PTB Business न्यूज़ मुंबई : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच वॉर ने भले ही कई देशों में गैस सप्लाई की चिंता बढ़ा दी हो, लेकिन इस दौरान कुछ शेयरों में जमकर खरीदारी हो रही है। बता दें कि सप्लाई बाधित होने की खबरों के बीच भारत में गैस की कीमतें भी बढ़ा दी गई है। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कमर्शियल LPG की कीमत 114.5 रुपये बढ़ गई है।
.सरकार ने मिडिल ईस्ट संघर्ष से जुड़ी दिक्कतों के बीच घरेलू गैस सप्लाई को सुरक्षित करने और LPG प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। आइए जानते हैं कि गैस से जुड़ी किन कंपनियों में तेजी है। आज के कारोबार में Adani Total Gas और Gujarat Gas के शेयरों में बड़ा उछाल आया है। Adani Total Gas का शेयर करीब 16 फीसदी उछलकर 550 रुपये प्रति शेयर के भाव पर ट्रेड कर रहा था। वहीं Gujarat Gas में भी 6 फीसदी से ज्यादा की तेजी नजर आई।
.इसके अलावा गैस सेक्टर की दूसरी कंपनियों के शेयर भी चढ़े। आज Petronet LNG और Mahanagar Gas के शेयर भी मामूली बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे। निवेशकों को डर है कि अगर मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़े तो भारत में गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख रहा है। आज के कारोबार में BSE Sensex में 935 अंकों की गिरावट है और यह 77,270.61 के स्तर पर आ गया है।
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दूसरी तरफ Nifty 50 भी 267.65 अंक टूटकर 23,993.95 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। इस संबंध में Ministry of Petroleum and Natural Gas ने Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 जारी किया है। यह आदेश Essential Commodities Act, 1955 के तहत जारी किया गया है। इसके मुताबिक इन प्राथमिकता वाले सेक्टरों को पिछले 6 महीनों की औसत खपत के आधार पर 100% गैस सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी, बशर्ते ऑपरेशनल उपलब्धता बनी रहे।
.कमी से बचने के लिए सरकार ने तेल रिफाइनरियों को घरेलू LPG उत्पादन अधिकतम करने और जरूरी सेक्टरों तथा घरों के लिए पर्याप्त स्टॉक तैयार रखने का निर्देश भी दिया है। अधिकारियों के मुताबिक देश में LPG उत्पादन पहले ही करीब 10% बढ़ा दिया गया है और दूसरे देशों से गैस आयात की व्यवस्था भी की जा रही है। Reliance Industries ने कहा है कि वह अपने Jamnagar Refinery में रिफाइनरी ऑपरेशंस को इस तरह ऑप्टिमाइज कर रही है
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जिससे LPG उत्पादन बढ़ाया जा सके। इसके अलावा KG-D6 Basin से निकलने वाली प्राकृतिक गैस को भी सरकार के निर्देशों के अनुसार प्राथमिकता वाले सेक्टरों में भेजा जाएगा। ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ता संघर्ष अब भारत के ऊर्जा बाजार पर असर डालने लगा है। मिडिल ईस्ट में स्थित Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों में रुकावट आने की खबरें हैं।
.यह दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा ट्रांजिट रूट्स में से एक है। बढ़ते सुरक्षा खतरे की वजह से टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे गैस सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। भारत अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी हद तक आयातित गैस पर निर्भर है। बताया जा रहा है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरान की ओर से निशाना बनाया गया है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।
.इस कारण कई वैश्विक सप्लायर्स ने गैस शिपमेंट पर फोर्स मेज्योर की घोषणा भी कर दी है, यानी वे सप्लाई पूरी करने में असमर्थता जता रहे हैं। बता दें कि यह युद्ध अब दूसरे हफ्ते में पहुंच चुका है और इसके जल्द खत्म होने के संकेत अभी साफ नहीं हैं। Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी कि वह Strait of Hormuz में बारूदी सुरंगें (mines) न बिछाए। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान इस तरह की तैयारी कर रहा है या कर चुका है।





































