PTB न्यूज़ शिक्षा : हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर में प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन जी के सदैव प्रोत्साहनात्मक दिशा-निर्देशन अधीन संस्कृत विभाग एवं वैदिक अध्ययन सोसायटी की ओर से महात्मा हंसराज जी के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में विस्तारक संभाषण का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्यातिथि स्वरूप आचार्य जयेन्द्र जी (गुरुकुल नोयडा) से उपस्थित रहे। सर्वप्रथम संस्था प्रांगण में उनका स्वागत परंपरामुसार प्लांटर भेंट कर किया गया। प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन जी ने मुख्यातिथि आचार्य जयेन्द्र का संस्था में उपस्थित होने पर हार्दिक अभिनंदन किया एवं कहा कि महात्मा हंसराज जी का जीवन व व्यक्तित्व वास्तव में शिक्षाप्रद रहा है।
आप उनके व्यक्तित्व के गुणों को आत्मसात कर स्वयं के चरित्र को गुणवान व प्रभावशाली बना सकते हैं। उन्होंने डीन वैदिक अध्ययन सोसाइटी श्रीमती ममता एवं विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग डॉ. मीनू तलवाड़ के इस प्रयास की सराहना की। मुख्यातिथि आचार्य जयेन्द्र जी ने अपने वक्तव्य में संबोधित करते हुए कहा कि जीवन उनके लिए सार्थक है जो जागरूक हैं।
महात्मा हंसराज जी की शिक्षाएं हमें तेजस्वी व बौद्धिक जीवन प्रदान करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि उनकी तरह हमे भी चरित्रवान, गुणी व सद्कर्मी बनना चाहिए। उन्होंने मन, वचन, कर्म से सदैव सद्कार्य करने हेतु प्रेरित किया। इसी उपलक्ष्य में संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम सागर एवं उनकी टीम की ओर से भजन – उठ जाग मुसाफिर भोर भई का सुंदर गान प्रस्तुत किया गया।
डॉ. मीनू तलवाड़ ने भी महात्मा हंसराज जी के जीवन की घटनाओं को वर्णित कर सबको लाभान्वित व प्रेरित किया। कु. रोनिका ने भी महात्मा जी के जीवन पर विचार प्रस्तुत किए। समागम के अंत में डीन वैदिक अध्ययन सोसाइटी श्रीमती ममता ने मुख्यातिथि आचार्य जयेन्द्र का आभार व्यक्त किया। समागम का समापन शान्ति पाठ से किया गया।



































