PTB News

Latest news
कैबिनेट ने दी 1000 पुलिस कॉस्टेबल भर्ती को मंजूरी, देश की सबसे बड़ी कंपनी TCS के कर्मचार‍ियों पर लगे गंभीर इल्जाम, दर्ज हुई 9 FIR, जाने पूरा मामला, पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर विमेन, जालंधर की छात्रा ने GNDU में पहला स्थान हासिल किया, ਲਾਇਲਪੁਰ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਵਿੱਚ ਅੰਬੇਡਕਰ ਜੈਯੰਤੀ ਮੌਕੇ ਵਿਸ਼ੇਸ ਲੈਕਚਰ, सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की छात्रा सिमरनप्रीत कौर ने ASMITA अंडर-13 नेशनल फुटबॉल लीग सेमी... पंजाब में स्कूल टीचर पर फेंका एड्सग्रस्त भांजे ने तेजाब, चेहरा झुलसा, 2 बच्चे भी आए चपेट में, जालंधर के Swami Sant Dass Public School में छात्रों में हुई खूनी झड़प, तेजधार हथियारों से किया हमला,... NSA हटने के बावजूद! हाईकोर्ट ने दिया जेल में बंद सांसद अमृतपाल को लेकर बड़ा आदेश पंजाब में एक के बाद एक रेड जारी, अब AAP मंत्री के 13 ठिकाने पर दूसरी बार ED की बड़ी करवाई, चर्चे! अफ्रीकी युवक व हिमाचली युवती के, यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान हुए प्यार के बाद हिंदू रीति-रि...

देश की सबसे बड़ी कंपनी TCS के कर्मचार‍ियों पर लगे गंभीर इल्जाम, दर्ज हुई 9 FIR, जाने पूरा मामला,

Allegations of Sexual Harassment Against TCS Employees in Nashik 9 FIRs Registered

PTB Shocking न्यूज़ नास‍िक : भारत के महाराष्ट्र के अधीन पड़ते नासिक में स्थित देश की सबसे बड़ी कंपनी TCS में काम करने वाली आठ महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाकर देश भर हाहाकार मचा दिया है। जिसकी परतें धीरे धीरे खुलने से अब महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और अब TCS की इन 80 महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उनके ऑफिस में महिला कर्मचारियों को धमकाया गया। यौन शोषण किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

.

इस पुरे मामले में अब तक कुल 9 FIR पुलिस की और से दर्ज की जा चुकी हैं। जिनमें बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कई धाराओं में केस दर्ज हुआ है। अभियुक्तों में TCS के कर्मचारी, HR विभाग के कुछ लोग और डिलीवरी पार्टनर्स शामिल हैं। महिलाओं ने यौन शोषण, शादी का झांसा देकर संबंध बनाने, धोखाधड़ी और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे आरोप लगाए हैं। इस मामले में एक महिला समेत कुल 7 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है,

.

जबकि एक महिला अभियुक्त फ़रार बताई जा रही हैं। वहीं इस पुरे मामले में TCS ने गिरफ़्तार कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और एक बयान जारी कर कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है। वहीं, एक महिला अभियुक्त के वकील ने इन आरोपों से इनकार किया है। ये अभियुक्त डिलीवरी पार्टनर में काम करने वाली कर्मचारी बताई जा रही है। इस पुरे मामले में अभी तक दर्ज पहली FIR में एक महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

.

इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने ख़ुद से संज्ञान लेते हुए एक फ़ैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। बॉम्बे हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस साधना जाधव की अध्यक्षता में इस कमेटी का गठन किया गया है जो 17 अप्रैल को घटनास्थल का दौरा करेगी। वहीं शिकायत दर्ज कराने वाली महिला 2023 से TCS के नासिक ऑफ़िस में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है। वहीं FIR के मुताबिक़, “उसकी मुलाक़ात 2022 में एक अभियुक्त से हुई थी। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और दोस्त थे।

.

अभियुक्त ने महिला को अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी दौरान जुलाई 2022 में अभियुक्त ने महिला से शारीरिक संबंध की मांग की और ज़बरदस्ती भी की। महिला के विरोध करने पर उसने शादी की इच्छा जताई। महिला ने कहा कि वह सोचकर बताएगी। FIR में आगे लिखा है कि बाद में अभियुक्त महिला को अक्सर कॉलेज के बाद मिलने के लिए बुलाने लगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने महिला को इसी कंपनी में इंटरव्यू देने को कहा,

.

