PTB News

Latest news
ब्रिटिश ओलिविया स्कूल, में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मनाया बाल गोपाल महोत्सव, सेंट सोल्जर ग्रुप की विभिन्न स्कूल शाखाओं में धूमधाम से मनाई गई श्री कृष्ण जन्माष्टमी, इनोसेंट हार्ट्स स्कूल में हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव से मनाया गया जन्माष्टमी उत्सव, रचनात्मकता एवं उल्लास के साथ नन्हे विद्यार्थियों ने मनाई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, एचएमवी, जालंधर् ने बढ़ाया राष्ट्रीय गौरव - प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ‘एजुप्रेन्योर ऑफ द ईयर 2026’ से... Pyramid E-Services में घुस कर मैनेजर से मारपीट, स्टाफ का पर्स चोरी करने वाले मां-बेटे सहित 20 पर दर्... US President Donald Trump को उस समय एक जोरदार झटका लगा एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने महिला के पास से बरामद किया 2.18 करोड़ का सोना 2 लाख अतिनिर्धन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली व महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपए जन्माष्टमी पर मुस्लिम आर्टिस्ट ने बनाईं भगवान कृष्ण की अद्भुत ऑयल पेंटिंग

म्यांमार में भूकंप से मरने वालों की संख्या हजारों में पहुंची, 2376 लोग घायलम, भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा से बढ़ाया मदद का हाथ,

myanmar-thailand-earthquake-death-toll-quake-toll-in-myanmar-jumps-to-1000-dead-1670-injured

PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार(28 मार्च) को आए भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई है। अकेले म्यांमार में भूकंप में 1002 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सैंकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं इस भूकंप में अभी तक 2300 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। 30 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत-बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। उधर थाईलैंड में करीब 10 लोगों की भूंकप से मौत हुई है। 

.

इस भंयकर भूकंप का असर सिर्फ म्यांमार पर ही नहीं बल्कि आसपास के देशों में देखने को मिला है। भूकंप का भारत, चीन नेपाल समेत पांच देशों में देखने को मिला है। भूकंप से प्रभावित म्यांमार की मदद के लिए भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत राहत सामग्री भेजी है। वायुसेना का विमान सी-130 जे करीब 15 टन राहत सामग्री लेकर यांगून पहुंच गया है।

.

म्यांमार के अलावा थाईलैंड, चीन, नेपाल और भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं शनिवार रात में भी म्यांमार और अफगानिस्तान में फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह करीब 5 बजकर 16 मिनट पर अफगानिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 4.7 रही। समाचार एजेंसी एएफपी ने म्यांमार की सेना (जुंटा) के हवाले से बताया है कि भूकंप में अबतक 694 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1,670 घायल हुए हैं।

.

वहीं अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण(यूएसजीएस) का अनुमान है कि मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो सकती है। अस्पतालों में खून की भारी किल्लत की खबरें मिल रही हैं। म्यांमार में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं, लेकिन हर तरफ मलबे का ढेर, टूटी सड़कें, और ढही इमारतें नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि, अस्पतालों में घायलों की तादाद भी हजारों में है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, इस भूकंप से मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो सकती है।

.

वहीं सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमार के अनुसार, पांच शहरों और कई कस्बों में इमारतें गिर गई हैं, और दो प्रमुख पुल भी ढह चुके हैं। इस विनाशकारी भूकंप ने मंडाले, नेपिटॉ, यांगून और कई अन्य शहरों में इमारतों, पुलों और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचाया है। लेकिन सबसे अधिक मौतें नेपिटॉ में हुई हैं। यहां से 90 से अधिक लोगों की मौत का आंकड़ा सामने आया है। 

.

म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख, सीनियर जनरल मिन आंग हलाइंग ने टेलीविजन पर बताया कि देश में अब तक 144 लोगों की मौत हो चुकी है और यह आंकड़ा बढ़ सकता है। भूकंप का केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मंडाले के पास था। झटकों के बाद कई आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) भी महसूस किए गए, जिनमें से एक की तीव्रता 6.4 मापी गई। मंडाले में भूकंप ने कई इमारतों को जमींदोज कर दिया,

.

जिनमें शहर का एक प्रमुख मठ भी शामिल था। राजधानी नेपिटॉ में भी कई सरकारी कर्मचारियों के आवासीय भवन मलबे में तब्दील हो गए, जहां बचाव दल पीड़ितों को निकालने में जुटा हुआ है। म्यांमार सरकार के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में रक्तदान की अत्यधिक आवश्यकता है। अस्पतालों में खून की भारी कमी बताई जा रही है। आपदा में घायल लोगों से अस्पताल भरे पड़े हैं।

.

म्यांमार ना इस आपदा में दवाओं और अन्य राहत सामाग्री की कमी से जूझ रहा है। सैन्य सरकार ने विदेशी सहायता स्वीकार करने की घोषणा की है, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने प्रारंभिक राहत कार्यों के लिए 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि जारी की है। वहीं चीन और रूस ने म्यांमार में बचाव दल भेजे हैं, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी अमेरिकी मदद की बात कही है।