PTB Business न्यूज़ दिल्ली : देश के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी घोटालों में से एक माने जा रहे 20,000 करोड़ रुपये के कथित बिटकॉइन स्कैम में CBI ने पहली गिरफ्तारी की है। Darwin Labs के सह-संस्थापक आयुष वर्श्नेय को हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, वह श्रीलंका के कोलंबो भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन एयरपोर्ट पर जारी लुकआउट सर्कुलर के आधार पर उसे पकड़ लिया गया।
.यह घोटाला 2015 में शुरू हुई GainBitcoin स्कीम से जुड़ा है। इस योजना को अमित भारद्वाज (अब मृत), उनके भाई अजय भारद्वाज और उनके नेटवर्क ने शुरू किया था। निवेशकों को हर महीने 10% रिटर्न का वादा किया जाता था और दावा किया जाता था कि यह कमाई बिटकॉइन माइनिंग से होगी। निवेशकों को बिटकॉइन खरीदकर कंपनी के प्लेटफॉर्म पर क्लाउड माइनिंग कॉन्ट्रैक्ट में निवेश करने के लिए कहा जाता था।
. .यह योजना मल्टी-लेवल मार्केटिंग मॉडल पर आधारित थी, जिसमें नए निवेशक जोड़ने पर पुराने निवेशकों को अतिरिक्त लाभ का वादा किया जाता था। इसी वजह से यह स्कीम तेजी से फैल गई और हजारों लोग इसमें शामिल हो गए। शुरुआत में निवेशकों को बिटकॉइन में भुगतान किया गया, लेकिन 2017 के बाद भुगतान कम होने लगा। इसके बाद कंपनी ने अपनी क्रिप्टोकरेंसी MCAP में भुगतान करना शुरू किया, जिसकी कीमत बिटकॉइन से काफी कम थी।
.जांच एजेंसियों का कहना है कि यह पूरी तरह से पोंजी स्कीम थी और निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। सीबीआई ने इस मामले में देशभर में 60 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। दिल्ली-एनसीआर, पुणे, चंडीगढ़, नांदेड़, कोल्हापुर और बेंगलुरु में जांच की गई। सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2023 में सभी एफआईआर को सीबीआई को सौंप दिया था। वहीं, ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रहा है और भारत व विदेशों में कई संपत्तियां अटैच कर चुका है,
. .जिनमें दुबई के छह ऑफिस भी शामिल हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी क्रिप्टोकरेंसी के जरिए हवाला ट्रांजैक्शन भी करते थे। इसमें Bitcoin, Ethereum, USDT और Tron जैसी डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में अजय भारद्वाज और महेंद्र भारद्वाज अभी भी फरार हैं। ED ने करीब 69 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है और विदेशों से मदद मांगी गई है ताकि अपराध से जुड़े पैसों का पता लगाया जा सके। अप्रैल 2024 में ईडी ने कारोबारी राज कुंद्रा की करीब
.97.79 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच थी। इसमें जुहू का फ्लैट, पुणे का बंगला और कुछ इक्विटी शेयर थे। यह फ्लैट उनकी पत्नी शिल्पा शेट्टी के नाम पर बताया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह भारत का सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी घोटाला हो सकता है। अनुमान है कि इसमें करीब 29,000 बिटकॉइन शामिल थे और हजारों निवेशकों से ठगी की गई। फिलहाल CBI और ED इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना तलाश रही हैं और देश-विदेश में फैले नेटवर्क की जांच जारी है।
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