PTB Big न्यूज़ महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के अमरावती स्थित जिला महिला अस्पताल (डफरिन अस्पताल) के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में अचानक भीषण आग लग जाने के कारण तीन नवजात शिशुओं की झुलसने और दम घुटने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है।
.मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अमरावती के जिला महिला अस्पताल में कल रात आग लगने से तीन नवजात शिशुओं की मौत की घटना बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली है। हम उनके परिवारों के दुख में पूरी संवेदना के साथ शामिल हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए
. .मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने अमरावती जिला कलेक्टर आशीष येरकर को सख्त निर्देश दिए हैं कि घटना में घायल हुए अन्य नवजात शिशुओं का बेहतर से बेहतर इलाज पूरी तरह से सरकारी खर्च पर सुनिश्चित किया जाए। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने तुरंत एक्शन लेते हुए स्वास्थ्य प्रशासन को मामले की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
.उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का रुख साफ है कि लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। CM देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्यों की समीक्षा के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव तत्काल अमरावती के लिए रवाना हो गए हैं।
. .दोनों उच्चाधिकारी अस्पताल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे, पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे और सुरक्षा व्यवस्था का पुनः मूल्यांकन करेंगे। आपको यह भी बता दें कि अमरावती स्थित जिला महिला अस्पताल (डफरिन अस्पताल) के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में अचानक भीषण आग लग। इस हादसे में तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई। राहत की बात यह रही कि
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अस्पताल प्रशासन, दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से 36 नवजात शिशुओं को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग की लपटें फैलने से पहले ही रेस्क्यू टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चों को अन्य वार्डों और पास के अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। फिलहाल सभी बचाए गए शिशुओं की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उनकी निरंतर निगरानी कर रही है।




