जहां वह एसोसिएट पद पर सिलेक्ट हो गई। TCS में ही महिला की मुलाक़ात अभियुक्त के एक पुरुष और एक महिला परिचित से हुई। ये चारों अक्सर साथ रहते, कैंटीन जाते और साथ टहलते थे। FIR में ये भी आरोप लगाया गया है कि ‘इसी दौरान अभियुक्त और उसके दोनों साथी महिला से कहते थे कि “तुम्हारा धर्म ख़राब है, हमारा धर्म अच्छा है.” महिला के धर्म को लेकर कथित तौर पर कई अपमानजनक बातें भी कही जाती थीं। FIR में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2024 में अभियुक्त महिला

.

को एक रिज़ॉर्ट ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि “इसके बाद कंपनी में काम करने वाला उसका दोस्त महिला के घर गया और परिवार को रिश्ते की बात बताने की धमकी देकर उससे भी शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। बाद में ऑफ़िस में भी महिला के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। FIR के मुताबिक़, “दोनों दोस्त महिला पर लगातार दबाव बनाते रहे कि उसे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए।

.

महिला के मुताबिक़, इस दौरान अभियुक्त उससे नज़दीकियां बढ़ाने की भी कोशिश करते रहे। महिला के मुताबिक़, फ़रवरी 2026 में उसे एक और महिला का फ़ोन आया, जिससे पता चला कि वह अभियुक्त की पत्नी है और उनके दो बच्चे भी हैं। इस पर जब महिला ने अभियुक्त से पूछा कि जब वह पहले से शादीशुदा था तो उसने उसे धोखे में क्यों रखा। इस पर अभियुक्त ने गोलमोल जवाब दिया और कहा, “मेरा तुमसे शादी करने का कभी इरादा नहीं था।

.

महिला का आरोप है कि अभियुक्त, उसके दोस्त और एक अन्य महिला ने उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई और शादी का झूठा वादा कर बार-बार यौन शोषण किया।

इस पुरे मामले में अभी तक दर्ज 9 एफ़आईआर में कई तरह के आरोप सामने आए हैं।

जिनमें FIR नंबर 1 : धार्मिक भावनाएं आहत करना, धमकी, शारीरिक संबंध और ऑफ़िस लॉबी में छेड़छाड़

FIR नंबर 2 : दो अभियुक्तों पर छेड़छाड़, एचआर पर शिकायत दबाने का आरोप

FIR नंबर 3 : निजी और वैवाहिक जीवन पर अपमानजनक टिप्पणियां, ख़ासकर निःसंतानता पर

FIR नंबर 4 : निजी जीवन पर शर्मनाक सवाल, शरीर और प्राइवेट पार्ट्स की ओर इशारे

FIR नंबर 5 : धर्म विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी, ख़ास धार्मिक रीति-रिवाज करने के लिए मजबूर करना, मांसाहार खिलाने और धर्म परिवर्तन का दबाव

FIR नंबर 6 : महिला के शरीर पर अश्लील टिप्पणियां, जानबूझकर छूना और छेड़छाड़

FIR नंबर 7 : पीछा करना, अश्लील टिप्पणियां, कार्यस्थल पर अनुचित तरीक़े से छूना

FIR नंबर 8 : निजी जीवन पर सवाल, प्रेम संबंध और शारीरिक संबंध का दबाव

FIR नंबर 9 : कार्यस्थल पर गाली-गलौज, बदसलूकी और शरीर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां

इस पुरे घटनाक्रम के बाद TCS कंपनी की एक महिला डिलीवरी पार्टनर भी अभियुक्त है को नासिक कोर्ट ने उसकी पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक ले लिया है। जांच में पता चला है कि कंपनी के सर्वर से इस महिला को 78 ईमेल भेजे गए थे, जिनकी जांच की जा रही है। यह भी आरोप है कि यह महिला अभियुक्तों के लगातार संपर्क में थी। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि महिला ने शिकायतकर्ता की मदद करने के बजाय उसकी आवाज़ दबाने की कोशिश की।

हालांकि महिला के वकील ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा, “हमारी मुवक्किल HR में नहीं थीं और न ही वह फ़रार थीं। वकील के मुताबिक़, वह 2026 में कंपनी की पॉश (प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट) कमेटी से जुड़ी थीं, जो कार्यस्थल पर महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और 78 ईमेल पुलिस को पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

इस घटनाक्रम के बाद TCS ने बयान जारी करते हुए कहा, “हमारी कंपनी में किसी भी तरह के उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के ख़िलाफ़ ज़ीरो-टॉलरेंस नीति है। हम कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा, गरिमा और भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। TCS ने कहा कि नासिक की घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत आंतरिक जांच शुरू कर दी गई और जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

TCS ने यह भी कहा कि वह स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। वहीं, 10 अप्रैल को अभियुक्त पक्ष के वकील बाबा सैयद ने इस मामले को एक “ग़लतफ़हमी” बताया और ज़्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

Latest News