PTB Big Political न्यूज़ नई दिल्ली : भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से चली आ रही कूटनीतिक तल्खी अब पूरी तरह से खत्म होती नजर आ रही है। हाल ही में भारत दौरे से लौटे कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कार्यशैली की जमकर तारीफ की है। उन्होंने पीएम मोदी को एक बेहद अनूठा नेता बताया है। दोनों देशों के बीच संबंधों में आए इस बड़े और सकारात्मक बदलाव के बाद,
.अब जल्द ही एक अहम व्यापारिक समझौते पर मुहर लगने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। कनाडाई पीएम ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जब प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से पीएम मोदी के साथ बिताए गए समय और उनके अनुभव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही बेबाकी से अपनी बात रखी। कार्नी ने जवाब देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी बहुत ही यूनिक व्यक्ति हैं। उन्होंने इस बात पर हैरानी और सम्मान जताया कि पीएम मोदी लगातार 25 सालों से मुख्यमंत्री और
. .प्रधानमंत्री के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं, लेकिन उन्होंने आज तक एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली है। कार्नी ने उनके काम करने की क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि हर वीकेंड पर भी वह बाहर निकलकर जनता के बीच जाते हैं और प्रचार करते हैं। गौरतलब है कि साल 2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता के बेबुनियाद आरोप लगाए थे।
.ट्रूडो के इन निराधार दावों के बाद भारत और कनाडा के कूटनीतिक संबंध अपने सबसे निचले और खराब स्तर पर पहुंच गए थे। उस दौरान दोनों देशों के बीच पैदा हुई कड़वाहट ने व्यापारिक और कूटनीतिक बातचीत को लगभग पूरी तरह से ठप कर दिया था। लेकिन अब मार्क कार्नी के नेतृत्व में कनाडा भारत के साथ एक नई और मजबूत शुरुआत कर रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की एक बेहद महत्वपूर्ण यात्रा पर थे।
. .इस दौरान दोनों देशों के बीच यूरेनियम और कई अहम खनिजों की आपूर्ति को लेकर बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इसी कड़ी में सोमवार को पीएम मोदी ने जानकारी दी थी कि कनाडा के पेंशन फंड्स ने अब तक भारत में लगभग 100 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश किया है, जो भारत की तेज आर्थिक प्रगति में उनके अटूट भरोसे को दर्शाता है। पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों का साझा लक्ष्य साल 2030 तक आपसी व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। इसके लिए जल्द ही व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को भी अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
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