PTB Big न्यूज़ धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में कांगड़ा पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत पुलिस ने पंजाब के जालंधर से संचालित हो रहे एक हाईटेक और बेहद संगठित अंतरराज्यीय हेरोइन (चिट्टा) तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। तीन अलग-अलग चरणों में चलाई गई इस त्वरित एवं गुप्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) अभिषेक सहोटा सहित कुल
.16 आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया है। इस बड़ी कामयाबी के दौरान पुलिस ने 167.18 ग्राम चिट्टा, एक मालवाहक वाहन और 14 डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस की तफ्तीश में इस ड्रग सिंडिकेट के काम करने का जो तरीका (मॉडस ऑपेरंडी) सामने आया है, उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। मुख्य सरगना अभिषेक सहोटा ने कांगड़ा जिले में नशे की निर्बाध सप्लाई बनाए रखने के लिए बाकायदा 8 वितरण काउंटर स्थापित कर रखे थे।
. .आखिर कैसे चलता था पूरा सिंडिकेट : —
यह नेटवर्क पूरी तरह से डिजिटल और तकनीकी माध्यमों पर काम कर रहा था। तस्करी के लिए इंसानी कूरियर का इस्तेमाल किया जाता था। वहीं पहचान छुपाने के लिए ‘डेड ड्रॉप’ पद्धति अपनाई थी। इसमें नशे की खेप को सुनसान जगह पर छिपाते थे, फिर वीडियो और ‘गूगल मैप लोकेशन’ मुख्य सप्लायर को भेजी जाती थी। इसके साथ ही मुख्य सप्लायर इस लोकेशन को आगे खरीदार से साझा करता था, जिससे काउंटर ऑपरेटर और ड्रग लेने वाले एक-दूसरे को कभी देख नहीं पाते थे।
.वहीं पुलिस को यह भी पता चला है कि एक साल में 80 लाख का संदिग्ध ट्रांजेक्शन जांच में सामने आया है। वहीं नशे के इस कूटनीतिक नेटवर्क में पैसों का लेनदेन पूरी तरह से डिजिटल था। पुलिस को गुमराह करने के लिए तस्कर क्यूआर (QR) कोड स्कैनर और विभिन्न लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से कई बेनामी बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस ने जब इस रैकेट की वित्तीय कड़ियों को खंगाला, तो पता चला कि पिछले महज एक साल के भीतर
. .इस नेटवर्क के जरिए करीब 80 लाख रुपए का संदिग्ध लेनदेन हुआ है, जिसमें से अकेले 1 जनवरी 2026 से अब तक लगभग 39 लाख रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। पालमपुर थाना और सीआईए (CIA) कांगड़ा की टीमों ने पुख्ता खुफिया इनपुट और तकनीकी निगरानी के आधार पर इस पूरे ऑपरेशन को तीन रणनीतिक चरणों में अंजाम दिया। इस पहले चरण में 24 मई को पालमपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जालंधर से सरगना अभिषेक सहोटा और पालमपुर के नागरी से प्रिया व मोहित
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सहित पांच लोगों को दबोचा गया। वहीं 27 मई को पुलिस ने दबिश देकर मालवाहक गाड़ी व आरोपी कंवलजीत कौशिक को पकड़ा। कंवलजीत पहले से NDPS एक्ट में 11 साल की सजायाफ्ता है व सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर बाहर था। वहीं 30 मई से 2 जून तक पुलिस ने कपूरथला, जालंधर, गग्गल और पालमपुर के विभिन्न इलाकों से निशा, लखविंदर, सुधांशु और शिवांशू सहित 10 और आरोपियों को दबोचकर 135 ग्राम चिट्टा बरामद किया।
.वहीं इस पुरे मामले में एसपी अशोक रतन ने बताया कि हमारी टीम ने पूरे ड्रग सिंडिकेट की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को पूरी तरह से डिकोड कर लिया है। अब इस संगठित गिरोह के अन्य मददगारों की धरपकड़ की जा रही है। इसके साथ ही, आरोपियों द्वारा नशे की काली कमाई से जुटाई गई अवैध संपत्ति को खंगाला जा रहा है, जिसे एनडीपीएस एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत जल्द ही फ्रीज किया जाएगा।








































