PTB Big न्यूज़ पंचकूला : हरियाणा के पंचकूला जिला अदालत परिसर से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां चंडीमंदिर मिलिट्री स्टेशन में तैनात सेना के एक सेवारत लेफ्टिनेंट कर्नल के साथ वकीलों द्वारा सरेआम मारपीट और गुंडागर्दी की गई। आरोप है कि वकीलों की भीड़ ने सेना के इस वरिष्ठ अफसर को न सिर्फ बुरी तरह पीटा, बल्कि उन्हें एक चेंबर में बंधक बनाकर जबरन एक समझौते पर हस्ताक्षर भी करवा लिए।
.इस घटना के बाद पुलिस ने शुक्रवार रात आरोपी वकीलों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पीड़ित लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष चंडोक का अपनी पत्नी के साथ पिछले एक साल से विवाद चल रहा है और दोनों अलग रह रहे हैं। इसी मामले में उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ पंचकूला कोर्ट में तीन केस दर्ज कराए हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में लेफ्टिनेंट कर्नल चंडोक ने बताया कि 9 जुलाई को वह फैमिली कोर्ट की जज रेखा की अदालत में अपने केस की
. .सुनवाई के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान विरोधी पक्ष के वकील मनिंदर सिंह बिट्टा और उनके कुछ साथियों ने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। देखते ही देखते मनिंदर सिंह ने 10 से 17 अन्य वकीलों को वहां बुला लिया, जिन्होंने कोर्ट रूम के ठीक बाहर सेना के अफसर पर शारीरिक हमला कर दिया। लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष चंडोक का आरोप है कि मारपीट करने के बाद वकील मनिंदर सिंह बिट्टा और उनके साथी वकील उन्हें जबरदस्ती खींचकर एडवोकेट एन एस सोढ़ी के चेंबर
.में ले गए। वहां उन्हें बंधक बना लिया गया और दोबारा बुरी तरह पीटा गया। शिकायत के मुताबिक, वकीलों ने उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी और राजीनामे (समझौते) पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो वे उन्हें बुरी तरह मारेंगे और वहां से नहीं जाने देंगे। खौफ के उस माहौल में वकीलों ने उनसे 5-6 लाइनों के एक राजीनामे पर जबरन साइन करवा लिए, जिसे वह ठीक से पढ़ भी नहीं पाए थे।
. .हस्ताक्षर करने के बाद ही उन्हें कोर्ट परिसर से बाहर जाने की इजाजत दी गई। इस हमले के बाद जब लेफ्टिनेंट कर्नल का पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित सिविल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया, तो रिपोर्ट में उनके शरीर में गंभीर चोटों का खुलासा हुआ। मेडिकल जांच में उनकी रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से (टेलबोन) में फ्रैक्चर होने की आशंका जताई गई है। इस पूरी घटना को लेकर पंचकूला के सेक्टर 7 पुलिस स्टेशन के
एसएचओ इंस्पेक्टर राजबीर यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, गंभीर चोट पहुंचाने, आपराधिक धमकी देने और दंगा करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस डॉक्टर की रिपोर्ट और कोर्ट परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जिसके आधार पर जल्द ही आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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