PTB Big न्यूज़ अमेरिका : अमरीका- इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के 11वें दिन अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ जारी युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, क्योंकि अब वहां निशाना बनाने के लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा है। बुधवार को अमरीका में दिए एक संक्षिप्त फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान में सैन्य ठिकानों और लक्ष्यों पर बड़े पैमाने पर हमले हो चुके हैं। अब वहां (ईरान) निशाना बनाने के लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा है। बस थोड़ा-बहुत ही बाकी है।
.जब भी मैं चाहूं, यह युद्ध खत्म हो जाएगा। हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि युद्ध समाप्त करने के लिए अमरीका किस तरह की रणनीति अपनाएगा या संघर्षविराम की कोई औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी या नहीं। उधर, गुजरात पोर्ट आ रहे थाईलैंड के कार्गो जहाज पर बुधवार को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर दो मिसाइलों से हमला हुआ। इससे जहाज में आग लग गई। इस दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन में 20 क्रू मेंबर्स को बचाया गया है।
.अमरीका और इजरायल से जारी युद्ध के बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं। वहां से गुजरने वाले यूरोपीय, अमरीकी और कई अन्य देशों के जहाजों पर वह निशाना बना रहा है। रॉयल थाई नेवी ने कहा कि बुधवार को यूनाइटेड अरब अमीरात से निकलने के कुछ ही समय बाद होर्मुज स्ट्रेट के पास एक थाई झंडे वाला कार्गो जहाज पर हमला हो गया। मयूरी नारी नाम का यह जहाज 30,000 डेडवेट-टन बल्क कैरियर है।
.मयूरी नारी यूएई के खलीफा पोर्ट से भारत के गुजरात में कांडला पोर्ट के लिए निकला था। थाई नेवी के बयान में कहा गया कि दो प्रोजेक्टाइल जहाज के पानी की लाइन के ऊपर लगे, जिससे जहाज के पिछले हिस्से और इंजन रूम में धमाके हुए और आग लग गई। नेवी के प्रवक्ता पराज रतनजयपन ने कहा कि ओमान की नेवी ने 20 क्रूमेंबर्स को बचाया है, जो जहाज छोडक़र एक लाइफबोट में निकल गए थे और उन्हें खासाब में किनारे पर ले आए। तीन लोग अभी लापता हैं।
.हमले की जांच अभी भी चल रही है। वहीं, समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि थाईलैंड के झंडा वाला कैरियर उन तीन जहाजों में से एक था, जिन पर होर्मुज स्ट्रेट में या उसके पास अनजान प्रोजेक्टाइल का हमला हुआ। बताया गया है कि हमले में थाई जहाज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उधर, अमरीका ने बुधवार को कहा कि उसने ईरान के 16 ऐसे जहाज नष्ट कर दिए, जिनका इस्तेमाल समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने के लिए किया जा सकता था।
.अमरीका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध में देश के नागरिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। ईरान की रेड क्रेसेंट सोसायटी के मुताबिक अब तक करीब 19,734 नागरिक इमारतें हमलों में क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। हमलों में 77 मेडिकल सेंटर और 65 शैक्षणिक संस्थान भी प्रभावित हुए हैं। रेड क्रेसेंट ने बताया कि उसके 16 राहत केंद्र भी हमलों की चपेट में आए हैं। इसी बीच तेहरान के खातम अल-अनबिया सैन्य कमांड मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफकारी ने कहा कि
.ईरान अब केवल जवाबी हमलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विरोधियों के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई करेगा। जोलफकारी ने कहा कि ईरान अमरीका, इजरायल और उनके सहयोगियों तक तेल पहुंचने नहीं देगा। उनके मुताबिक ऐसे देशों की ओर जाने वाले किसी भी जहाज या टैंकर को वैध निशाना माना जाएगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि जंग के कारण कच्चे तेल कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इसी बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड काप्र्स ने दावा किया है
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कि उसने अमरीका और इजरायल के ठिकानों की ओर मिसाइलों की 39वीं खेप दागी है। कुवैत और बहरीन में मौजूद अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। कुवैत में अल-उदैरी हेलिकाप्टर एयरबेस, मोहम्मद अल-अहमद नौसैनिक बेस और अली अल-सलेम एयरबेस को टारगेट किया गया। ईरानी गाड्र्स ने यह भी दावा किया कि बहरीन में अमरीकी सैनिकों की मौजूदगी वाले एक नौसैनिक अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए।
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