PTB News शिक्षा : GNA विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (ए.आई.यू.) नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी फुटबॉल टूर्नामैंट (पुरुष) का आयोजन किया। यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर आगे खेलने के लिए उत्तर क्षेत्र की शीर्ष 4 टीमों में शामिल होने के प्रतिष्ठित अवसर को उपलब्ध करवाने का एक मंच था। इस मैगा इवैंट में दिल्ली विश्वविद्यालय, कश्मीर विश्वविद्यालय, पंजाबी विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय, गुरु काशी विश्वविद्यालय सहित उत्तर क्षेत्र के 50 से अधिक विश्वविद्यालयों/संस्थानों के लगभग 1700 से ज्यादा फुटबॉलरों के साथ 84 से ज्यादा टीमों ने अपनी प्रतिभा और खेल भावना का प्रदर्शन किया।
टूर्नामेंट 16 दिसंबर को शुरू हुआ और इस आयोजन के पहले दिन 40 से अधिक टीमों ने नॉकआऊट राऊंड में एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा की। टूर्नामेंट के समापन समारोह में भारतीय विश्वविद्यालय संघ, दिल्ली के संयुक्त सचिव डा. बलजीत सिंह सेखों ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। अपने संबोधन में सभी खिलाड़ियों को प्रेरित किया और विजेता टीमों को आगामी चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए कहा। उन्होंने टूर्नामेंट की मेजबानी करने और खिलाड़ियों को शानदार सुविधाएं प्रदान करने के लिए जीएनए विश्वविद्यालय की भी सराहना की।
क्वार्टर फाइनल के दौरान टीमों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा और अंत में चार टीमों ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की टीम ने पहला स्थान और स्वर्ण पदक हासिल कर विजेता ट्रॉफी हासिल की। संत बाबा सिंह विश्वविद्यालय, खियाला की टीम ने दूसरा स्थान और रजत पदक हासिल किया और पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला की टीम ने तीसरा स्थान और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर की टीम ने कांस्य पदक हासिल किया।
इस मौके यूनिवर्सिटी के चांसलर सिहरा ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने लक्ष्यों को ऊंचा रखें और तब तक न रुकें जब तक वे वहां नहीं पहुंच जाते। उन्होंने कहा कि जीवन में पढ़ाई के साथ खेल-कूद का होना बेहद जरूरी है। वहीं जी.एन.ए. विश्वविद्यालय के कुलपति डा. वी.के. रतन ने टूर्नामेंट के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए सभी खिलाड़ियों की सराहना की और उन्हें इस खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने का सुझाव दिया।
प्रो. वाइस चांसलर डा. हेमंत शर्मा ने सभी खिलाड़ियों को यह अवसर प्रदान करने के लिए प्रबंधन और मैचों के दौरान खिलाड़ियों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए फिजियोथेरेपी विभाग के शिक्षकों और छात्रों को भी धन्यवाद किया। जी.एन.ए. विश्वविद्यालय की डीन एकेडमिक डा. मोनिका हंसपाल ने कहा कि खेल शिक्षाविदों का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों की सराहना की। इस मौके पर कुणाल बैंस, उप रजिस्ट्रार, डा. विक्रांत शर्मा, डा. समीर वर्मा, सी.आर. त्रिपाठी, डा. दीपक तिलगोरिया व अन्य गण्यमान्य उपस्थित थे।








































