PTB News

Latest news
जालंधर में दिनदिहाड़े फिर चली गोलियां, पुलिस जांच में जुटी Iran-America में समझौते की खबरों से चढ़ी शेयर मार्केट, निवेशकों ने ली राहत की सांस एचएमवी की छात्राओं ने यूनिवर्सिटी में सबसे ज़्यादा एसजीपीए हासिल किए, ਲਾਇਲਪੁਰ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਦੇ ਐਮ.ਐਸ.ਸੀ. ਆਈ.ਟੀ. ਸਮੈਸਟਰ ਤੀਜਾ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਰਿਹਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ, अब सरकार ने शुरू की बेसहारा बच्चों के लिए Bal Sangopan Yojana, मिलेंगे 2500 रूपये महीना अमेरिकी हमले में मृत आदित्य के शव का परिवार व गांव वाले कर रहे इंतजार, फूट-फूट कर मीडिया के सामने रो... निशानेबाजी के 'गोल्डन बॉय' जसपाल राणा ने दुनिया को कहा अलविदा, खेल जगत में शोक गोल्डन टेंपल परिसर में बेअदबी की युवक ने की कोशिश, SGPC अध्यक्ष ने लिया संज्ञान पेपर लीक और परीक्षा विवाद पर कॉकरोच पर ने किया बड़े आंदोलन का ऐलान Iran US War, Oman के निकट अमेरिकी मिसाइल हमले में हिमाचल प्रदेश के युवक की हुई मौत, क्षेत्र में शोक ...

रसोई गैस के बाद अब देश के लोगो को लगेगा एक और बड़ा झटका, जाने

after LPG now the people of the country will get another big blow

PTB Big News नई दिल्ली : रसोई गैस के बाद अब दिल्लीवासियों को बिजली का बड़ा झटका लगने वाला है। दरअसल, दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों ने ग्राहकों पर लगाए जाने वाले पावर पर्चेस एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) में 4 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है, ये नियम जून के मध्य से ही लागू किया जाएगा।

बिजली वितरण कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं पर लगाए जाने वाले बिजली खरीद समायोजन लागत (PPAC) में जून के मध्य से चार प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में बिजली की लागत बढ़ गई है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।

बिजली विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने दिल्ली बिजली नियामक आयोग (डीईआरसी) की मंजूरी के बाद कोयले और गैस जैसे ईंधन की कीमतों में वृद्धि के कारण यह बढ़ोतरी की है। इस संबंध में डीईआरसी की कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिली। पीपीएसी बाजार संचालित ईंधन लागत में भिन्नता के कारण डिस्कॉम को क्षतिपूर्ति करने के लिए एक अधिभार है।

अधिकारियों ने कहा कि यह कुल ऊर्जा लागत और बिजली बिल के फिक्स्ड चार्ज घटक पर अधिभार के रूप में लागू होता है। एक आधिकारिक ने कहा कि डीईआरसी की मंजूरी के मुताबिक, दिल्ली में पीपीएसी में 11 जून से चार फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। वहीं बता दें कि अभी दिल्ली के घरेलू उपभोक्ताओं को करीब 8 रु. प्रति यूनिट और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को 14 रु. तक का भुगतान करना पड़ता है।