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अगर आप भी खरीदना चाहते हैं लैपटॉप, तो अब सीधा पड़ेगा आपकी जेब पर असर, जाने कब से,

laptop prices may rise up to 35 percent due to DDR ram cost increase

PTB Big न्यूज़ दिल्ली : अगर आप इस साल नया लैपटॉप या डेस्कटॉप खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. बाजार के जानकारों के मुताबिक कंप्यूटर के जरूरी पार्ट्स महंगे होने की वजह से लैपटॉप और पीसी की कीमतों में इस साल 35% तक बढ़ोतरी हो सकती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह DDR RAM की कीमतों में तेज उछाल और एंट्री-लेवल Intel प्रोसेसर की कमी है.

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इन दोनों चीजों की लागत बढ़ने से कंपनियों के लिए लैपटॉप और डेस्कटॉप बनाना महंगा हो गया है, जिसका असर सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है. मार्केट रिसर्च फर्म International Data Corporation (IDC) और Counterpoint Research के अनुसार, 2025 में भारत का पीसी बाजार काफी मजबूत रहा था. उस साल भारत में लगभग 1.59 करोड़ डेस्कटॉप, नोटबुक और वर्कस्टेशन की शिपमेंट हुई, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 10.2% ज्यादा थी.

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यह पहली बार था जब भारत में एक साल में पीसी की बिक्री 1.5 करोड़ यूनिट से ज्यादा पहुंची. साल 2026 में हालांकि तस्वीर थोड़ी बदल सकती है. बढ़ती कीमतों के कारण इस साल पीसी और लैपटॉप की बिक्री में करीब 7–8% तक गिरावट आ सकती है. विश्लेषकों का कहना है कि कीमतें बढ़ने से कई ग्राहक खरीदारी टाल सकते हैं. फिलहाल RAM की कीमतें पहले ही 2.5 से 3 गुना तक बढ़ चुकी हैं,

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जिससे लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में करीब 10–12% की बढ़ोतरी हो चुकी है. इसके अलावा मार्च में कीमतों में 8–10% और बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि आने वाले महीनों में भी कीमतें बढ़ने का खतरा बना हुआ है. इसका असर आम ग्राहकों पर ज्यादा पड़ेगा. जो लैपटॉप पहले 30,000–35,000 रुपये में मिल जाते थे, उनकी कीमत अब 45,000 रुपये के करीब पहुंच सकती है.

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इससे छात्रों, घर से काम करने वालों और पहली बार लैपटॉप खरीदने वालों के लिए अपग्रेड करना मुश्किल हो सकता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है और Strait of Hormuz जैसे अहम व्यापारिक रास्तों में बाधा आती है, तो सेमीकंडक्टर और चिप बनाने की लागत और बढ़ सकती है. इससे कंप्यूटर के पार्ट्स की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है. 

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हालांकि कंपनियां ग्राहकों पर असर कम करने के लिए कई उपाय कर रही हैं. कई ब्रांड फाइनेंसिंग स्कीम, ऑफर और नए कॉन्फिगरेशन के जरिए कीमतों का असर कम करने की कोशिश कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी का असर अगले 6–7 तिमाहियों तक रह सकता है और हालात सामान्य होने में 2027 के दूसरे हिस्से तक समय लग सकता है. ऐसे में कुछ ग्राहक कीमत और बढ़ने से पहले ही लैपटॉप खरीदने का फैसला कर रहे हैं.