PTB Big Political न्यूज़ जालंधर (एडिटर-इन-चीफ) राणा हिमाचल : इन दिनों पंजाब में विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सभी पार्टियों के उम्मीदवार चुनाव मैदान में चुनाव प्रचार करते हुए दिखाई दे रहे हैं /ऐसे में जिला जालंधर के चारों हल्कों के उम्मीदवार अपने-अपने हल्कों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं, लेकिन जालंधर की हॉट सीट कहा जाने वाला सेंट्रल हल्का इन दिनों काफी सुर्खियों में है, क्योंकि इस हल्के में चार दिक्कत खिलाड़ी व राजनेता चुनाव मैदान में उतर चुके हैं /

इन सब में इन दिनों सबसे ऊपर व सुर्खियां बटौरने वाले कांग्रेस के सीनियर नेता राजिंदर बेरी का नाम काफी चर्चा में है, क्योंकि पिछले 5 सालों का हिसाब इन दिनों जनता उनसे मांग रही है, लेकिन राजेंद्र बेरी साहब का दावा है कि उन्होंने अपने 5 सालों में जो हल्के का विकास किया है वैसा विकास आज तक किसी भी पिछली सरकारों के समय में नहीं हुआ है और आने वाले समय में जो कार्य बचे हुए हैं उनको वह जल्द प्राथमिकता के आधार पर हल करेंगे /

खेर इन सबके बीच उन्होंने बीते दिनों अपना नामांकन पत्र दाखिल तो कर दिया, लेकिन इस नामांकन पत्र के साथ लगाए गए हलफनामें की विस्तार से जांच पड़ताल की तो उसमें कुछ हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आये / राजिंदर बेरी द्वारा दिए गए नामांकन पत्र के दौरान उन्होंने उसमें अपने नाम पर तीन गाड़ियों का जिक्र किया, जिनमें सबसे ऊपर नाम इनोवा डीजल गाड़ी, जिसका नंबर PB08 BX 0097 है, वहीं उन्होंने दूसरी गाड़ी 4 पहिया वाहन टैंकर ट्रक, जिसका नंबर PB08 AS 9997 है, वहीं तीसरी गाड़ी एक्टिवा स्कूटी, जिसका नंबर PB08 CZ 3997 है /

यह जानकारी इलेक्शन कमीशन को सौंप उन्होंने अपने नामांकन के दौरान खुद सौंपी है / इन सब गाड़ियों की जब PTB News ने जांच पड़ताल की तो यह बात पता चली की राजिंदर बेरी साहब ने विधायक पद पर रेहतेत हुए इनोवा गाड़ी जोकि 2012 मॉडल है और गाड़ी की इंश्योरेंस 2012 के बाद कभी करवाई ही नहीं, वही उनके पास मौजूद 2015 मॉडल एक्टिवा स्कूटी जिसकी इंश्योरेंस भी 2015 के बाद राजिंदर बेरी ने नहीं करवाई है /

यह सारी जानकारी इंश्योरेंस कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक है, हमारे सूत्रों के मुताबिक राजिंदर बेरी 2012 में पार्षद थे और इसी दौरान उन्होंने इनोवा गाड़ी सेकंड हैंड खरीदी थी, लेकिन सत्ता का नशा राजेंद्र बेरी पर ऐसा चढ़ा कि वह अपनी गाड़ियों की इंश्योरेंस करवाना ही भूल गए, बात यहीं खत्म नहीं होती इस दौरान उन्होंने अपनी गाड़ियों की प्रदूषण जांच भी नहीं करवाई, 2012 के बाद रजिंदर बेरी 2017 में विधायक बने और विधायक बनने के बाद भी वह इन गाड़ियों की इंश्योरेंस व प्रदूषण जांच सार्टिफिकेट लेना भूलते रहे या कह लीजिए कि अनदेखा करते रहे /
लेकिन सोचने वाली बात तो यह है कि नेताओं को इंश्योरेंस और प्रदूषण सर्टिफिकेट से छूट है या फिर वह जरूरत महसूस ही नहीं करते, यह एक गंभीर मुद्दा है, क्योंकि जो नेता देश को प्रदेश को अपने इलाके को सुधारने की चुनावों के दिनों में बड़ी-बड़ी डींगे हांकते हैं क्या वह कानून की खुद धज्जियां उड़ा कर कानून का शरेआम मजाक नहीं उड़ा रहे हैं / क्या कानून उनके लिए भी एक बराबर नहीं है, अगर है तो फिर क्या राजिंदर बेरी साहब को इंश्योरेंस और प्रदूषण सेर्टिफिकेट लेना नहीं चाहिए था,

खैर यह वह तथ्य है जो उनके द्वारा दिए गए नामांकन पत्र से हमें हासिल हुए हैं और जिनका खुलासा आज हम इंश्योरेंस कंपनी की ही वेबसाइट से मिले सबूतों के आधार पर कर रहे हैं अगर इस विषय में रजिंदर बेरी या उनका कोई सदस्य इस मामले में अपना पक्षः रखना चाहते हैं तो वह हमारे से कभी भी संपर्क कर सकता हैं / हम उनके बयानों को प्रमुखता के आधार पर प्रकाशित करेंगे / तब तक आप पढ़ते और देखते रहिए PTB News की ताजा और अपडेट खबरें……../





































