PTB Big न्यूज़ नेपाल / काठमांडू : नेपाल इस समय संकट में है । मंगलवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने विरोध प्रदर्श के बाद अचानक इस्तीफा दे दिया, जिससे देश एक गहरे संवैधानिक संकट में आ गया। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया, जब देशभर में युवाओं की अगुवाई वाला उग्र आंदोलन सत्ता-विरोधी तूफान में बदल चुका था। दरअसल, सरकार ने 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जिनमें फेसबुक, यूट्यूब और X शामिल थे, पर रोक लगा दी थी।
. .इस फैसले के बाद युवाओं में नाराजगी चरम पर पहुंच गई और भ्रष्टाचार, राजनीतिक उदासीनता और शासन में असफलताओं के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विद्रोह ने जन्म लिया। 8 सितंबर को हालात सबसे ज्यादा बिगड़े, जब सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 19 लोगों की जान चली गई। इसके बाद ‘Gen-Z’ की भीड़ ने कर्फ्यू तोड़कर सड़कों पर उतरना शुरू किया और संसद भवन, राजनीतिक दलों के कार्यालयों
.और वरिष्ठ नेताओं के आवासों तक को आग के हवाले कर दिया। इसी हिंसा में पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल की पत्नी राज्यलक्ष्मी चित्रकार की दर्दनाक मौत हुई। प्रदर्शनकारियों ने उनके घर में आग लगा दी, जिसमें गंभीर रूप से झुलसीं राज्यलक्ष्मी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस अराजक माहौल को काबू में करने के लिए नेपाल सेना ने मंगलवार रात 10 बजे से राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली।
.सेना ने बताया कि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में लूटपाट और तोड़फोड़ में शामिल 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सेना ने कहा कि सुरक्षा बल 24 घंटे लगातार काम कर रहे हैं ताकि शांति और स्थिरता बहाल की जा सके। उन्होंने नागरिकों की जागरूकता, सामुदायिक सहयोग और सही जानकारी साझा करने को इस संकट से निपटने के लिए अहम बताया। काठमांडू एयरपोर्ट और सरकार के मुख्य सचिवालय सिंहदरबार जैसे अहम ठिकानों पर सेना का नियंत्रण है।
.वहीं, देश की सीमाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। कर्फ्यू जारी है, हालांकि एंबुलेंस और शववाहन जैसी जरूरी सेवा से जुड़ी गाड़ियों को छूट दी गई है। सेना ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन, तोड़फोड़, लूट, आगजनी या किसी भी व्यक्ति और संपत्ति पर हमला अब दंडनीय अपराध माना जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, साथ ही सेना ने नागरिकों और मीडिया से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
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