पीटीबी न्यूज़ जालंधर (एडिटर-इन-चीफ) राणा हिमाचल : भारतीय जनता पार्टी के प्रधान सुशील शर्मा की अध्यक्षता में आज जिला भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक गैर कानूनी तरीके से पोस्टर लगाने वाले आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार के मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ औऱ विधायक रमन अरोड़ा के खिलाफ चुनाव अधिकारी एस.डी.एम-1 मेजर डॉ शिवराज सिंह बल को शिकायत दर्ज करवाई है।
क्योंकि वीरवार दोपहर को केंद्रीय विधानसभा के अवतार नगर स्तिथ एक होटल मे प्रेस कांफ्रेंस करके रोड पर विवादित पोस्टर लगाये थे।जिसके बाद वीरवार शाम को भाजपा कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार का विरोध कर ज़बरदस्त नारेबाजी कल रात को बिना छपवाने, बनाने वाले के नाम के बिना लगे पोस्टर फाड दिये थे।
इस अवसर पर जिला प्रधान सुशील शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार की शह पर आप पार्टी के नेता बैखोफ होकर आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे हैं। क्यूंकि उन्हें ना तो कानून का डर है और ना ही किसी कार्यवाही का क्यूकी अभी तक चुनाव आचार सहिता लगने के बाद 24 घंटे बीतने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। हम सब भाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ लगाई गई आपत्तिजनक और गैरकानूनी शब्दावली बिल्कुल बर्दास्त नही करेंगे।
इस अवसर पर पूर्व विधायक के.डी भंडारी ने बोला पंजाबियों ने पंजाब की वर्तमान सरकार के नेतृत्व वाली पार्टी को पंजाब से चलता करने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि यह पंजाब सरकार की बोखलाहट ही है, जो आज इस नीची हरकतों पर उतर आई है। इस अवसर पर पूर्व विधायक सरबजीत सिंह मक्कड़ ने कहा आम आदमी पार्टी की इन घटनाओं से साफ हो रहा है कि आप पार्टी अपनी हार मान चुकी है।
सभी भाजपा नेताओ ने मांग की चुनाव आचार सहिता लगने के बाद तोड़ गैरकानूनी काम करने वाले मंत्री विधायक पर कारवाई कर प्रशासन सबूत दे की जालंधर मे बिनाभेदभाव के निष्पक्ष चुनाव होगा। इस मौके अमरजीत सिंह अमरी, डॉ शिव दयाल माली, रमन पब्बी, जिला महामंत्री अशोक सरीन हिक्की (एडवोकेट), अमरजीत सिंह गोल्डी, अमित तनेजा, ज़िला उपाध्यक्ष दविंदर कालिया इत्यादि उपस्थित थे।
हैरानी की बात तो यह है की अंदर ही अंदर आप और बीजेपी के नेताओं की दोस्ती किसी से छुपी नहीं है जिसके बारे में हर कोई जानता है, ऐसे में देर रात बीजेपी के नेताओं द्वारा आप के खिलाफ किया गया प्रदर्शन, और आज चुनाव अधिकारी को की गई शिकयत क्या महज एक ड्रामा है या फिर सच में बीजेपी के नेता अपनी पार्टी के प्रति अपनी ईमानदारी दिखा रहे हैं। फ़िलहाल यह सिर्फ उप-चुनावों को लेकर रचा जा रहा आप और बीजेपी का महज ड्रामा था यह सच इसका जवाब अब लोकसभा चुनावों के दौरान वोटर इन नेताओं को देंगे या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा।








































