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पंजाब! महिलाओं को 1 हजार नहीं मिलेंगे, 9 स्कीमों से भी कटेगा नाम, 10 लाख तक कैशलेस इलाज भी होगा केंसिल, जाने पूरा मामला

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PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : पंजाब में वोटर सूची के स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) में आपका नाम कट गया तो न 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा और न ही महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए आएंगे। इसकी वजह ये है कि इन दोनों स्कीमों के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने वोटर कार्ड जरूरी किया हुआ है।

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वहीं 7 स्कीमें ऐसी भी हैं, जिसमें वोटर कार्ड वैकल्पिक दस्तावेज के तौर पर यूज होता है। हालांकि अनऑफिशियल तौर पर इसके लिए वोटर कार्ड मांगा ही जाता है। पंजाब में SIR में जुटे एक बूथ लेवल अफसर (BLO) ने दावा किया कि वोटर लिस्ट में कई ऐसे नाम कट रहे हैं, जो अपने गृह राज्यों में SIR में इसे दर्ज करा चुके हैं। इस वजह से उनके यहां वोट काटने पड़ रहे हैं।

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अगर SIR में वोट कटा तो इन 2 स्कीमों का लाभ नहीं मिलेगा :-

मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना: इस स्कीम के तहत पंजाब सरकार महिलाओं को हर महीने रुपए देती है। इसमें जनरल वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपए प्रति माह और SC वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं। इस स्कीम में सरकार ने स्पष्ट किया है कि उन्हीं महिलाओं को लाभ मिलेगा जिनका नाम पंजाब की वोटर लिस्ट में होगा। वोटर लिस्ट से नाम कटने पर यह रकम तुरंत रोक दी जाएगी। इस स्कीम के तहत पंजाब की करीब 1 करोड़ महिलाओं को लाभ दिया जाना है।

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मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना: पंजाब सरकार इस स्कीम के तहत ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज देती है। लोग देश और राज्य के इंपेनल्ड सरकारी व निजी अस्पतालों में मिलता है। इसमें गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन, दवाइयां और टेस्ट शामिल हैं। इस योजना का ‘हेल्थ कार्ड’ बनवाने के लिए आधार कार्ड के साथ पंजाब का वोटर कार्ड लगाना 100% अनिवार्य है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मामले में उनके माता-पिता का वोटर कार्ड जांचा जाता है।

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किन 7 स्कीमों में वैकल्पिक दस्तावेज वोटर कार्ड :-

पंजाब सरकार की ऐसी 7 प्रमुख स्कीमें हैं, जिनमें वैसे तो वोटर कार्ड एकदम अनिवार्य नहीं है, लेकिन पंजाब का स्थायी निवासी साबित करने के लिए वोटर कार्ड को सबसे मजबूत और वैकल्पिक दस्तावेज माना जाता है। यदि आपके पास पंजाब का निवास प्रमाण पत्र नहीं है, तो वोटर कार्ड देकर काम चलाया जा सकता है। इन सात योजनाओं में पंजाब का निवास प्रमाण पत्र देना होता है।

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आपको बता दें कि बुजुर्ग पुरुषों (65 वर्ष+) और महिलाओं (58 वर्ष+) की आयु और पंजाब में दीर्घकालिक निवास को प्रमाणित करने के लिए वोटर कार्ड या वोटर लिस्ट को सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है। इसके तहत ₹1,500 प्रति माह की पेंशन मिलती है। इसके इलावा समाज की बेसहारा और विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिलने वाली ₹1,500 की मासिक पेंशन में पहचान और पते के विकल्प के रूप में वोटर कार्ड का प्रयोग होता है।

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वहीं अनाथ या 50% से अधिक दिव्यांगता वाले बच्चों के माता-पिता या अभिभावकों को अपनी प्रामाणिकता सिद्ध करने के लिए वोटर कार्ड देना पड़ता है। इसके साथ डिपो से सस्ते या मुफ्त अनाज की सुविधा लेने के लिए नए राशन कार्ड के आवेदन या परिवार के किसी वयस्क का नाम जोड़ने के लिए मुखिया का वोटर कार्ड एड्रेस प्रूफ बनता है। 

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अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) परिवारों की बेटियों की शादी के समय सरकार द्वारा दी जाने वाली ₹51,000 की एकमुश्त सहायता के लिए माता-पिता का पंजाब का वोटर होना एक बड़ा प्रमाण माना जाता है। पंजीकृत मजदूरों को मिलने वाली विभिन्न वित्तीय सहायताओं जैसे बच्चों की पढ़ाई के लिए वजीफा और

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चिकित्सा सहायता के लिए लेबर डिपार्टमेंट में पंजीकरण कराते समय वोटर कार्ड वैध पहचान पत्र माना जाता है। परिवार के कमाऊ मुखिया की प्राकृतिक या दुर्घटना में मृत्यु होने पर मिलने वाली ₹20,000 की एकमुश्त सहायता के लिए आवेदक का पंजाब का निवासी होना जरूरी है, जिसे वोटर कार्ड से साबित किया जा सकता है।