विजिलेंस की रडार पर होटल मैरिटोन और शहर में हो रहे अवैध निर्माण, जिनसे की गई मोटी उगाही, चंडीगढ़ तक पहुंच मामला, चम्मचे और दलालों की बनी लिस्ट,
पीटीबी न्यूज़ जालंधर (एडिटर-इन-चीफ) राणा हिमाचल : एक तरफ जहां पंजाब में भगवंत मान की सरकार ईमानदारी की बात करते हुए निष्पक्ष रूप से आम जनता के साथ हो रही लूट और लूट को अंजाम देने वाले अधिकारीयों के खिलाफ करवाई करती दिखाई दिखाई दे रही है, वहीं इसके उलट पंजाब के कई विभागों में ऐसे भ्रष्ट अधिकारी कार्यरत हैं जो अपनी नौकरी की परवाह किये बिना ही लगातार भ्रष्टाचार फैलते हुए सरकार के खजनाए में ही सेंधमारी करते जा रहे हैं।
इसका जीता जगता सबूत उस समय देखने को मिला जब विजिलेंस विभाग की टीम ने बीते दिनों बड़ी करवाई करते हुए मैक्स एसोसिएट्स, रामा मंडी, जालंधर के मालिक आर्कीटैक्ट राजविंदर सिंह को नगर निगम जालंधर के कर्मचारियों के साथ मिलीभुगत के द्वारा ज़मीन के प्रयोग में बदलाव (सी.एल.यू.) सर्टिफिकेट जारी करवाने के बदले 60,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।
इस मामले में नगर निगम जालंधर में बिल्डिंग इंस्पेक्टर के तौर पर तैनात आर्कीटैक्ट के एक मध्यस्थ सुखविन्दर शर्मा को भी गिरफ़्तार किया गया है। इस मामले में आर्कीटैक्ट का दूसरा साथी वरुण, जोकि नगर निगम जालंधर का ड्राफ्ट्समैन और बिल्डिंग इंस्पेक्टर (अतिरिक्त प्रभार), अभी भी फऱार है, जिसको जल्द ही गिरफ़्तार कर लेने का दावा कर रही है,
लेकिन इन सबके बीच मिली जानकारी के अनुसार जिस (ड्राफ्ट्समैन) यानि वरुण जोकि बिल्डिंग इंस्पेक्टर का अतिरिक्त कार्यभार भी देखता था की पुलिस तलाश कर रही है वह वही वरुण है जिसने होटल मैरिटोन का नक्शा ड्राफ्ट किया था, यानि वरुण ने ही अपनी मिलीभगत करके होटल मैरिटोन को फायदा पहुंचने की कोशिश की थी और नगर निगम को लाखों का चूना लगाया था।
यही नहीं जिस कॉमर्शियल निर्माण पर 20 प्रतिशत एरिया खाली छोड़ना होता है उससे मोटी मलाई खाकर कैसे कोई सरकारी अधिकारी कॉमर्शियल निर्माण करने वाले कारोबारियों को फायदा और सरकारी ऑफिस में काम करने वाला अधिकारी सरकार को ही चुना लगा सकता है। सूत्रों का कहना है कि होटल प्रबंधन ने वरुण व उसकी कुंडली का मिलान करना शुरू कर दिया है और होटल मेरिटोन जिकसी जाँच खुद ATP सुखदेव वशिष्ट ने शुरू कर दी है
और इसकी रिपोर्ट वह सोमवार को उच्च अधिकारीयों के सामने पेश करने वाले हैं, को लेकर होटल प्रबंधक को फायदा पहुंचने का काम करते हैं या फिर बिना कंप्लीशन सर्टिफेकट के होटल कैसे शुरू किया गया के खिलाफ बनती करवाई कर अपनी साफ छबि जिसे कुछ तथाकथित पत्रकारों ने सिंघम का नाम दे रखा है को उच्च अधिकारीयों में पाक साफ रखते हुए करती हैं कोई करवाई यह देखना अभी बाकि होगा।








































