीं उजागर करने वाले मीडिया व पुलिस पर उठाये सवाल, पीड़िता के पक्ष में खड़े हुए लोग
PTB Big Exclusive न्यूज़ जालंधर : पंजाब के जालंधर शहर से एक सनसनीखेज मामला जोकि हाईप्रोफाइल होने की वजह से कुछ कुछ भ्र्ष्ट व लालची भेड़ियों के हाथों में जाने की वजह से बलि चढ़ गया और इन सभी के बीच में एक पीड़िता अपने ऊपर हुए अत्याचार का इंसाफ मांगने की वजाय डर कर घर बैठ गई। यह मामला जालंधर के मॉडल टाउन के पास स्थित गोल मार्केट के एक नामी प्रॉपर्टी कारोबारी के बेटे और उसके एक साथी के इर्द-गिर्द घूमता तब नजर आता है।
जब थाना नंबर-6 क्षेत्र में एक पीड़िता ने इन दोनों पर रास्ते में रोककर दुर्व्यवहार करने, मारपीट करने और जबरन कार में बैठाने की कोशिश करने के गंभीर आरोप लगाकर शहर में सनसनी फैला दी, हालांकि बाद में यह कथित मामला पुलिस के अनुसार समझौते में बदल गया लेकिन यही कथित मामला समझौते में बदलते ही कई सवालों के घेरे में घिर गया।
युवती का आरोप : पीड़ित युवती ने अपनी शिकायत में घटना की पूरी जानकारी दी, यही नहीं युवती के अनुसार, वह एक घर में काम करती है और बीते दिन जब वह अपने घर लौट रही थी, तभी रास्ते में प्रॉपर्टी कारोबारी के बेटे और उसके साथी ने उसे रोक लिया। वहीं आरोप है कि आरोपियों ने पहले युवती से उसका ‘रेट’ पूछा और आपत्तिजनक बातें कहीं। इसके बाद उन्होंने उसे जबरन अपनी गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। जब युवती ने कार में बैठने से साफ इंकार कर दिया, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की।
इसके बाद भी बात यहीं खत्म नहीं हुई, युवती ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि जब वह इस घटना की शिकायत दर्ज करवाने थाना नंबर-6 जा रही थी, तब भी रास्ते में उसे रोककर डराने-धमकाने और मामले को दबाने का प्रयास किया गया। इन सभी आरोपों के बाद उक्त पीड़ित युवती द्वारा थाना नंबर-6 में एक लिखित शिकायत दर्ज भी करवाई गई थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच एक कथित समझौता हो गया।
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इन सभी के बीच हैरानी वाली बात तो यह है कि इस समझौते के दौरान जो माफीनामा तैयार किया गया है, वह मुख्य आरोपी (कारोबारी के बेटे व उसके कथित साथी) की बजाय कथित तौर पर उसके ड्राइवर की ओर से लिखकर दिया गया है, जिससे मामले को रफा-दफा करने की कोशिशों की सरेआम बू आने लगी तो कई सवाल भी खड़े होना लाजमी हो जाते हैं।
इस सारे घटना के बाद पुलिस अधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया था कि पीड़ित युवती की ओर से शिकायत जरूर दी गई थी, लेकिन बाद में पीड़ित पक्ष ने पुलिस को बताया कि आरोपी पक्ष ने उनसे माफी मांग ली है। इसके बाद युवती ने आगे की कानूनी कार्रवाई न करवाने की बात कही। वहीं पुलिस प्रशासन का यह भी कहना है कि यदि पीड़ित पक्ष द्वारा भविष्य में इस मामले को लेकर कोई नई शिकायत दी जाती है, तो नियमानुसार तुरंत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस पूरी घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर फूटा जनता का फूटा मीडिया / पुलिस पर गुस्सा:–
इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। खासकर ‘समझौते’ और आरोपी का नाम गुप्त रखे जाने को लेकर यूजर्स ने पुलिस व मीडिया प्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। जनता की कुछ मुख्य प्रतिक्रियाएं इस प्रकार हैं:–

