PTB Big Political गुरदासपुर : हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बीच सदियों पुराने गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को बनाए रखने की वकालत करते हुए पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री रहे सुखजिंदर सिंह रंधावा ने हालिया विवादित घटनाओं पर गहरी चिंता जताई गई है। उन्होंने इस दौरान कहा कि सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह मांग उठने लगी है कि हिमाचल प्रदेश में आने वाले बाहरी राज्यों, विशेषकर पंजाब के पर्यटकों की सुरक्षा और सम्मान को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
. .“दोनों राज्यों का रिश्ता ऐतिहासिक और अटूट” :–
इस दौरान सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपने बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लोगों के बीच आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे की एक बेहद मजबूत परंपरा रही है। दोनों राज्य न केवल भौगोलिक रूप से जुड़े हैं, बल्कि उनकी संस्कृति और सामाजिक ताना-बाना भी आपस में गहराई से जुड़ा हुआ है।
. .शिमला की घटनाओं पर जताई चिंता:–
रंधावा ने कहा कि हाल के दिनों में शिमला सहित हिमाचल प्रदेश के कसोल व कुछ अन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच हुई झड़पों और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं दोनों राज्यों के लोगों के बीच चिंता पैदा कर रहे हैं। इस प्रकार की घटनाएं पंजाब और हिमाचल के बीच बने लंबे सौहार्द और भाईचारे के हित में बिल्कुल नहीं हैं।
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.मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से हस्तक्षेप की अपील :–
वहीं उन्होंने हिमाचल प्रदेश के माननीय CM सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस मामले में गंभीरता से ध्यान देने का आग्रह किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि वे प्रशासन को कड़े निर्देश जारी करें ताकि हिमाचल प्रदेश आने वाले हर एक पर्यटक को पूरी सुरक्षा मिले, उनका सम्मान हो और वे राज्य में खुद को स्वागत योग्य महसूस कर सकें। रंधावा ने आगे यह भी कहा कि पंजाब और हिमाचल के बीच भाईचारे के बंधनों को और अधिक मजबूत करना दोनों राज्यों के नागरिकों और सरकारों की सांझी जिम्मेदारी है।
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