PTB Big न्यूज़ रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड में हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आए 6 सिख यात्रियों ने हाथों में पहने लोहे के कड़ों से 2 स्थानीय युवकों का सिर फोड़ दिया। घटना रुद्रप्रयाग की है, जहां देर रात ओवरटेकिंग को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ, जिसके बाद सिख यात्री हिंसक हो गए। उन्होंने लोहे के कड़ों से युवकों के चेहरे पर वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी वहां से भागने लगे।
.घायल युवकों ने उनका पीछा किया और सूचना मिलने पर तिलनी स्थित एक होटल में उन्हें घेर लिया। इस बीच स्थानीय लोगों को भी घटना की सूचना दे दी गई। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक तीन आरोपी फरार हो चुके थे, जबकि तीन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कराई गई, जिसके बाद दोनों पक्षों ने गले मिलकर आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर लिया।
.इसके बाद यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। इस पुरे मामले में पता चला है कि बुधवार शाम रुद्रप्रयाग के बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे सुमेरपुर क्षेत्र में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे निर्माण कार्य में कार्यरत दो स्थानीय युवक (हिमांशु भंडारी और धर्मेंद्र नेगी) अपनी ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे छह सिख यात्रियों के साथ उनकी गाड़ी को ओवरटेक करने को लेकर मामूली कहासुनी हो गई।
.इस दौरान ओवरटेकिंग का यह मामूली विवाद देखते ही देखते बेहद हिंसक मारपीट में बदल गया। छह सिख यात्रियों ने दोनों स्थानीय युवकों को अकेले पाकर उन पर हमला बोल दिया। पीड़ित युवकों के अनुसार, हमलावर यात्रियों ने अपने हाथों में पहने भारी लोहे के कड़ों से उनके चेहरों और सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले में हिमांशु और धर्मेंद्र के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी छह आरोपी यात्री पुलिस और
.स्थानीय लोगों से बचने के लिए तुरंत अपनी गाड़ियों से मौके से भाग निकले। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दोनों बहादुर युवकों ने हार नहीं मानी और हमलावरों का पीछा किया। सुराग मिलते ही उन्होंने तिलनी स्थित एक होटल में आरोपियों को ढूंढ निकाला और वहां उन्हें घेर लिया। वहीं घायल युवकों ने तुरंत इस घटना की सूचना स्थानीय ग्रामीणों को दी। जब तक भारी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो पाते,
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तब तक अंधेरे का फायदा उठाकर तीन आरोपी यात्री वहां से भागने में कामयाब रहे, जबकि बाकी बचे 3 आरोपियों को भीड़ ने मौके पर ही दबोच लिया। पकड़े गए तीनों आरोपियों को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस घायलों और तीनों हिरासत में लिए गए यात्रियों को लेकर कोतवाली पहुंची, जहां देर रात सभी का मेडिकल टेस्ट कराया गया। घटना की खबर फैलते ही रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुनील रावत,
.गौरव चौधरी और ग्रामीण वीरेंद्र रावत सहित भारी संख्या में लोग कोतवाली पहुंच गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले ही नगरासू स्थित गुरुद्वारे में भी निहंग सिखों द्वारा हंगामा किया गया था। लगातार हो रही ऐसी बाहरी विवाद की घटनाओं से स्थानीय लोगों में असुरक्षा और भारी रोष व्याप्त है। जिसके बाद रुद्रप्रयाग की SP नीहारिका तोमर ने कहा कि, मारपीट की इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
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