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जीएनए यूनिवर्सिटी ने बहुविषयक अनुसंधान एवं सतत नवाचार पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया,

GNA University organized an international conference on multidisciplinary research and sustainable innovation

PTB News “शिक्षा” : जीएनए यूनिवर्सिटी ने 8 एवं 9 अक्टूबर, 2026 को बहुविषयक अनुसंधान एवं सतत नवाचार पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, विद्वानों एवं विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य अनुसंधान के उभरते रुझानों, विभिन्न शैक्षणिक विषयों के बीच सहयोग तथा सतत विकास के लिए नवाचारपूर्ण दृष्टिकोणों पर विचार-विमर्श करना था। इस सम्मेलन को शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं की उत्साहजनक भागीदारी प्राप्त हुई। सम्मेलन में 43 विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से कुल 294 प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवाया, जिनमें दो देशों के प्रतिभागी शामिल थे।

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कुल पंजीकृत प्रतिभागियों में से 234 प्रतिभागियों ने सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन के अंतर्गत छह तकनीकी सत्रों/ट्रैकों में कुल 234 शोध पत्र स्वीकार किए गए तथा प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन के मुख्य अतिथि प्रोफेसर शिशिर सिन्हा थे, जो भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET) के महानिदेशक हैं। सम्मेलन में तीन प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। पहले दिन डॉ. थॉमस जे. वेबस्टर, जो अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्री-कॉलेज एवं स्नातक अध्ययन विभाग से संबंधित हैं, ने ऑनलाइन माध्यम से मुख्य व्याख्यान दिया।

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इसके पश्चात प्रो. एन. पी. गुलहाने ने अपने विचार प्रस्तुत किए, जो मुंबई स्थित वीरमाता जीजाबाई प्रौद्योगिकी संस्थान के इंजीनियरिंग विभाग से संबंधित हैं। सम्मेलन के दूसरे दिन प्रो. एस. बी. जोन्नालागड्डा ने मुख्य व्याख्यान दिया। वे दक्षिण अफ्रीका के डरबन स्थित क्वाज़ुलु-नटाल विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान के वरिष्ठ प्रोफेसर हैं। सम्मेलन में आमंत्रित वक्ताओं एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक समृद्ध बनाया। उन्होंने समकालीन अनुसंधान से जुड़ी चुनौतियों एवं संभावनाओं पर अपने अनुभव, विशेषज्ञता और विचार साझा किए।

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इस अवसर पर डॉ. वी. के. रतन, जीएनए यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वे केमिकल इंजीनियरिंग के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता हैं और उन्हें शिक्षण, अनुसंधान, प्रशासन तथा उद्योग के क्षेत्र में 46 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी में 20 वर्षों तक प्रोफेसर के रूप में सेवाएँ प्रदान कीं तथा छह वर्षों तक जीएनए यूनिवर्सिटी के कुलपति के रूप में कार्य किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विद्वत्तापूर्ण विचारों के आदान-प्रदान, शोध निष्कर्षों के प्रसार तथा विभिन्न शैक्षणिक विषयों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए एक सार्थक मंच प्रदान करना था। सम्मेलन की केंद्रीय विषयवस्तु में समकालीन चुनौतियों का समाधान खोजने तथा नवाचारपूर्ण, व्यावहारिक एवं सतत समाधान विकसित करने के लिए विभिन्न शैक्षणिक विषयों के ज्ञान को एकीकृत करने के महत्व पर जोर दिया गया।

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सम्मेलन के दौरान हुई चर्चाओं में उभरती हुई तकनीकी, सामाजिक, पर्यावरणीय एवं आर्थिक चुनौतियों से निपटने में सहयोगात्मक अनुसंधान की बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया। छह तकनीकी सत्रों/ट्रैकों के माध्यम से शोधकर्ताओं एवं प्रतिभागियों को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने, शैक्षणिक चर्चाओं में भाग लेने तथा अन्य विद्वानों से महत्वपूर्ण सुझाव एवं प्रतिक्रिया प्राप्त करने के अवसर मिले। विभिन्न संस्थानों एवं देशों से आए शोधकर्ताओं की भागीदारी ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया तथा ज्ञान साझा करने और भविष्य में शैक्षणिक सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के अवसर उपलब्ध करवाए।

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यह सम्मेलन जीएनए यूनिवर्सिटी प्रबंधन की अनुसंधान संस्कृति को सुदृढ़ करने, शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा बहुविषयक सहभागिता के माध्यम से नवाचार को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सम्मेलन माननीय सरदार गुरदीप सिंह सिहरा, चांसलर, जीएनए यूनिवर्सिटी; आदरणीया सुश्री जसलीन सिहरा, प्रो-चांसलर; सम्माननीय डॉ. हेमंत शर्मा, वाइस चांसलर; डॉ. कुनाल बैंस, डिप्टी रजिस्ट्रार; तथा डॉ. मोनिका हंसपाल, डीन एकेडमिक्स, जीएनए यूनिवर्सिटी के कुशल मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं अथक प्रयासों के कारण अत्यंत सफल रहा। विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत विद्वानों को एक मंच पर लाकर इस आयोजन ने सतत विकास एवं सामाजिक प्रगति में योगदान देने वाले ज्ञान के सृजन में उच्च शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका को और अधिक सुदृढ़ किया।

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इस सम्मेलन का सफल आयोजन अनुसंधान-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने, शैक्षणिक नेटवर्किंग को बढ़ावा देने तथा विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों एवं व्यापक विद्वत समुदाय के बीच सार्थक सहयोग के अवसर सृजित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय आयोजन समिति एवं सम्मेलन के संयोजक डॉ. नीरज चौधरी, सम्मेलन सचिव डॉ. योगेश भल्ला, सभी डीन, विभागाध्यक्षों तथा संकाय सदस्यों के समर्पित प्रयासों को जाता है। इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के माध्यम से जीएनए यूनिवर्सिटी बौद्धिक विचार-विमर्श एवं अनुसंधान निष्कर्षों के प्रसार के लिए निरंतर मंच प्रदान कर रही है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य नवाचारपूर्ण विचारों को प्रोत्साहित करना तथा समकालीन वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सतत एवं प्रभावी उपायों के विकास में योगदान देना है।

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