PTB Sad न्यूज़ जालंधर : बीते दिन यानि रविवार की रात जालंधर के सिविल अस्पताल ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन सप्लाई रुक जाने से बड़ा हादसा हो गया। ICU में भर्ती तीन गंभीर मरीजों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य की स्थिति बिगड़ी, जिन्हें डॉक्टरों ने बचा लिया। सूत्रों के अनुसार, रात करीब साढ़े आठ बजे ऑक्सीजन प्लांट में आई तकनीकी खराबी के चलते लगभग 35 मिनट तक गैस की आपूर्ति बंद रही। इसी दौरान ICU में भर्ती मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
.जैसे ही डॉक्टरों और टेक्नीशियन को खराबी का पता चला, मरम्मत का काम शुरू किया गया। लेकिन सप्लाई बहाल होने तक अर्चना (15), अवतार लाल (32) और राजू (30) की मौत हो चुकी थी। जानकारी के मुताबिक, अर्चना को 17 जुलाई को सांप के काटने, अवतार लाल को 27 जुलाई को नशे की ओवरडोज और राजू को 24 जुलाई को टीबी के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। हादसे की सूचना मिलते ही मरीजों के परिजन भड़क गए और अस्पताल में हंगामा करने लगे।
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वहीं देर रात सिविल अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एमएस डॉ. राज कुमार ने कहा- मरने वाले 3 मरीज थे। मौत का कारण पता करने के लिए हमने 9 मेंबरी कमेटी गठित कर दी है। 2 दिन के अंदर कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी और उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मामले में जांच की जाएगी कि ये टेक्निकल फॉल्ट है या फिर हमारे किसी मुलाजिम की गलती है। मरने वाले सभी मरीज सीरियस थे।
.डॉ. राज कुमार ने कहा- घटना में अगर किसी भी आधिकारिक स्तर पर कोई गलती पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। कमेटी में अलग-अलग विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। जोकि अपने अपने तौर पर हर चीज की रिपोर्ट सौंपेंगे। इस मामले में DC हिमांशु अग्रवाल ने कहा- इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है, जो 72 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि मौतें ऑक्सीजन प्रेशर की कमी के कारण हुईं या फिर मरीज पहले से ही गंभीर स्थिति में थे, जिनका इलाज ICU में चल रहा था। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
.वहीं, अगर यह मामला किसी तकनीकी खराबी का हुआ, तो उसे सुधारने के पूरे प्रयास किए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। वहीं DC ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी गंभीरता से इस मामले की निगरानी कर रहा है और किसी भी तरह की चूक को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। पंजाब के सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह देर रात करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक सिविल अस्पताल जालंधर में रहे और डॉक्टरों व मरीजों से बातचीत की।
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इसके बाद उन्होंने कहा- आईसीयू में दाखिल मरीजों की हालत काफी नाजुक थी। स्टाफ से पता लगा कि ऑक्सीजन के प्रेशर में दिक्कत आई थी, लेकिन एक से दो मिनट के गैप में ऑक्सीजन को शुरू कर दिया गया था। वहीं सेहत मंत्री ने आगे कहा- मामले की गंभीरता को देखते हुए एक स्वतंत्र जांच टीम गठित की जा रही है, जिसकी अगुआई डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी करेंगे।
.यह टीम सोमवार सुबह जालंधर पहुंचेगी और बिना किसी हस्तक्षेप के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच करेगी। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सीधे मुझे सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। डॉ. बलबीर सिंह ने भरोसा दिलाया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

इस घटना के बारे में जब लोगों को पता चला तो तुरंत मौके पर सबसे पहले BJP के वरिष्ठ नेता पहुंचे थे और उन्होंने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जालंधर के पूर्व सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार रिंकू ने कहा- अस्पताल प्रशासन के साथ जिला प्रशासन और पंजाब सरकार की लापरवाही साफ है। इस मामले में लापरवाही करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई होनी चाहिए और मामले की स्वतंत्र जांच करवाई जाए।











































