PTB Big न्यूज़ पंचकूला : पंचकूला से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां शहर के एक नामी फाइनेंसर अनिल भल्ला के साथ सांठगांठ के आरोप में पंचकूला पुलिस ने सेक्टर-2 पुलिस चौकी प्रभारी गुरमेज सिंह सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त डॉ. हनीफ कुरैशी और डीसीपी सुरेंद्र पाल सिंह ने देर रात सेक्टर-2 पुलिस चौकी पर छापा मारा। इस दौरान चौकी इंचार्ज ASI गुरमेज सिंह के अलावा अनिल भल्ला और नरेंद्र खिलन को गिरफ्तार किया।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-4 निवासी संजीव गर्ग ने बताया कि उसके हरियाणा और पंजाब में पेट्रोल पंप हैं। फाइनेंसर अनिल भल्ला के साथ उसकी पहले से ही जान पहचान है। संजीव गर्ग ने बताया कि उसे करोड़ों रुपयों की जरूरत थी। अनिल भल्ला ने उसे ब्याज पैसे देने की बात कही। इसके लिए अनिल भल्ला ने संजीव से कई खाली कागजातों, बैंक चेक और संपत्ति के कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे।
कई दिन बीत जाने के बाद भी अनिल भल्ला संजीव गर्ग को किसी तरह का लोन नहीं दिया। संजीव गर्ग ने उससे अपने कागजात वापस मांगे, तो अनिल भल्ला उसे फर्जी मामले में फंसवाने और जान से मारने की धमकी देने लगा। संजीव गर्ग ने मामले की शिकायत निवारण निगरानी प्रणाली हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी थी, जिसमें बताया था कि अनिल भल्ला ने खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाकर उनका दुरुपयोग किया है। संजीव गर्ग और उसकी पत्नी अनिल भल्ला को लगभग 50 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान कर चुके थे।
अनिल भल्ला ने अपने एक साथी नरेंद्र खिलन के साथ मिलकर उसके खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाकर झूठी शिकायत दर्ज करवाई। आर्थिक अपराध शाखा सेक्टर-12 में मामले की शिकायत जांच के दौरान अनिल भल्ला ने पुलिस पर अपने राजनीतिक और नौकरशाही का दबाव का इस्तेमाल किया और अपने प्रभाव से संजीव गर्ग की शिकायत को रद करवा दिया।
इसके बाद अनिल भल्ला ने संजीव गर्ग के खिलाफ झूठी शिकायत देकर उसके खिलाफ केस दर्ज करवा दिया गया। 18 मार्च 2022 को पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। संजीव गर्ग का आरोप है कि सेक्टर-2 चौकी प्रभारी गुरमेज सिंह ने गिरफ्तारी से बचाने के लिए उसे अनिल भल्ला को 50 लाख रुपये रुपये देने का दबाव डाला। गुरमेज सिंह ने गिरफ्तारी के सभी दस्तावेज तैयार किए और कहा कि अनिल भल्ला को पैसे नहीं दिए तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गुरमेज सिंह ने संजीव गर्ग से दो खाली कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए और 3 घंटे के लिए पुलिस चौकी में हिरासत में रखा। गिरफ्तारी के डर से संजीव गर्ग ने 20 लाख रुपये का प्रबंध कर लिया था और अनिल भल्ला के अकाउंट में स्थानांतरित करने को तैयार था, लेकिन अनिल भल्ला ने कैश की डिमांड की। पुलिस चौकी प्रभारी गुरमेज सिंह के सामने यह राशि संजीव गर्ग के चचेरे भाई दिनेश कुमार गर्ग ने अनिल भल्ला और उसके बेटे आकाश भल्ला को सौंपी। साथ ही उनकी फार्च्यूनर को बेचने के जबरदस्ती समझौता करवाया। पुलिस ने अनिल भल्ला, नरेंद्र खिलन और चौकी प्रभारी गुरमेज सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।








