1. आरोपी का नाम छिपाने पर मीडिया और पुलिस से सवाल :–
इस दौरान यूजर्स इस बात से काफी नाराज दिखे, उनका कहना था कि इतने गंभीर मामले में आरोपी का नाम सामने क्यों नहीं लाया जा रहा है।
H-H नाम वाले एक यूजर्स ने सीधे तौर पर लिखा की “नाम उजागर करो (Reveal the name)”। हेमंत कुमार ने यह भी लिखा कि पीड़ित लड़की को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आगे आना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
G नाम के एक यूजर ने मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि “मिस्टर न्यूज़ चैनल, नाम भी डिस्क्लोज (उजागर) करो।”
N नाम के यूजर ने निराशा व्यक्त करते हुए लिखा कि “मीडिया नाम उजागर करने में सक्षम नहीं है, आप किस तरह के चैनल हैं?”

2. कथित ‘समझौते’ और सिस्टम पर भ्रष्टाचार के आरोप:–
खबर में ड्राइवर द्वारा माफीनामा लिखे जाने और मामले के शांत होने पर लोगों ने इसे पैसों के बल पर दबाया गया मामला बताया है।
D नाम के यूजर ने निराशा भरे शब्दों में लिखा कि “सब बिक जाते हैं”।
वहीं M जालंधर के यूजर ने लिखा कि एक सांकेतिक तस्वीर (हाथ मिलाते हुए) के साथ टिप्पणी करते हुए व्यक्त किया “सब कुछ बिकाऊ है (All for sale)”।
एक अन्य यूजर B-V) ने अपने एक पुराने अनुभव का हवाला देते हुए सिस्टम पर गुस्सा निकाला और कहा कि वरिष्ठ अधिकारी भले ठीक हों, लेकिन नीचे का पूरा स्टाफ भ्रष्ट है।

3. स्थानीय लोगों द्वारा कथित आरोपियों की पहचान का दावा किया गया जिसकी PTB News कोई भी पुष्टि नहीं करता है :–
सोशल मीडिया पर आ रहे कमेंट सेक्शन में कुछ स्थानीय लोगों ने सीधे तौर पर इस विवाद से जुड़े नाम का जिक्र करते हुए भी गंभीर टिप्पणियां की हैं। I-S और B जैसे यूजर्स ने सीधे तौर पर मॉडल टाउन गोल मार्केट के एक विशिष्ट नाम (बाजवा) की ओर इशारा करते हुए बेहद तीखी और आक्रोशित टिप्पणियां कीं। वहीं एक D नामक सोशल मीडिया यूजर ने भी इसी नाम को लेकर तंज कसा।
ऐसे में Social Media पर आ रहे ये कमेंट्स साफ दर्शाते हैं कि आम जनता इस तरह के गंभीर मामलों में रसूखदारों के दबाव या पुलिस की कार्यप्रणाली में हुए समझौते से बिल्कुल संतुष्ट नहीं है। जालंधर शहर के लोग आरोपियों के नाम सार्वजनिक करने और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग Social Media के माध्यम से कर रहे हैं। कई यूजर का कहना है कि पीड़िता घर में काम जरूर करती होगी लेकिन इसका मतलब यह नहीं की किसी गरीब को इंसाफ ना मिले।
यह नहीं शहर भर में चर्चा यह भी है कि पीड़िता के पक्ष में खबरें लगाने वाले कई तथाकथित मीडिया कर्मियों ने व मॉडल टाउन के ही एक व्यक्ति के कहने पर चाँद पैसे लेकर पीड़िता को इंसाफ दिलाने की बजाए ख़बरें अपने अकाउंट से Delete कर दी। पुलिस व जिला प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह से आगे चलकर जाँच करेगा या फिर राजनितिक संरक्षण की बलि चढ़ जायेगा। फ़िलहाल पुलिस की हो रही इस तथाकथित मामले को लेकर बदनामी ने पुलिस की साख को दाग व पीड़िता को इंसाफ नहीं मिलने के पुरे घटनाक्रम को एक कटखडे में लाकर खड़ा कर दिया है।
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