PTB Big News कनाडा : कनाडा में भारतीयों विशेषकर पंजाबियों को बड़ी राहत मिली है। वर्क या स्टडी परमिट खत्म होने के बाद अब तुरंत वापस लौटने की जरूरत नहीं होगी। कनाडा की इमिग्रेशन एजेंसी IRCC ने नियमों में बदलाव करते हुए नया विकल्प दिया है। पहले परमिट खत्म होने पर व्यक्ति को उसी कैटेगरी- वर्कर या स्टूडेंट के तौर पर ही स्टेटस बहाल कराना पड़ता था। नई नौकरी या नया कोर्स न होने की स्थिति में भारत लौटना मजबूरी बन जाता था।
. .अब ऐसे लोग 90 दिनों के भीतर ‘विजिटर रिकॉर्ड’ के लिए आवेदन कर कनाडा में कानूनी रूप से रह सकेंगे। हालांकि, स्टेटस बहाली की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें काम और पढ़ाई तुरंत बंद करनी होगी। IRCC ने साफ किया है कि 90 दिन की समय सीमा पार होने पर यह राहत नहीं मिलेगी और डिपोर्टेशन की कार्रवाई भी हो सकती है।
.90 दिन का नियम पहले भी था, लेकिन इस अवधित में स्टूडेंट व वर्कर अपने पुराने परमिट के विकल्प को ही चुन सकते थे। अब भी समय सीमा 90 दिन ही है, लेकिन इन 90 दिनों के भीतर ‘विजिटर रिकॉर्ड’ के लिए आवेदन कर अपना स्टेटस बचा सकते हैं। अगर स्टेटस खत्म हुए 91 दिन हो गए, तो IRCC का यह नियम काम नहीं करेगा और आपको डिपोर्ट किया जा सकता है।
.IRCC ने साफ किया है कि परमिट खत्म होने के बाद जब आप बहाली के लिए आवेदन करेंगे, तो आप पुराने स्टेटस में नहीं रहेंगे। इसका मतलब है कि जब तक आपका नया परमिट या विजिटर रिकॉर्ड मंजूर नहीं हो जाता, तब तक आप काम या पढ़ाई नहीं कर सकते। आपको स्टेटस बहाल होने तक काम या पढ़ाई तुरंत बंद करनी होगी।
कनाडा में लंबे समय से वर्क परमिट पर रहने वाले लोगों को पक्की नागरिकता मिलने जा रही है। कनाडा सरकार ने इन-कनाडा वर्कर्स इनिशिएटिव के तहत देश में पहले से रह रहे 33 हजार वर्कर्स को परमानेंट रेजिडेंस (PR) देने का फैसला किया है। यह फैसला उन लोगों के लिए है, जो कनाडा के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में रहकर वहां की इकोनॉमी में मदद कर रहे हैं। कनाडा लेबर की कमी से जूझ रहा है।
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.ऐसे में सरकार ने फैसला किया है कि ग्रामीण व छोटे शहरों में काम करने वालों को नागरिकता दी जाएगी। कनाडा की इमिग्रेशन मिनिस्टर लीना मेटलेज डायब ने जानकारी दी है कि बजट 2025 में किए गए वादे के मुताबिक, वर्क परमिट पर काम कर रहे लोगों को अब तेजी से पीआर दी जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 में कम से कम 20 हजार वर्कर्स को पीआर दिया जाए। 2027 में बाकी बचे हुए लोगों की प्रक्रिया पूरी की जाए।
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