PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 20 बच्चों को कला, संस्कृति, खेल और इनोवेशन समेत अलग-अलग क्षेत्रों में उनकी असाधारण उपलब्धियों और योगदान को पहचान देते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया। राष्ट्रपति मुर्मू ने पुरस्कार पाने वालों को अपना आशीर्वाद भी दिया।
.पंजाब के श्रवण ने की थी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सेना की मदद
फिरोजपुर के 10 साल के श्रवण को सामाजिक सेवा कैटेगरी में सम्मान मिला। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना को अपनी तरफ से दूध, चाय, छाछ और बर्फ पहुंचाई थी। उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी सोचा नहीं था कि मुझे यह अवॉर्ड मिलेगा। मुझे सैनिकों की सेवा करनी थी। राष्ट्रपति से पुरस्कार लेने के बाद उसने कहा, “यह पुरस्कार पाकर मैं बहुत खुश हूं।
वैभव सूर्यवंशी को बाल पुरस्कार
14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने खेल श्रेणी में धमाकेदार उपलब्धियां हासिल कीं हैं। U‑19 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा छक्के, लिस्ट‑A क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक, 39 साल पुराना पाकिस्तान के जहूर इलाही का रिकॉर्ड तोड़ा।
मगरमच्छ से पिता को बचाया
आगरा के 9 वर्षीय अजय राज को साहस श्रेणी में पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने लकड़ी से वार कर अपने पिता को मगरमच्छ की पकड़ से बचाया था। उनकी बहादुरी ने हजारों लोगों को प्रेरित किया।
एस्तेर यूट्यूब पर स्टार, इनके 20 मिलियन फॉलोअर
मिजोरम की 9 साल की एस्तेर लालदुहावमी हनामते को कला और संस्कृति के लिए पुरस्कार मिला। लालदुहावमी के गाए गए गीत को गृह मंत्री अमित शाह ने सराहा और उन्होंने गिटार दिया। हनामते के पिता लोहार हैं। हनामते एक यूट्यूब स्टार हैं और उनके चैनल पर 20 मिलियन फॉलोवर्स हैं।
6 वर्षीय बच्चे को बचाते हुए व्योमा ने जान दी
तमिलनाडु की 8 वर्षीय व्योमा प्रिया को मरणोपरांत बहादुरी सम्मान दिया गया। वह बच्चों के पार्क में खेलते समय एक 6 साल के लड़के को बचाने गई थीं, जिसे टूटी विद्युत केबल के संपर्क में आई स्लाइड से करंट लग रहा था। व्योमा प्रिया की मां अर्चना शिवराम कृष्ण ने यह पुरस्कार लिया। लड़के की जान बच गई, लेकिन व्योमा की मृत्यु हो गई। उनकी मां ने कहा, ‘यह सम्मान हमारे लिए गर्व और दुःख का मिश्रित पल है। काश व्योमा खुद यह पुरस्कार लेने आती।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “सभी बच्चों ने अपने परिवारों, समाज और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। इसलिए, मैं इन बच्चों के परिवार के सदस्यों को भी बधाई देती हूं। इतने अच्छे और होनहार बच्चों के लिए पुरस्कार समारोह आयोजित करने के लिए मैं महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और उनकी पूरी टीम की सराहना करती हूं।” इस दिन के महत्व के बारे में बात करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि वीर बाल दिवस हर साल 26 दिसंबर को सिख धर्म के दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटों, साहिबजादों के साहस और बलिदान का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है।
. .










































